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नोटबंदी के खिलाफ भारत बंद आज...
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:34 PM IST
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विधायक एवं इनेलो नेता बलवान सिंह दौलतपुरिया ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रधानमंत्री के नोट बंदी के फैसले के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और इनेलो के भारत बंद को लेकर फतेहाबाद में संशय की स्थिति है। विपक्षी होने के नाते दो प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों ने तो साफ कहा है कि ये फैसला जनता के विवेक पर छोड़ते हैं कि बंद के दौरान बाजार की दुकानें बंद की जाएं या नहीं। जबकि फतेहाबाद के दो प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने भारत बंद में भाग लेने से साफ इंकार किया है। कांग्रेस के एक नेता ने पार्टी के फैसले की बात कही तो सत्तारूढ़ पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने इसे महज राजनीति बताकर दुकानदारों से आह्वान किया कि वे पहले से दो घंटे तक ज्यादा दुकानें खुली रखें।
व्यापारी और आम वर्ग सरकार से परेशान: दौलतपुरिया
पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोट बंदी का फैसला लिया था, तब से लेकर आज तक कांग्रेस और इनेेलो भाजपा व सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। लोगों के नोट बदलने और कतारों की आड़ लेकर कांग्रेस और इनेलो ने भारत बंद को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इस बारे में अमर उजाला ने वर्तमान विधायक और इनेलो के वरिष्ठ नेता बलवान सिंह दौलतपुरिया से बंद के बारे में पूछा तो उनका साफ कहना था कि व्यापारी और आम वर्ग सरकार से परेशान है। उन्होंने दुकानदारों से दुकानें बंद करने की अपील की हुई है, लेकिन वे जबरदस्ती बाजार में जाकर दुकानें बंद नहीं कराएंगे। उन्होंने कहा कि ये फैसला जनता के विवेक पर है कि वो बंद को समर्थन दे या नहीं। ===============
मोदी सरकार का फैसला जनता के हित में नहीं: दुड़ाराम
पूर्व सीपीएस एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दुड़ाराम ने भी कहा कि जबरदस्ती बंद के लिए वो लोगों को नहीं कहेंगे। अगर जनता समझती है कि फैसला जनता के खिलाफ है तो उन्हें बंद करना चाहिए। उन्होंने भी दुकानदारों से विवेक के अनुसार चलने की बात कही। जबकि पूर्व सीपीएस प्रह्लाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने इसे पार्टी का आदेश मानते पार्टी के साथ चलने की बात कही। गिल्लाखेड़ा ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जनता के हित में नहीं है, इसलिए वे बाजारों में जाकर दुकानदारों से बंद की अपील करेंगे।
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प्रधान बोले-अनाज मंडी के व्यापारी नहीं लेंगे बंद में हिस्सा
सबसे बड़ी बात है कि व्यापारिक संगठनों ने सोमवार के प्रस्तावित भारत बंद को पूरी तरह से नकार दिया है। अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान प्रेम मित्तल ने कहा है कि सोमवार को दुकानें भी खुलेंगी, बोली भी होगी और अन्य काम भी सामान्य दिनों की तरह होगा।
उन्होंने साफ किया कि अनाज मंडी के व्यापारी बंद में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अभी तक उनके पास बंद का समर्थन का मांगने के लिए कोई भी विपक्षी दल नहीं आया। शहरी व्यापारमंडल के प्रधान आत्मप्रकाश मेहता ने भी बंद में नहीं हिस्सा लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को आम दिनों की तरह दुकानें खुलेंगी और दुकानदार विपक्षियों की भ्रामक बातों में नहीं आएंगे।
व्यापारी और आम वर्ग सरकार से परेशान: दौलतपुरिया
पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोट बंदी का फैसला लिया था, तब से लेकर आज तक कांग्रेस और इनेेलो भाजपा व सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। लोगों के नोट बदलने और कतारों की आड़ लेकर कांग्रेस और इनेलो ने भारत बंद को समर्थन देने की घोषणा कर दी। इस बारे में अमर उजाला ने वर्तमान विधायक और इनेलो के वरिष्ठ नेता बलवान सिंह दौलतपुरिया से बंद के बारे में पूछा तो उनका साफ कहना था कि व्यापारी और आम वर्ग सरकार से परेशान है। उन्होंने दुकानदारों से दुकानें बंद करने की अपील की हुई है, लेकिन वे जबरदस्ती बाजार में जाकर दुकानें बंद नहीं कराएंगे। उन्होंने कहा कि ये फैसला जनता के विवेक पर है कि वो बंद को समर्थन दे या नहीं। ===============
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मोदी सरकार का फैसला जनता के हित में नहीं: दुड़ाराम
पूर्व सीपीएस एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दुड़ाराम ने भी कहा कि जबरदस्ती बंद के लिए वो लोगों को नहीं कहेंगे। अगर जनता समझती है कि फैसला जनता के खिलाफ है तो उन्हें बंद करना चाहिए। उन्होंने भी दुकानदारों से विवेक के अनुसार चलने की बात कही। जबकि पूर्व सीपीएस प्रह्लाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने इसे पार्टी का आदेश मानते पार्टी के साथ चलने की बात कही। गिल्लाखेड़ा ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जनता के हित में नहीं है, इसलिए वे बाजारों में जाकर दुकानदारों से बंद की अपील करेंगे।
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प्रधान बोले-अनाज मंडी के व्यापारी नहीं लेंगे बंद में हिस्सा
सबसे बड़ी बात है कि व्यापारिक संगठनों ने सोमवार के प्रस्तावित भारत बंद को पूरी तरह से नकार दिया है। अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान प्रेम मित्तल ने कहा है कि सोमवार को दुकानें भी खुलेंगी, बोली भी होगी और अन्य काम भी सामान्य दिनों की तरह होगा।
उन्होंने साफ किया कि अनाज मंडी के व्यापारी बंद में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अभी तक उनके पास बंद का समर्थन का मांगने के लिए कोई भी विपक्षी दल नहीं आया। शहरी व्यापारमंडल के प्रधान आत्मप्रकाश मेहता ने भी बंद में नहीं हिस्सा लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को आम दिनों की तरह दुकानें खुलेंगी और दुकानदार विपक्षियों की भ्रामक बातों में नहीं आएंगे।