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शहर और गांव पसीना-पसीना, अफसर कार्यालय से नदारत
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Wed, 11 May 2016 11:55 PM IST
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नारेबाजी करते कर्मचारी।
- फोटो : bureau
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मंगलवार रात 10 बजे के बाद बिजली कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए। इसके बाद पूरा महकमा रामभरोसे हो गया। वहीं मंगलवार शाम को शुरू हुई आंधी ने आम जनता की दिक्कतें और बढ़ा दी। इससे शहर और गांव में सप्लाई बाधित रही। शहर के हुडा सेक्टर, डीएसपी रोड, संन्यास आश्रम रोड पर सात घंटे तक सप्लाई सुचारु नहीं हो पाई। कमोवेश यही हाल एक दर्जन गांवों का भी रहा, जहां 12 घंटे बाद भी सप्लाई नहीं आई।
कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के दौरान कुछ अजब-गजब नजारे भी दिखाई दिए। गांव और शहर के कई इलाकों में जहां लोग पसीना बहा रहे थे वहीं लघु सचिवालय के कई कार्यालयों में एयरकंडीशनर फिजूल चलते नजर आए। बुधवार दोपहर को डीआईओ एनआईसी तथा अधीक्षक के कार्यालय में एसी फिजूल चल रहे थे जबकि अधिकारी कार्यालयों में मौजूद नहीं थे।
गौरतलब है कि 23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इस विरोध में फतेहाबाद के 775 बिजली कर्मचारी भी शामिल रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद संबंधित सबस्टेशन के कार्यकारी अभियंता और एसडीओ ने कमान संभाली। सब डिवीजनों में पूर्व सैनिकों को भी देखभाल के लिए बैठाया गया था।
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शिकायत केंद्रों पर बजते रहे फोन
शहर के हुडा सेक्टर, डीएसपी रोड पर मंगलवार शाम को फाल्ट आने पर बिजली सप्लाई बाधित हो गई। इस दौरान लोग शिकायत केंद्रों पर फोन करते रहे लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। रात को लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए एसडीओ व जेई ने खुद संज्ञान लिया और रात साढ़े 12 बजे सप्लाई बहाल हुई। इसके अलावा आंधी के चलते गांव बरसीन, बीसला, भिरड़ाना, हिजरावां में भी रात को बाधित हुई सप्लाई बुधवार शाम तक बहाल नहीं हो पाई थी।
नहीं भरे गए बिल
निजीकरण के विरोध में क्लरिकल स्टाफ भी छुट्टी पर रहा। इसके चलते कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा। हड़ताल के चलते बुधवार को कैश काउंटर भी बंद रहे और उपभोक्ता बिजली के बिल नहीं भर सके।
अधिकारियों का दावा नहीं आई कोई समस्या
कच्चे और ठेके पर लगे कर्मचारियों की मदद से शिकायतों को निपटा दिया गया था। अधिकारी सबस्टेशनों में देखरेख खुद करते रहे। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी।
-दलवीर सिंह, एसडीओ ग्रामीण
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कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के दौरान कुछ अजब-गजब नजारे भी दिखाई दिए। गांव और शहर के कई इलाकों में जहां लोग पसीना बहा रहे थे वहीं लघु सचिवालय के कई कार्यालयों में एयरकंडीशनर फिजूल चलते नजर आए। बुधवार दोपहर को डीआईओ एनआईसी तथा अधीक्षक के कार्यालय में एसी फिजूल चल रहे थे जबकि अधिकारी कार्यालयों में मौजूद नहीं थे।
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गौरतलब है कि 23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इस विरोध में फतेहाबाद के 775 बिजली कर्मचारी भी शामिल रहे। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद संबंधित सबस्टेशन के कार्यकारी अभियंता और एसडीओ ने कमान संभाली। सब डिवीजनों में पूर्व सैनिकों को भी देखभाल के लिए बैठाया गया था।
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शिकायत केंद्रों पर बजते रहे फोन
शहर के हुडा सेक्टर, डीएसपी रोड पर मंगलवार शाम को फाल्ट आने पर बिजली सप्लाई बाधित हो गई। इस दौरान लोग शिकायत केंद्रों पर फोन करते रहे लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। रात को लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए एसडीओ व जेई ने खुद संज्ञान लिया और रात साढ़े 12 बजे सप्लाई बहाल हुई। इसके अलावा आंधी के चलते गांव बरसीन, बीसला, भिरड़ाना, हिजरावां में भी रात को बाधित हुई सप्लाई बुधवार शाम तक बहाल नहीं हो पाई थी।
नहीं भरे गए बिल
निजीकरण के विरोध में क्लरिकल स्टाफ भी छुट्टी पर रहा। इसके चलते कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा। हड़ताल के चलते बुधवार को कैश काउंटर भी बंद रहे और उपभोक्ता बिजली के बिल नहीं भर सके।
अधिकारियों का दावा नहीं आई कोई समस्या
कच्चे और ठेके पर लगे कर्मचारियों की मदद से शिकायतों को निपटा दिया गया था। अधिकारी सबस्टेशनों में देखरेख खुद करते रहे। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी।
-दलवीर सिंह, एसडीओ ग्रामीण