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सीरियस नवजात शिशु नहीं होगा रेफर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sat, 16 Apr 2016 12:29 AM IST
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अस्पताल
- फोटो : fatehabad
फतेहाबाद वासियों के लिए अच्छी खबर है। अब सीरियस नवजात बच्चों को हिसार या फिर रोहतक पीजीआई ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें अब सिविल अस्पताल की नर्सरी में ही उपचार मिल सकेगा। डी प्लान के तहत सिविल अस्पताल को नियो नेटल वेंटिलेटर मिल गया है। वेंटिलेटर नर्सरी में पहुंच गया है और डाक्टरों को ट्रेनिंग देने के बाद इसका काम शुरू हो जाएगा। अब तक सीरियस व सांस की तकलीफ के बच्चों को अग्रोहा रेफर किया जाता है।
सिविल अस्पताल में नवजात बच्चों को वजन व सांस की तकलीफ के चलते हिसार या फिर रोहतक रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन से वेंटिलेटर के लिए बजट की मांग की थी। पिछले साल प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई थी। इसी साल 9 लाख रुपये के करीब बजट पास कर दिया गया। इसके बाद मशीन की खरीद के लिए कमेटी बनाई गई, जिसमें जिला राजस्व अधिकारी विजेंद्र भारद्वाज, डॉ. सुभाष, डॉ. वरुण मुंजाल बाल रोग विशेषज्ञ, राजेश इंजीनियर बायोमेडिकल को शामिल किया गया। अब वेंटिलेटर सिविल अस्पताल की नर्सरी में पहुंच चुका है।
प्राइवेट अस्पताल कूटते हैं चांदी
वेंटिलेटर की सुविधा वैसे तो फतेहाबाद के प्राइवेट अस्पतालों में भी है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में फीस अधिक है। फतेहाबाद के सिविल अस्पताल से रैफर होने पर नवजात बच्चे रास्ते में दम भी तोड़ जाते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मुंजाल के अनुसार वेंटिलेटर सुविधा न होने के कारण बच्चे को हिसार या फिर रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। यह सुविधा सिविल अस्पताल में शुरू होने से काफी लाभ पहुंचेगा।
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वेंटिलेटर मशीन आ चुकी है। कंपनी की तरफ से इसे इंस्टॉल किया जाना है। डाक्टरों की स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। उम्मीद है जल्द वेंटिलेटर का काम शुरू हो जाएगा।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन फतेहाबाद
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सिविल अस्पताल में नवजात बच्चों को वजन व सांस की तकलीफ के चलते हिसार या फिर रोहतक रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन से वेंटिलेटर के लिए बजट की मांग की थी। पिछले साल प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई थी। इसी साल 9 लाख रुपये के करीब बजट पास कर दिया गया। इसके बाद मशीन की खरीद के लिए कमेटी बनाई गई, जिसमें जिला राजस्व अधिकारी विजेंद्र भारद्वाज, डॉ. सुभाष, डॉ. वरुण मुंजाल बाल रोग विशेषज्ञ, राजेश इंजीनियर बायोमेडिकल को शामिल किया गया। अब वेंटिलेटर सिविल अस्पताल की नर्सरी में पहुंच चुका है।
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प्राइवेट अस्पताल कूटते हैं चांदी
वेंटिलेटर की सुविधा वैसे तो फतेहाबाद के प्राइवेट अस्पतालों में भी है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में फीस अधिक है। फतेहाबाद के सिविल अस्पताल से रैफर होने पर नवजात बच्चे रास्ते में दम भी तोड़ जाते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मुंजाल के अनुसार वेंटिलेटर सुविधा न होने के कारण बच्चे को हिसार या फिर रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता है। यह सुविधा सिविल अस्पताल में शुरू होने से काफी लाभ पहुंचेगा।
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वेंटिलेटर मशीन आ चुकी है। कंपनी की तरफ से इसे इंस्टॉल किया जाना है। डाक्टरों की स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। उम्मीद है जल्द वेंटिलेटर का काम शुरू हो जाएगा।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन फतेहाबाद