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42 साल बाद शहर की सीमा बढ़ाने की तैयारी में नगर परिषद
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:11 PM IST
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फतेहाबाद शहर की मौजूदा सीमा पर लगा नगरपरिषद का स्वागत द्वार ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर परिषद शहर की सीमा बढ़ाने की तैयारियों में जुट गई है। नगर परिषद की आगामी बैठक में इस बाबत औपचारिक प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसकी पुष्टि नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने की है। अगर ऐसा होता है तो 1974 के बाद फतेहाबाद शहर का औपचारिक विस्तार होगा। हालांकि तीन जनवरी 2013 में सरकार की ओर से हदबंदी बढ़ाने का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन लाया गया था, लेकिन इसके बाद ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। बीते साल दिसंबर में सीएम मनोहर लाल की फतेहाबाद जनसभा के दौरान भी मांग को उठाने की बात आई थी, लेकिन सीएम ने उस समय इसका ऐलान नहीं किया था। इसी के बाद से तय हो गया था कि नगर परिषद इसे नगर परिषद की बैठक में बाकायदा प्रस्ताव लाकर सीधे रास्ते से ही सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजेगी। 42 साल पुरानी हदबंदी होने के कारण सरकार द्वारा फतेहाबाद शहर की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देना लगभग तय ही माना जा रहा है।
इन इलाकों को शहर की सीमा में शामिल करने की है योजना
नगर परिषद सूत्रों की मानें तो विभाग शहर की सीमा बढ़ाने के अपने प्रस्ताव में गांव भोड़ियाखेड़ा, आजाद नगर, मताना गांव, बीघड़ रोड पर डीएवी स्कूल, सिरसा रोड पर नई अतिरिक्त अनाजमंडी, हिसार रोड पर सोमा पार्ट टू तक शहर की सीमा ले जाने का इच्छुक है। अगर ऐसा होता है तो फतेहाबाद ब्लॉक से भोड़ियाखेड़ा, आजाद नगर, मताना गांव की पंचायतें समाप्त होनी तय हैं। फतेहाबाद में नई वार्डबंदी इसी प्लान से ही की गई है। पहले शहर में 21 वार्ड थे। नई वार्डबंदी के बाद शहर में अब 25 वार्ड हो गए हैं। अगर शहर की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वार्डों की संख्या और भी अधिक हो सकती है।
हदबंदी बढ़ने से ये होंगे फायदे
शहर में नगर परिषद की सीमा बढ़ने से आम जनता को काफी फायदा होगा। शहर की सीमा के बाहर पड़े प्लॉटों पर निर्माण के लिए पहले सीएलयू या जिला नगर योजनाकार विभाग की अनुमति की जरूरत पड़ती थी। नगर परिषद की सीमा बढ़ने की सूरत में ये प्लॉट नप सीमा के तहत आ जाएंगे। ऐसे में प्लॉटों पर नक्शा पास कराकर निर्माण कराया जा सकेगा। इसके अलावा इन क्षेत्रों का विकास भी शहर के बाकी हिस्सों की तर्ज पर किया जाएगा। इसमें सीवरेज, बिजली, सड़क, पेयजल आदि की भी पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा सकेंगी।
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पंचायतें कर सकती हैं ऐतराज
नगर परिषद के मौजूदा प्रस्ताव में नगर परिषद की सीमा में तीन पंचायतों का विलय शामिल हैं। ऐसी स्थिति में भोड़ियाखेड़ा, आजादनगर, और मताना गांव की पंचायत नगर परिषद में विलय के प्रस्ताव को चैलेेंज कर सकती हैं। भूना नपा मामले में जिला प्रशासन को ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा था। भूना पहले पंचायत थी। लेकिन बाद में इसे नगर पालिका का दर्जा दिया गया, जिसे अदालत में चुनौती दी गई। हालांकि बाद में जिला प्रशासन केस को जीतने में सफल रहा और नपा का स्टेटस बरकरार रहा।
लाया जा सकता है प्रस्ताव
शहर की सीमा 1974 के बाद से नहीं बढ़ाई गई है। 2013 में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन हुआ था ,लेकिन इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा। पार्षद चाहेंगे तो बैठक में नप सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। -एचके शर्मा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
सीमा बढ़ाने के लिए प्रयासरत
हम शहर की सीमा बढ़ाने को लेकर गंभीर हैं। इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। उम्मीद है कि नगर परिषद की अगली बैठक में इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। जिसे पास कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। -दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष, फतेहाबाद ।
इन इलाकों को शहर की सीमा में शामिल करने की है योजना
नगर परिषद सूत्रों की मानें तो विभाग शहर की सीमा बढ़ाने के अपने प्रस्ताव में गांव भोड़ियाखेड़ा, आजाद नगर, मताना गांव, बीघड़ रोड पर डीएवी स्कूल, सिरसा रोड पर नई अतिरिक्त अनाजमंडी, हिसार रोड पर सोमा पार्ट टू तक शहर की सीमा ले जाने का इच्छुक है। अगर ऐसा होता है तो फतेहाबाद ब्लॉक से भोड़ियाखेड़ा, आजाद नगर, मताना गांव की पंचायतें समाप्त होनी तय हैं। फतेहाबाद में नई वार्डबंदी इसी प्लान से ही की गई है। पहले शहर में 21 वार्ड थे। नई वार्डबंदी के बाद शहर में अब 25 वार्ड हो गए हैं। अगर शहर की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वार्डों की संख्या और भी अधिक हो सकती है।
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हदबंदी बढ़ने से ये होंगे फायदे
शहर में नगर परिषद की सीमा बढ़ने से आम जनता को काफी फायदा होगा। शहर की सीमा के बाहर पड़े प्लॉटों पर निर्माण के लिए पहले सीएलयू या जिला नगर योजनाकार विभाग की अनुमति की जरूरत पड़ती थी। नगर परिषद की सीमा बढ़ने की सूरत में ये प्लॉट नप सीमा के तहत आ जाएंगे। ऐसे में प्लॉटों पर नक्शा पास कराकर निर्माण कराया जा सकेगा। इसके अलावा इन क्षेत्रों का विकास भी शहर के बाकी हिस्सों की तर्ज पर किया जाएगा। इसमें सीवरेज, बिजली, सड़क, पेयजल आदि की भी पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा सकेंगी।
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पंचायतें कर सकती हैं ऐतराज
नगर परिषद के मौजूदा प्रस्ताव में नगर परिषद की सीमा में तीन पंचायतों का विलय शामिल हैं। ऐसी स्थिति में भोड़ियाखेड़ा, आजादनगर, और मताना गांव की पंचायत नगर परिषद में विलय के प्रस्ताव को चैलेेंज कर सकती हैं। भूना नपा मामले में जिला प्रशासन को ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा था। भूना पहले पंचायत थी। लेकिन बाद में इसे नगर पालिका का दर्जा दिया गया, जिसे अदालत में चुनौती दी गई। हालांकि बाद में जिला प्रशासन केस को जीतने में सफल रहा और नपा का स्टेटस बरकरार रहा।
लाया जा सकता है प्रस्ताव
शहर की सीमा 1974 के बाद से नहीं बढ़ाई गई है। 2013 में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन हुआ था ,लेकिन इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा। पार्षद चाहेंगे तो बैठक में नप सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। -एचके शर्मा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
सीमा बढ़ाने के लिए प्रयासरत
हम शहर की सीमा बढ़ाने को लेकर गंभीर हैं। इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। उम्मीद है कि नगर परिषद की अगली बैठक में इसके लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। जिसे पास कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। -दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष, फतेहाबाद ।