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सरकार ने कॉटन इंडस्ट्री की नहीं मानी बात तो होंगे पलायन पर मजबूर : राजकुमार
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Wed, 26 Oct 2016 11:50 PM IST
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हरियाणा सरकार कॉटन इंडस्ट्रीज की मांगें नहीं मानती तो वे पलायन को मजबूर होंगे, जिससे प्रदेश में व्यापार का स्तर गिर जाएगा । यह बात इंडियन नेशनल काटन एसोसिएशन के डायरेक्टर और फिक्की सदस्य राजकुमार बाबी ने रतिया रोड स्थित तिलक कॉटन इंडस्ट्री में प्रेस वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि कॉटन व्यापारी पिछले नौ दिनों से मांगो को लेकर हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार द्वारा मेक इन इंडिया और डिजीटल इंडिया बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा सरकार 80 लाख क्विंटल कॉटन की मार्केट फीस और एचआरडीएफ जमा करवाने का दबाव डाल रही है। इससे कॉटन के व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा और व्यापारी प्रदेश से पलायन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
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गलत नीतियों से व्यापार चलाना मुश्किल
राजकुमार बाबी ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार गुड़गांव जैसे बडे़ शहरों में बैठकें आयोजित कर विदेशियों को हरियाणा में व्यापार करने के लिए निमंत्रण दे रही है वहीं, दूसरी ओर हरियाणा के व्यापारी सरकारी गलत नीतियों के चलते उनका प्रदेश में व्यापार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। सरकार द्वारा मार्केट फीस 1.60 से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दी गई ह्रै, जबकि देश के किसी भी राज्य में 1.60 प्रतिशत से ज्यादा मार्केट फीस नहीं है। अगर सरकार द्वारा लक्ष्य निर्धारित करना है तो अधिकारियों पर किया जाना चाहिए।
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उन्हें कपास की मात्रा का लक्ष्य दिया जाना चाहिए, जिससे सरकार को भी लाभ पहुंचेगा, व्यापारी व किसान वर्ग भी लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि जीरो प्रतिशत टैक्स करके व्यापारी वर्ग को जरूर नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसान को भी लाभ नहीं मिल पाया है।