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निगरानी कमेटी ने जांचा इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:15 PM IST
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गांव भोड़िया खेड़ा स्थित स्टेडियम में निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम में लगाए जा रहे मैटेरियल की गुणवत्ता घटिया होने की जानकारी मिलने पर भाजपा निगरानी कमेटी के सदस्य धनंजय अग्रवाल ने कमेटी के सदस्यों के साथ मौका-मुआयना किया। टीम ने आईटीआई के एक्सपर्ट की मदद से लगाए गए मेटल और वुडन मैटेरियल की गुणवत्ता की जांच कराई। इस संबंध में उनके द्वारा संबंधित पंचायती राज विभाग के जेई मानसिंह को भी मौके पर आने को कहा, लेकिन उन्होंने बाहर होने की बात कहकर मौके पर आने में असमर्थता जताई। इस संबंध में निगरानी कमेटी सदस्यों ने किए जा रहे गोलमाल की जानकारी उच्चाधिकारियों व सीएम ऑफिस तक पहुंचाकर जांच कराने की बात कही।
भाजपा निगरानी कमेटी के सदस्य धनंजय अग्रवाल को गांव भोड़िया खेड़ा के स्टेडियम में निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम में घटिया स्तर का मैटेरियल लगाकर गोलमाल करने की जानकारी मिली। अग्रवाल ने निगरानी कमेटी के राजेंद्र सिंह पूर्व बीडीपीओ, अनिल सिहाग, सत्यारावल व विशेष रूप से भाजपा के जगदीश शर्मा व गोपीराम गढ़वाल को साथ लेकर मौके पर लगाए जा रहे मैटेरियल की जांच की। मैटेरियल सही न होने के शक पर उन्होंने आईटीआई के एक्सपर्ट अनूप सिंह व वुडन एक्सपर्ट धर्मवीर जांगड़ा को मौके पर बुलवाकर मैटेरियल की जांच करवाई। जांच में सामने आया कि जहां वुडन फर्श में लगाई जाने वाली वुडन का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा वहीं उनमें दीमक न लगे तो उसके लिए दवा का पूरा इस्तेमाल नहीं किया गया।
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कमेटी सदस्यों ने बताया कि लगाई गई टाइलें शुभारंभ होने से पहले ही उखड़नी शुुरू हो गई हैं। स्टेडियम की फाल्स सीलिंग भी उखड़नी शुरू हो गई है। निमार्ण कार्य पर असंतोष जताते हुए निगरानी कमेटी के सदस्यों ने इस मामले में कार्रवाई कराने की बात कही। इस बारे में निगरानी कमेटी के सदस्यों द्वारा संबंधित पंचायती राज विभाग के जेई को सूचना दी गई थी तथा मौके पर आने के बारे में कहा गया तो उन्होंने शहर से बाहर होने की बात कहकर मौके पर आने में असमर्थता जताई।
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निगरानी कमेटी के सदस्यों ने कहा कि ठेकेदार द्वारा विभाग के जिन अधिकारियों के साथ मिलकर गोलमाल किया जा रहा था उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी तथा जब तक सही मैटेरियल नहीं लगाया जाता ठेकेदार का भुगतान भी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पुन: एक्सपर्ट की टीम के साथ जांच की जाएगी।