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तीन दिन बैंक की छुट्टी, कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 10 Dec 2016 12:43 AM IST
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बैंकों में कैश की कमी के चलते कर्मचारियों को अब तक जहां वेतन नहीं मिल पाया है वहीं रिटायर्ड कर्मचारियों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी परेशानी को लेकर सर्व कर्मचारी संघ और रिटायर्ड कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भारतीय स्टेट बैंक फतेहाबाद के मैनेजर से मिला और उन्हें कर्मचारियों की परेशानियों से अवगत कराया। मैनेजर ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि बैंक में कैश है ही नहीं और आगे भी तीन दिन तक छुट्टी है। ऐसे में कर्मचारियों को एक सप्ताह तक कैश मिलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। बैंक से निराशा हाथ लगने के बाद प्रतिनिधिमंडल लघुसचिवालय जाकर उपायुक्त से मिला और समस्या से अवगत कराया।
कर्मचारी शिष्टमंडल ने डीसी को बताया कि बैंक से कैश न मिलने के कारण कर्मचारियों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने, फल, सब्जी, किरयाणा, दूध इत्यादि के भुगतान को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को बैंक से ही बात करने को कहा।
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सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूप सिंह भड़ोलांवाली और पूर्व प्रधान बेगराज ने बताया कि सरकार एक ओर जहां नए-नए आदेश जारी कर कैशलेस की बात कह रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है।
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सरकार ने कभी 24 हजार तो कभी 10 हजार रुपये देने की बात कही थी, लेकिन सरकार के आदेशों के बावजूद कर्मचारी बैंकों की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमाम कच्चे कर्मचारी, पार्टटाइम, ठेका, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, आशा वर्कर, चतुर्थ श्रेणी सहित सभी को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि अपने खून और पसीने की कमाई का पैसा भी हम बाजार में अपनी जरूरतों अनुसार नहीं निकाल सकते।
मजदूर, किसान, रेहड़ी, रिक्शा, दिहाड़ीदारों का तो ओर भी ज्यादा बुरा हाल है। सर्दी के मौसम में बच्चों को गर्म कपड़े दिलवाना अतीत की बात हो गई है जिस कारण बच्चे भी ठंड में ठिठुर रहे हैं। मौजूदा स्थिति को देखकर लगता है कि जल्द ही हालात सुधरने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते हालात ठीक नहीं हुए तो कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। शिष्टमंडल में पृथ्वी सिंह काकड़, रघुनाथ मेहता, रमेश तुषामड़, पवन कड़वा, सुरजीत दुसाद, बलबीर सिंह, हरिकिशन कंबोज, रमेश कंबोज शामिल थे।