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3 साल बाद भी अतिरिक्त अनाज मंडी का निर्माण अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:12 PM IST
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सुरेंद्र असीजा। सिरसा रोड पर अतिरिक्त अनाज मंडी में इस सीजन में भी धान की खरीद नहीं हो पाएगी। मार्केट कमेटी के अधिकारी कितना भी दावा करें लेकिन हालात बता रहे हैं कि किसानों का धान उतारना तो दूर की बात, मंडी के नजदीक लाना भी असंभव है। इस अतिरिक्त अनाज मंडी की चारदीवारी भी अब तक पूरी नहीं हो सकी है और ना ही मंडी की जगह पर अब तक कोई शेड बना है और ना ही कोई सड़क। हालात ये हैं कि मंडी की सौ एकड़ जगह पर चारों ओर या तो मिट्टी बिछी है या फिर बजरी। पूरी सड़क कहीं भी नजर नहीं आ रही। ऐसे में धान की आवक और उठान कैसे होगा, ये समझ से परे है। अमर उजाला ने वीरवार को मौके पर जाकर अतिरिक्त अनाज मंडी का जायजा लिया, जहां पर कुछ कर्मचारी सड़क पर पत्थर बिछाने की तैयारी में दिखे। अतिरिक्त अनाज मंडी के निर्माण के कार्य को लेकर मार्केट कमेटी सचिव पूरा होने की बात भी करते हैं और साथ ही इस मुद्दे को अखबार में उठाने से रोकते भी दिखते हैं।
भट्टू रोड पर अनाज मंडी पांच दशक पुरानी
भट्टू रोड स्थित अनाज मंडी लगभग 5 दशक पुरानी है। इन पांच दशकों में जिले में कृषि क्षेत्र का रकबा बढ़ा तो उत्पादन भी बढ़ा। अधिक भीड़ और आवाजाही से यहां की अनाज मंडी छोटी पड़ गई, जिस कारण धान, नरमा आदि मुख्य फसलों के समय मंडी और इसके आसपास जाम की स्थिति रहती है। लोगों की मांग को देखते पूर्व सरकार ने 100 एकड़ जगह का अधिग्रहण किया और 10 अप्रैल 2013 को यहां अतिरिक्त अनाज मंडी बनाने के लिए शिलान्यास किया गया। जमीन के एवज में करीब 99 करोड़ का मुआवजा किसानों को दिया गया। मार्केटिंग बोर्ड के अनुसार अनाज मंडी एक साल में तैयार हो जानी चाहिए थी।
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इसमें किसानों के लिए शेड, फसल रखने के लिए फड़, प्लेटफार्म के साथ पार्किंग, शौचालय, किसान विश्राम गृह और किसान बाजार बनाए जाने प्रस्तावित थे। इस मंडी में दुकानदारों को दुकानें और बूथ भी अलाट किए जाने हैं। लेकिन अभी तक ना तो सड़क बनी है और ना ही लाइट। इतना ही नहीं, अब तक ना प्लेटफार्म बन सका है और ना ही पार्किंग। दुकानें, शौचालय तो बहुत दूर की बात है। मंडी निर्माण के नाम पर सिर्फ कंक्रीट और टाइलें बिछा दी गई हैं, वो भी आधी-अधूरी।
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शहर में फसल आई तो जगह-जगह होंगे परेशानी
फतेहाबाद पैडी बेल्ट के नाम से विख्यात है। यहां पर धान की काफी पैदावार होती है। इस बार 90 हजार हेेक्टेयर भूमि पर धान की बिजाई की गई है। मौसम के हिसाब से इस बार धान की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। साथ ही 65 हजार हेक्टेयर भूमि में नरमे की बिजाई की गई है। दोनों ही फसलों के बाजार में आने का एक ही समय है। अक्तूबर के पहले हफ्ते में दोनों फसलें मंडी में आनी शुरू हो जाती है। अनाज मंडी छोटी होने से यहां हाइवे पर सब्जी मंडी, मॉडल टाउन और हुडा सेक्टर के रिहाइशी क्षेत्र, निजी फैक्ट्रियों के अलावा हाइवे के किनारों पर भी धान अनलोड कर दिया जाता है। इतना ही नहीं, इसका तोल भी इन्हीं जगहों पर लगता है जिस कारण बाकी सारे काम प्रभावित होता है। शहर के अंदर वाहनों का आवागमन भी प्रभावित होता है।
धान के मौसम में जब धान को जब पंखा लगाते हैं तो पूरे शहर में फांक और धूल फैल जाती है जिस कारण दमे और दिल की बीमारी वाले मरीजों को काफी दिक्कत होती है। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए सरकार ने सिरसा रोड पर शहर से 5 किलोमीटर दूर अतिरिक्त अनाज मंडी का निर्माण शुरू करवा दिया लेकिन आज साढ़े तीन साल बीतने पर भी काम वहीं के वही है। जबकि मंडी के अधिकारी हरेक सीजन में यहां फसल उतारने के दावे करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक पानी और बिजली और सड़क का भी निर्माण नहीं है तो धान के उतारने के दावे खोखले ही कहे जाएंगे।
सब हो जाएगा, खबर की क्या जरूरत है
मार्केट कमेटी सचिव दिलावर सिंह बेनीवाल ने दावा किया है कि मंडी में तैयारियां पूरी हैं। नई अतिरिक्त अनाज मंडी में भी धान उतारा जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि वहां बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्था ही नहीं है। शेड और शौचालय तो दूर की बात, बैठने के लिए व्यवस्था भी नहीं है तो उनका कहना था कि सब हो जाएगा। लेकिन ये सब छापने से रोकने की कोशिश करते हुए कहा कि सब हो जाएगा, खबर की क्या जरूरत है।
मंडी के निर्माण कार्य की कछुआ चाल को देखते यह नहीं लगता कि मंडी का काम दो साल में भी पूरा हो पाएगा। मार्केट कमेटी ने अभी तक वहां कोई व्यवस्था नहीं की है। सरकार को चाहिए कि हस्तक्षेप करके काम में गति लाए। किसानों और व्यापारियों के लिए बिजली, पानी, और रहने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जाएं ताकि फसल लेकर आए किसानों को परेशानी ना हो।
-बलवान सिंह दौलतपुरिया, इनेलो विधायक, फतेहाबाद