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Fatehabad News: सत्ताधारी दलों के सांसद, विधायक व मंत्रियों का जाखल के गांवों में किसान करेंगे विरोध
Mon, 05 Feb 2024 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 05 Feb 2024 11:27 PM IST
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जाखल में बैठक के दौरान हाथ उठाकर सत्ताधारी नेताओं के विरोध का प्रस्ताव पारित करते किसान।
जाखल। प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ का मुआवजा नहीं देने सहित कई मांगों को लेकर किसान यूनियन एकता उगराहा जाखल खंड की बैठक गांव तलवाड़ा में हुई। बैठक में यूनियन के जिला प्रधान निर्भय रतिया व प्रदेश कमेटी सदस्य अजय सिधानी विशेष तौर पर पहुंचे। इसमें निर्णय किया गया कि जाखल के गांवों में सत्ताधारी दलों के सांसद, विधायक व मंत्रियों का किसान विरोध करेंगे।
बैठक में सर्वसम्मति से मुख्य तीन निर्णय पारित किए गए। इनमें 8 फरवरी से जाखल ब्लॉक के गांव-गांव में सरकार की अर्थी फूंक कार्यक्रम के तहत विरोध प्रदर्शन करने, 7 फरवरी को जाखल उपतहसील में पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन के साथ मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने तथा सत्ताधारी पार्टी के सांसद, विधायक व मंत्री का गांव में आने पर विरोध करने के प्रस्ताव शामिल हैं।
पत्रकारों से बातचीत में जिला प्रधान निर्भय रतिया, अजय सिधानी, उत्तम सिंह तलवाड़ी व काला प्रधान नडैल ने कहा कि किसानों ने 32 दिन तक उपायुक्त कार्यालय व उपतहसील कार्यालय जाखल में बाढ़ से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन किया। मगर सरकार ने किसानों को निराश किया। मात्र 10 प्रतिशत से भी कम किसानों को मुआवजा दिया है।
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मंत्री पर लगाया गुमराह करने का आरोप
किसान नेताओं ने कहा कि गांव उदयपुर में दौरे के दौरान पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने ग्रामीणों से कहा था कि किसान नेता झंडा उठाकर बेवजह प्रदर्शन करते हैं जबकि सरकार ने सभी किसानों के खातों में मुआवजे के पैसे डाल दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत मंत्री गुमराह कर रहे हैं। 90 प्रतिशत से ज्यादा किसान अभी भी प्रदेश सरकार से मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। 13 फरवरी को दिल्ली जाने के सवाल पर किसान नेताओं ने कहा कि 13 फरवरी को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में उनका संगठन भाग नहीं ले रहा है। इस मौके पर धर्मवीर सिधानी, रसविंद्र सिंह तलवाड़ा, बंटी कासिमपुर, गोरा सिंह नड़ैल, केवल सिंह तलवाड़ा, रणजीत सिंह, निक्का साधनवास, लखवीर सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
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बैठक में सर्वसम्मति से मुख्य तीन निर्णय पारित किए गए। इनमें 8 फरवरी से जाखल ब्लॉक के गांव-गांव में सरकार की अर्थी फूंक कार्यक्रम के तहत विरोध प्रदर्शन करने, 7 फरवरी को जाखल उपतहसील में पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन के साथ मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने तथा सत्ताधारी पार्टी के सांसद, विधायक व मंत्री का गांव में आने पर विरोध करने के प्रस्ताव शामिल हैं।
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पत्रकारों से बातचीत में जिला प्रधान निर्भय रतिया, अजय सिधानी, उत्तम सिंह तलवाड़ी व काला प्रधान नडैल ने कहा कि किसानों ने 32 दिन तक उपायुक्त कार्यालय व उपतहसील कार्यालय जाखल में बाढ़ से बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग के लिए धरना-प्रदर्शन किया। मगर सरकार ने किसानों को निराश किया। मात्र 10 प्रतिशत से भी कम किसानों को मुआवजा दिया है।
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मंत्री पर लगाया गुमराह करने का आरोप
किसान नेताओं ने कहा कि गांव उदयपुर में दौरे के दौरान पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने ग्रामीणों से कहा था कि किसान नेता झंडा उठाकर बेवजह प्रदर्शन करते हैं जबकि सरकार ने सभी किसानों के खातों में मुआवजे के पैसे डाल दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत मंत्री गुमराह कर रहे हैं। 90 प्रतिशत से ज्यादा किसान अभी भी प्रदेश सरकार से मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। 13 फरवरी को दिल्ली जाने के सवाल पर किसान नेताओं ने कहा कि 13 फरवरी को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में उनका संगठन भाग नहीं ले रहा है। इस मौके पर धर्मवीर सिधानी, रसविंद्र सिंह तलवाड़ा, बंटी कासिमपुर, गोरा सिंह नड़ैल, केवल सिंह तलवाड़ा, रणजीत सिंह, निक्का साधनवास, लखवीर सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।