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Fatehabad News: 26 से 28 नवंबर तक चंडीगढ़ में राजभवन पर पड़ाव डालेंगे किसान-मजदूर
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अखिल भारतीय किसान सभा,खेतमजदूर यूनियन, व सीटू की टीम।
टोहाना। अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन व सीटू की संयुक्त मोर्चा के चंडीगढ़ में राजभवन घेराव की तैयारी को लेकर संयुक्त मीटिंग का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता किसान सभा तहसील प्रधान अमर सिंह तलवाड़ा, खेत मजदूर प्रधान प्यारा सिंह ने की। बैठक में किसान सभा के जिला उपप्रधान कामरेड जगतार सिंह ने भाग लिया।
जगतार सिंह ने बताया कि 13 महीने के ऐतिहासिक किसान आंदोलन की ताकत ने भाजपा सरकार को तीन काले कृषि कानून वापस लेने को बाध्य किया था। मगर सरकार कृषि को कॉरपोरेट घरानों के हाथों में सौंपने को वचनबद्ध है। यह सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने और बिजली बिल संशोधन जैसे उन मुद्दों से मुकर गई है, जिनका वायदा किसान आंदोलन के निलंबन के समय उन्होंने लिखित में किया था। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संयुक्त किसान मोर्चा और प्रमुख मजदूर संगठनों ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय सम्मेलन करके सभी प्रदेशों की राजधानियों में 26 नवंबर से 28 नवंबर तक 72 घंटे का पड़ाव डालने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत रविवार से जिले में चार दिवसीय प्रचार अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान एमएसपी गारंटी, किसान मजदूरों की कर्ज मुक्ति, 2022 बिजली बिल रद्द करवाने, लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को इंसाफ दिलाने, चार श्रम कोड रद्द करने, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, बेरोजगारों को रोजगार देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, मनरेगा का काम 200 दिन देने, दिहाड़ी 600 रुपये करने की प्रमुख मांग रखी जाएगी।
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जगतार सिंह ने बताया कि 13 महीने के ऐतिहासिक किसान आंदोलन की ताकत ने भाजपा सरकार को तीन काले कृषि कानून वापस लेने को बाध्य किया था। मगर सरकार कृषि को कॉरपोरेट घरानों के हाथों में सौंपने को वचनबद्ध है। यह सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने और बिजली बिल संशोधन जैसे उन मुद्दों से मुकर गई है, जिनका वायदा किसान आंदोलन के निलंबन के समय उन्होंने लिखित में किया था। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संयुक्त किसान मोर्चा और प्रमुख मजदूर संगठनों ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय सम्मेलन करके सभी प्रदेशों की राजधानियों में 26 नवंबर से 28 नवंबर तक 72 घंटे का पड़ाव डालने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत रविवार से जिले में चार दिवसीय प्रचार अभियान चलाया जाएगा।
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इस दौरान एमएसपी गारंटी, किसान मजदूरों की कर्ज मुक्ति, 2022 बिजली बिल रद्द करवाने, लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को इंसाफ दिलाने, चार श्रम कोड रद्द करने, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, बेरोजगारों को रोजगार देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, मनरेगा का काम 200 दिन देने, दिहाड़ी 600 रुपये करने की प्रमुख मांग रखी जाएगी।
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