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Fatehabad News: कृषि मेले में किसानों को उन्नत खेती के बारे में मिली जानकारी
Wed, 18 Feb 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 18 Feb 2026 10:47 PM IST
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फतेहाबाद। किसान मेला एवं प्रदर्शनी के दौरान कृषि उत्पादों व कृषि यंत्रों का अवलोकन कर जानकारी ल
फतेहाबाद। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन योजना के तहत डीपीआरसी हॉल में बुधवार को जिलास्तरीय किसान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक दुड़ाराम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और मेले का शुभारंभ किया। मेले का उद्देश्य किसानों को तिलहन फसलों के उत्पादन, उन्नत बीजों, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं वैज्ञानिक खेती पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक दुड़ाराम तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने विभिन्न विभागों एवं कृषि कंपनियों की ओर से लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उन्नत बीज, उर्वरक, आधुनिक कृषि यंत्रों तथा फसल सुरक्षा से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को नई तकनीकों एवं उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दुड़ाराम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि तिलहन उत्पादन बढ़ाना समय की आवश्यकता है, जिससे देश खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक उपकरणों तथा वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी और आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
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उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ तिलहन फसलों को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन योजना के प्रावधानों की जानकारी देते हुए किसानों से एग्री स्टैक परियोजना के तहत पंजीकरण कर किसान आईडी बनवाने की अपील की, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे खातों में प्राप्त हो सके। जिलास्तरीय किसान मेले में कृषि विकास अधिकारी राहुल चौहान ने मंच संचालन किया
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योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी
मेले में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकों की जानकारी दी। इसके अलावा पशुधन बीमा योजना, पशु किसान क्रेडिट कार्ड, बागवानी प्रोत्साहन योजनाएं, मत्स्य पालन योजनाएं, प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण तथा कृषि यंत्रों पर अनुदान से संबंधित जानकारी किसानों को प्रदान की गई।
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इस अवसर पर पूर्व विधायक दुड़ाराम तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने विभिन्न विभागों एवं कृषि कंपनियों की ओर से लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उन्नत बीज, उर्वरक, आधुनिक कृषि यंत्रों तथा फसल सुरक्षा से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को नई तकनीकों एवं उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी।
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मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दुड़ाराम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि तिलहन उत्पादन बढ़ाना समय की आवश्यकता है, जिससे देश खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक उपकरणों तथा वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी और आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
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उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ तिलहन फसलों को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन योजना के प्रावधानों की जानकारी देते हुए किसानों से एग्री स्टैक परियोजना के तहत पंजीकरण कर किसान आईडी बनवाने की अपील की, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे खातों में प्राप्त हो सके। जिलास्तरीय किसान मेले में कृषि विकास अधिकारी राहुल चौहान ने मंच संचालन किया
योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी
मेले में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकों की जानकारी दी। इसके अलावा पशुधन बीमा योजना, पशु किसान क्रेडिट कार्ड, बागवानी प्रोत्साहन योजनाएं, मत्स्य पालन योजनाएं, प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण तथा कृषि यंत्रों पर अनुदान से संबंधित जानकारी किसानों को प्रदान की गई।