फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Farmers did not surround the mini secretariat by accepting the demand of the administration

Fatehabad News: प्रशासन की मांग मानकर किसानों ने नहीं किया लघु सचिवालय का घेराव

Thu, 14 Mar 2024 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 14 Mar 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
Farmers did not surround the mini secretariat by accepting the demand of the administration
फतेहाबाद। भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति की ओर से 13 मार्च को फतेहाबाद में 2 घंटे तक लघु सचिवालय के घेराव की घोषणा के चलते प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए थे। वहीं, दूसरी ओर बुधवार को ही केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का कार्यक्रम फतेहाबाद में घोषित हो गया। हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लघु सचिवालय में पुलिस बल को तैनात कर दिया था और किसानों नेताओं से बात जारी रखी। किसानों ने प्रशासन के आग्रह को मान लिया और धरना स्थल पर ही अपना ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


फतेहाबाद में अयाल्की के पास पिछले एक माह से दिल्ली कूच को लेकर धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति ने ऐलान किया था कि 13 मार्च को किसानों को बाढ़ का मुआवजा दिलवाने, ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की गिरदावरी, किसानों को 2022 से 2023 का फसली मुआवजा न देने को लेकर 2 घंटे तक उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बुधवार को अयाल्की में धरने पर किसान एकत्रित हो भी होने लगे थे। इस बीच फतेहाबाद के केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत का कार्यक्रम हो गया और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए समस्या पैदा हो गई। प्रशासनिक अधिकारी मंगलवार रात से ही किसान नेताओं के संपर्क में थे। इस बीच फतेहाबाद के लघु सचिवालय में पुलिसकर्मियों को भी तैनात कर दिया गया।
विज्ञापन

बातचीत के बाद आखिरकार किसान मान गए और तय हुआ कि अयाल्की पर चल रहे किसानों के धरने पर ही प्रशासनिक अधिकारी पहुंचेंगे और ज्ञापन लेंगे। इसके बाद दोपहर को एसडीएम राजेश कुमार व डीएसपी जयपाल पुलिस फोर्स सहित माैके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया। इस अवसर पर एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रशासनिक तौर पर किसानों की जो मांगे हैं, उनको सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। वहीं जो मांगे सरकार लेवल की हैं, उनको सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। इस दौरान किसानों ने एसडीएम के समक्ष बाढ़ मुआवजा न मिलने की बात रखी। उन्होंने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान दर्ज होने के बावजूद भी किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल रहा है। हर गांव में 4 या 5 लोगों को ही मुआवजा मिल रहा है। इस पर एसडीएम ने कहा कि ई-क्षति पूर्ति पोर्टल पर जिन किसानों के नाम हैं, उनको मुआवजा राशि वितरित की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


-----
किसानों की मांगे न मानने वाले आज हाशिए पर
भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति के जिला प्रधान राजविंद्र चहल ने कहा कि किसानों की मांगों को दरकिनार करके उनको खालिस्तानी कहने वाले लोग आज हाशिए पर आ गए हैं। सीएम मनोहर लाल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि अपने आप को किसान हितैषी कहकर वोट लेकर किसानों की पीठ में छुरा घोंपने वाली जजपा पार्टी को भाजपा ने ही बेदखल कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी हमारी जंग समाप्त नहीं हुई है, गांव-गांव जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ एक मुहिम छेड़ी जाएगी और जब तक एमएसपी व किसानों की अन्य मांगों को नहीं माना जाता, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।


------
प्रशासनिक अधिकारियों ने आग्रह किया था कि ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर सवार होकर लघु सचिवालय आने के बजाए किसान अपनी मांगें धरना स्थल पर ही सुना दें। लघु सचिवालय में व्यवस्था बिगड़ने व जनहित को देखते हुए हमने प्रशासन की मांग मान ली और प्रशासन के उनके द्वार पर आकर ज्ञापन लेना पड़ा। 15 जनवरी को धरना स्थल पर दिवंगत शुभकरण की कलश यात्रा आएगी और इसके बाद धरना समाप्त करके गांव-गांव का दौरा किया जाएगा। 21 मार्च से खनौरी में किसान धरना देंगे।
राम जाट, प्रदेश प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन, खेती बचाओ संघर्ष समिति।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed