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Fatehabad News: अनाज मंडी से किसानों को मजबूरन घर ले जानी पड़ रही सरसों की फसल
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फतेहाबाद। जिले के सरसों उत्पादक किसान सरकारी तंत्र में फंसकर रह गए हैं। सरकारी खरीद बंद होने के साथ ही प्राइवेट खरीदारों का खेल शुरू हो गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि मंडी में सरसों की फसल लेकर आने वाले किसान मजबूरन फसल को वापस घर ले जा रहे हैं।
सबसे बड़ी वजह यह है कि प्राइवेट खरीदारों को सरसों बेचने पर किसानों को 1100 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। दरअसल, प्रदेश सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5450 रुपये तय किया गया है। मगर मंडी में प्राइवेट खरीद किसानों को सरसों के दाम 4400 से 4500 रुपये तक ही दे रहे हैं।
मंडी में आए किसानों ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद बंद होने के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकारी एजेंसियों ने 30 अप्रैल को यह कहकर खरीद बंद कर दी है कि उनका स्टॉक पूरा हो चुका है। मगर जब सरसों निकलवाई गई थी, उस समय सरसों में नमी अधिक होने के कारण खरीद नहीं की गई। अब जब सरसों को सुखाकर मंडी में ला रहे हैं, तो सरकारी खरीद ही बंद कर दी गई है। किसानों ने पंजीकरण दो महीने पहले ही करवा लिया था, लेकिन फसल अभी तक नहीं बिकी है। संवाद
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कोट
पहले सरसों में नमी अधिक बता दी, फिर स्टॉक पूरा होने की बात कही
मैं रविवार को मंडी में सरसों लेकर आया था। मैंने सरसों की फसल का पंजीकरण भी करवा रखा है। मंडी में तीसरा दिन है, लेकिन कोई भी सैंपल लेने नहीं आया है। जब सरसों निकलवाई थी तो सरसों में नमी थी, इसलिए मंडी में लेकर नहीं आए। अब सरकार ने खरीद ही बंद कर दी है।
-राजेंद्र सिंह, किसान, गांव मानावाली
मैं रविवार को सरसों मंडी में लेकर आया था, अभी तक मेरी फसल का कोई सैंपल नहीं भरा गया है। तीन दिन से मंडी में ही सोना पड़ रहा है। खेत में नरमे की फसल की बिजाई भी करनी है। प्राइवेट खरीदार एमएसपी पर खरीद नहीं कर रहे हैं।
-रामभगत, किसान, गांव मानावाली
मैं दो दिन पहले सरसों मंडी में लेकर आया था। दो महीने पहले ही सरसों की फसल का पंजीकरण करवा लिया था। पहले सरसों को घर पर सुखाया और अब फसल सुख गई है तो सरकार ने खरीद बंद कर दी है। प्राइवेट बेचने पर पूरे दाम नहीं मिल रहे।
-अशोक कुमार, किसान, गांव धांगड़
सोमवार को सरसों की फसल मंडी में लेकर आया था। अभी सरकार ने खरीद बंद कर दी है। दो दिन से मंडी में ही सोना पड़ रहा था। खेत में तूड़ी पड़ी है और मौसम खराब है। क्या करूं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
-जगतार सिंह, किसान, गांव नागपुर
कोट
सरसों की सरकारी खरीद बंद कर दी गई है। प्राइवेट खरीद हो रही है। प्राइवेट खरीदार एमएसपी से कम दाम दे रहे हैं, ऐसा संज्ञान में नहीं है।
-राजेश हुड्डा, डीएम, हैफेड
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सबसे बड़ी वजह यह है कि प्राइवेट खरीदारों को सरसों बेचने पर किसानों को 1100 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। दरअसल, प्रदेश सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5450 रुपये तय किया गया है। मगर मंडी में प्राइवेट खरीद किसानों को सरसों के दाम 4400 से 4500 रुपये तक ही दे रहे हैं।
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मंडी में आए किसानों ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद बंद होने के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकारी एजेंसियों ने 30 अप्रैल को यह कहकर खरीद बंद कर दी है कि उनका स्टॉक पूरा हो चुका है। मगर जब सरसों निकलवाई गई थी, उस समय सरसों में नमी अधिक होने के कारण खरीद नहीं की गई। अब जब सरसों को सुखाकर मंडी में ला रहे हैं, तो सरकारी खरीद ही बंद कर दी गई है। किसानों ने पंजीकरण दो महीने पहले ही करवा लिया था, लेकिन फसल अभी तक नहीं बिकी है। संवाद
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पहले सरसों में नमी अधिक बता दी, फिर स्टॉक पूरा होने की बात कही
मैं रविवार को मंडी में सरसों लेकर आया था। मैंने सरसों की फसल का पंजीकरण भी करवा रखा है। मंडी में तीसरा दिन है, लेकिन कोई भी सैंपल लेने नहीं आया है। जब सरसों निकलवाई थी तो सरसों में नमी थी, इसलिए मंडी में लेकर नहीं आए। अब सरकार ने खरीद ही बंद कर दी है।
-राजेंद्र सिंह, किसान, गांव मानावाली
मैं रविवार को सरसों मंडी में लेकर आया था, अभी तक मेरी फसल का कोई सैंपल नहीं भरा गया है। तीन दिन से मंडी में ही सोना पड़ रहा है। खेत में नरमे की फसल की बिजाई भी करनी है। प्राइवेट खरीदार एमएसपी पर खरीद नहीं कर रहे हैं।
-रामभगत, किसान, गांव मानावाली
मैं दो दिन पहले सरसों मंडी में लेकर आया था। दो महीने पहले ही सरसों की फसल का पंजीकरण करवा लिया था। पहले सरसों को घर पर सुखाया और अब फसल सुख गई है तो सरकार ने खरीद बंद कर दी है। प्राइवेट बेचने पर पूरे दाम नहीं मिल रहे।
-अशोक कुमार, किसान, गांव धांगड़
सोमवार को सरसों की फसल मंडी में लेकर आया था। अभी सरकार ने खरीद बंद कर दी है। दो दिन से मंडी में ही सोना पड़ रहा था। खेत में तूड़ी पड़ी है और मौसम खराब है। क्या करूं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
-जगतार सिंह, किसान, गांव नागपुर
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सरसों की सरकारी खरीद बंद कर दी गई है। प्राइवेट खरीद हो रही है। प्राइवेट खरीदार एमएसपी से कम दाम दे रहे हैं, ऐसा संज्ञान में नहीं है।
-राजेश हुड्डा, डीएम, हैफेड