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निजी अस्पताल में गए नियंत्रण अधिकारी को ऑक्सीजन की कमी पर सुनाई खरी-खोटी

Mon, 26 Apr 2021 11:13 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 Apr 2021 11:13 PM IST
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Family members of patients expressed their anger
तीमारदारों को शांत करने की कोशिश करते नियंत्रण अधिकारी ज्ञानचंद लांग्यान। - फोटो : Fatehabad
हिसार रोड स्थित निजी अस्पताल में जांच के लिए गए नियंत्रण अधिकारी को ऑक्सीजन की कमी को लेकर मरीजों के तीमारदारों ने खरी खोटी सुनाई। नियंत्रण अधिकारी पर डॉक्टर से भी अभद्र तरीके से बोलने का आरोप लगाया गया। काफी देर तक तीमारदार नियंत्रण अधिकारी के साथ बहस करते रहे। बाद में सिविल सर्जन को फोन करके मौके पर आने के लिए कहा गया। मगर उनकी जगह उप सिविल सर्जन आए। नियंत्रण अधिकारी ने उप सिविल सर्जन को अस्पताल में ऑक्सीजन संबंधी जानकारी लेने भेजा।
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दरअसल, जिला प्रशासन की ओर से अस्पतालों में ऑक्सीजन संबंधी व्यवस्था करवाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हुए हैं। इसके लिए जिला आयुष अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनिया को नोडल अधिकारी व जिला उद्योग केंद्र के उपनिदेशक ज्ञानचंद लांग्यान को कंट्रोलिंग अधिकारी बनाया हुआ है। कंट्रोलिंग अधिकारी ज्ञानचंद सोमवार को हिसार रोड स्थित निजी अस्पताल में गए। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने एक डॉक्टर से तू कहकर बातचीत करते हुए अभद्र व्यवहार किया।
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मरीज मर जाएगा, तब ऑक्सीजन पहुंचाओगे क्या : इस दौरान एक तीमारदार ने ज्ञानचंद लांग्यान से कहा कि हमारा मरीज यहां एडमिट है, ऑक्सीजन सप्लाई नहीं आ रही है। मरीज मर जाएगा तब ऑक्सीजन पहुंचाओगे क्या। दूसरे तीमारदार ने कहा कि अधिकारी कोई व्यवस्था नहीं बना पा रहे हैं। डॉक्टर से गलत बोल रहे हैं। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर अधिकारी पैसे ऐंठने की कोशिश में हैं। इनकी शिकायतें स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भेजी जाएगी। निजी अस्पताल के डॉक्टर भी ऑक्सीजन की मांग कर रहे हैं मगर कब मिलेगी इसकी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। तीमारदारों का कहना है कि ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो पैनिक बढ़ जाएगा। जो रिकवर हो रहा है उसकी भी चिंता बढ़ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल संचालकों को भी ऑक्सीजन बेड से ज्यादा संख्या में मरीज एडमिट नहीं करने के लिए कहा जा रहा है। यह रवैया गलत है।
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सारे आरोप बेबुनियाद है। हम तो व्यवस्था जांचने गए थे। ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। सुबह भी ऑक्सीजन सिलिंडर भेजे हैं। शाम को भी ऑक्सीजन लेने मैं और नोडल अधिकारी हिसार गए हैं। हम तो सुबह से लेकर रात तक व्यवस्था बनाने में लगे रहते हैं। -ज्ञानचंद लांग्यान, नियंत्रण अधिकारी एवं उपनिदेशक, जिला उद्योग केंद्र।
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