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फर्जी मिला शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नहला की निवर्तमान सरपंच सहित तीन पर केस दर्ज
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भूना। शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी होने के आरोपों के चलते राज्य अपराध शाखा हिसार की जांच प्रक्रिया के बाद गांव नहला की निवर्तमान सरपंच नीलम, गुरु नानक अकादमी के संचालक श्रवण सिंह तथा प्रिंसिपल जसवीर कौर के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। तीनों में से अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हालांकि, शिकायतकर्ता आशुतोष शर्मा ने वर्ष 2016 से लेकर 2021 में बीडीपीओ, डीडीपीओ, एसडीएम व डीसी को कई बार शिकायत देकर सरपंच की शैक्षणिक योग्यता फर्जी होने के आरोप लगाकर निलंबित करने की मांग की थी। सरपंच को शैक्षणिक योग्यता फर्जी पाए जाने के मामले में एक बार निलंबित भी कर दिया था। मगर उच्च स्तर पर अपील करने व बार-बार न्यायालय में शरण लेने के कारण सरपंच नीलम ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया। अब सरपंच व स्कूल प्रमाण पत्र देने वालों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
2020 में राज्य अपराध शाखा को सौंपी थी जांच
बता दें कि 2017 में हुए पंचायत चुनाव में गांव नहला में नीलम रानी सरपंच बनी थी। इस चुनाव में मुकेश रानी भी मैदान में थी, लेकिन चुनाव हार गई थी। बाद में मुकेश रानी ने समाजसेवी आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में नीलम रानी का शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी होने का आरोप लगाया था। मामले की जांच चली, डीडीपीओ राजेश खोथ ने जांच रिपोर्ट दी, जिसमें प्रमाण पत्र को फर्जी होना बताया गया था। नीलम रानी ने जो प्रमाण पत्र दिया था, उसके मुताबिक उसने 2004-05 में आठवीं की थी और वह प्रमाण पत्र रतिया की गुरुनानक अकेडमी के नाम से जारी हुआ था। मगर इस अकेडमी को वर्ष 2006 में मान्यता मिली थी। इस तरह से नीलम पर लगे आरोप सही पाए गए। डीडीपीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीसी ने नीलम रानी को सरपंच पद से निलंबित करने का नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस बीच नीलम ने अदालत में याचिका दायर कर डीसी की कार्रवाई को गलत बताया। वहीं, अदालत ने निलंबन कार्रवाई पर रोक लगाते हुए स्टे जारी कर दिया था, तब से निलंबन की कार्रवाई अटकी हुई थी। अदालत की कार्रवाई में मुकेश रानी व उनके वकील की ओर से अपनी दलीलें रखी गई थी। परंतु आशुतोष शर्मा ने मामले को उच्च न्यायालय में सरपंच के खिलाफ चुनौती दी थी। जहां लंबी जांच के बाद वर्ष 2020 में उच्च न्यायालय ने राज्य अपराध शाखा को जांच का जिम्मा सौंपा था। उपरोक्त जांच में सरपंच व स्कूल प्रबंधन दोषी पाए गए हैं। अपराध शाखा के जांच निरीक्षक अशोक कुमार ने 15 दिसंबर 2021 को केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने अब 420, 465, 468, 471, 120बी भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत केस दर्ज किया है।
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कोट
फर्जी शैक्षणिक मामले में उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में नहला की निवर्तमान सरपंच नीलम रानी व गुरु नानक अकादमी रतिया के संचालक श्रवण सिंह और प्रिंसिपल जसवीर कौर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
-कुलदीप सिंह, प्रभारी, भूना थाना
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हालांकि, शिकायतकर्ता आशुतोष शर्मा ने वर्ष 2016 से लेकर 2021 में बीडीपीओ, डीडीपीओ, एसडीएम व डीसी को कई बार शिकायत देकर सरपंच की शैक्षणिक योग्यता फर्जी होने के आरोप लगाकर निलंबित करने की मांग की थी। सरपंच को शैक्षणिक योग्यता फर्जी पाए जाने के मामले में एक बार निलंबित भी कर दिया था। मगर उच्च स्तर पर अपील करने व बार-बार न्यायालय में शरण लेने के कारण सरपंच नीलम ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया। अब सरपंच व स्कूल प्रमाण पत्र देने वालों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
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2020 में राज्य अपराध शाखा को सौंपी थी जांच
बता दें कि 2017 में हुए पंचायत चुनाव में गांव नहला में नीलम रानी सरपंच बनी थी। इस चुनाव में मुकेश रानी भी मैदान में थी, लेकिन चुनाव हार गई थी। बाद में मुकेश रानी ने समाजसेवी आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में नीलम रानी का शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी होने का आरोप लगाया था। मामले की जांच चली, डीडीपीओ राजेश खोथ ने जांच रिपोर्ट दी, जिसमें प्रमाण पत्र को फर्जी होना बताया गया था। नीलम रानी ने जो प्रमाण पत्र दिया था, उसके मुताबिक उसने 2004-05 में आठवीं की थी और वह प्रमाण पत्र रतिया की गुरुनानक अकेडमी के नाम से जारी हुआ था। मगर इस अकेडमी को वर्ष 2006 में मान्यता मिली थी। इस तरह से नीलम पर लगे आरोप सही पाए गए। डीडीपीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीसी ने नीलम रानी को सरपंच पद से निलंबित करने का नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस बीच नीलम ने अदालत में याचिका दायर कर डीसी की कार्रवाई को गलत बताया। वहीं, अदालत ने निलंबन कार्रवाई पर रोक लगाते हुए स्टे जारी कर दिया था, तब से निलंबन की कार्रवाई अटकी हुई थी। अदालत की कार्रवाई में मुकेश रानी व उनके वकील की ओर से अपनी दलीलें रखी गई थी। परंतु आशुतोष शर्मा ने मामले को उच्च न्यायालय में सरपंच के खिलाफ चुनौती दी थी। जहां लंबी जांच के बाद वर्ष 2020 में उच्च न्यायालय ने राज्य अपराध शाखा को जांच का जिम्मा सौंपा था। उपरोक्त जांच में सरपंच व स्कूल प्रबंधन दोषी पाए गए हैं। अपराध शाखा के जांच निरीक्षक अशोक कुमार ने 15 दिसंबर 2021 को केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने अब 420, 465, 468, 471, 120बी भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत केस दर्ज किया है।
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फर्जी शैक्षणिक मामले में उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में नहला की निवर्तमान सरपंच नीलम रानी व गुरु नानक अकादमी रतिया के संचालक श्रवण सिंह और प्रिंसिपल जसवीर कौर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
-कुलदीप सिंह, प्रभारी, भूना थाना