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फतेहाबाद: जमानत के लिए जमा करवाया फर्जी आधार कार्ड, जमानती व शनाख्ती पर केस दर्ज
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फतेहाबाद। न्यायिक दंडाधिकारी निधि बेनिवाल की अदालत में एक जमानती ने महिला की जमानत लेेने के लिए फर्जी आधार कार्ड पेश कर दिया। जमानती ने अपने एफिडेविट में यह भी लिखा कि इससे पहले उसने किसी की जमानत नहीं ली है, लेकिन उसका यह पैंतरा नहीं चल पाया। वह पहले भी अदालत से दो लोगों की जमानत ले चुका था। शहर पुलिस ने इस संबंध में अदालत के रीडर की शिकायत पर जमानती व शनाख्ती दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, माया देवी नाम की एक महिला ने न्यायिक दंडाधिकारी निधि बेनीवाल की अदालत में अपने वकील के माध्यम से जमानत के लिए एप्लीकेशन दी थी। उसकी जमानत के लिए रवि कुमार अदालत में आया था और उसने 50 हजार के बेल बांड भर दिए तथा एफिडेविट भी दे दिया। गुलविंद्र सिंह शनाख्ती के तौर पर अदालत में हाजिर हुआ और उसने रवि कुमार की शनाख्त कर दी।
रवि कुमार ने बेल बॉन्ड के लिए अपना आधार कार्ड दिया और यह एफिडेविट भी दिया कि पहले वह किसी मामले में कोई जमानत बेल बॉन्ड नहीं भर चुका है। कोर्ट के निर्देश पर जब उसके आधार कार्ड को चेक किया गया तो पहले किसी मामले में यह आधार कार्ड जमा नहीं करवाया गया था। लेकिन जब उसके नाम के आधार पर चेक किया गया तो पता चला कि कुछ समय पहले ही एनडीपीएस एक्ट में रवि किसी शख्स की जमानत के लिए बेल बॉन्ड दे चुका है और इससे पहले भी वह एक अन्य व्यक्ति की जमानत ले चुका है। छानबीन में खुलासा हुआ कि रवि कुमार ने फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे हैं। इस पर अदालत ने जमानतदार और शनाख्त करने वाले के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाने के आदेश दिए।
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शहर पुलिस ने रवि व गुलविंद्र के खिलाफ सरकारी कागजों में हेरफेर व षड़यंत्र रचकर गुमराह करने के आरोप में केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। शहर थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, माया देवी नाम की एक महिला ने न्यायिक दंडाधिकारी निधि बेनीवाल की अदालत में अपने वकील के माध्यम से जमानत के लिए एप्लीकेशन दी थी। उसकी जमानत के लिए रवि कुमार अदालत में आया था और उसने 50 हजार के बेल बांड भर दिए तथा एफिडेविट भी दे दिया। गुलविंद्र सिंह शनाख्ती के तौर पर अदालत में हाजिर हुआ और उसने रवि कुमार की शनाख्त कर दी।
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रवि कुमार ने बेल बॉन्ड के लिए अपना आधार कार्ड दिया और यह एफिडेविट भी दिया कि पहले वह किसी मामले में कोई जमानत बेल बॉन्ड नहीं भर चुका है। कोर्ट के निर्देश पर जब उसके आधार कार्ड को चेक किया गया तो पहले किसी मामले में यह आधार कार्ड जमा नहीं करवाया गया था। लेकिन जब उसके नाम के आधार पर चेक किया गया तो पता चला कि कुछ समय पहले ही एनडीपीएस एक्ट में रवि किसी शख्स की जमानत के लिए बेल बॉन्ड दे चुका है और इससे पहले भी वह एक अन्य व्यक्ति की जमानत ले चुका है। छानबीन में खुलासा हुआ कि रवि कुमार ने फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे हैं। इस पर अदालत ने जमानतदार और शनाख्त करने वाले के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाने के आदेश दिए।
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शहर पुलिस ने रवि व गुलविंद्र के खिलाफ सरकारी कागजों में हेरफेर व षड़यंत्र रचकर गुमराह करने के आरोप में केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। शहर थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है, जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।