{"_id":"6a95bd9b181ccc19f303c7c5","slug":"employees-protest-against-the-privatization-of-the-electricity-department-and-smart-meters-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-160253-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बिजली विभाग के निजीकरण व स्मार्ट मीटरों के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बिजली विभाग के निजीकरण व स्मार्ट मीटरों के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन
Mon, 31 Aug 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद में प्रदर्शन कर फैसले की प्रतियां फूंकते बिजली कर्मचारी।
फतेहाबाद। बिजली निगम के निजीकरण, स्मार्ट मीटर योजना और लंबित मांगों को लेकर हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को फतेहाबाद में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने दो घंटे तक विरोध गेट मीटिंग करते हुए सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के फैसले की प्रतियां जलाकर रोष जताया। प्रदर्शन की अध्यक्षता शहरी सब-यूनिट प्रधान अशोक कुमार ने की, जबकि संचालन यूनिट सचिव रामनिवास शर्मा ने किया।
कर्मचारी नेताओं इंजीनियर रविंद्र कुमार, फकीर चंद सैनी और भूप सिंह भड़ोलांवाली ने आरोप लगाया कि बिजली मंत्री द्वारा गुरूग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस नहीं देने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद विशेषज्ञ समिति ने इलेवन पावर कंपनी को मताधिकार देने के पक्ष में फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारी संगठनों से बातचीत में सभी हितधारकों से परामर्श का आश्वासन दिया था, लेकिन अब बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के एकतरफा निर्णय लिया जा रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गुरुग्राम और नूंह की बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में सौंपी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम सरकारी बिजली वितरण निगम के राजस्व में करीब 40 प्रतिशत योगदान देता है। बड़े राजस्व वाले उपभोक्ताओं के निजी हाथों में जाने से सरकारी निगम कमजोर होगा और इसका असर किसानों, मजदूरों, गरीबों तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। प्रदर्शन को प्रेम वर्मा, सुशील कुमार, सुरेश कुमार और कुलदीप सिंह ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कर्मचारी नेताओं इंजीनियर रविंद्र कुमार, फकीर चंद सैनी और भूप सिंह भड़ोलांवाली ने आरोप लगाया कि बिजली मंत्री द्वारा गुरूग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस नहीं देने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद विशेषज्ञ समिति ने इलेवन पावर कंपनी को मताधिकार देने के पक्ष में फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारी संगठनों से बातचीत में सभी हितधारकों से परामर्श का आश्वासन दिया था, लेकिन अब बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के एकतरफा निर्णय लिया जा रहा है।
विज्ञापन
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गुरुग्राम और नूंह की बिजली वितरण व्यवस्था निजी हाथों में सौंपी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम सरकारी बिजली वितरण निगम के राजस्व में करीब 40 प्रतिशत योगदान देता है। बड़े राजस्व वाले उपभोक्ताओं के निजी हाथों में जाने से सरकारी निगम कमजोर होगा और इसका असर किसानों, मजदूरों, गरीबों तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। प्रदर्शन को प्रेम वर्मा, सुशील कुमार, सुरेश कुमार और कुलदीप सिंह ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन