{"_id":"577423f14f1c1bc97379d04e","slug":"electricitybill-pending-26-coror-defaulter-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली निगम के 26 करोड़ पर कुंडली मारकर बैठे डिफाल्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली निगम के 26 करोड़ पर कुंडली मारकर बैठे डिफाल्टर
fatehabad
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुरेंद्र असीजा । फतेहाबाद में बड़े उद्योगपति एवं बड़े कारखानेदारों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों के भी बिजली के लाखों-करोड़ों के बिल बकाया हैं, लेकिन निगम इन बड़े बकाएदारों से वसूली करने की बजाए छोटे दुकानदार एवं उनके घरों में दबिश देकर कनेक्शन काटने पर बल दे रहा है।
जिनका बिल मात्र एक हजार से भी कम होता है, उनपर निगम तेजी से कार्रवाई करता हैं। निगम बकाएदारों से वसूली का अभियान चलाता है, लेकिन उद्योगपति एवं सरकारी कार्यालय करोड़ों की राशि पर कुंडली मारकर बैठे हैं, उन पर सरकार का ध्यान तक नहीं जाता। इस समय फतेहाबाद में सरकारी विभागों सहित 26 करोड़ 56 लाख बकाया बिल राशि पेंडिंग है। लेकिन इनसे वसूली के मामले में बिजली निगम के अधिकारी की खामोशी कई सवाल खड़े करती है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम फतेहाबाद के पास इस समय 43 हजार 928 बिजली उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में निगम की ओर से बिजली आपूर्ति की जाती है। इन उपभोक्ताओं में 20 हजार 878 उपभोक्ता डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं। जिनके कनेक्शन निगम ने काट दिए हैं। इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 18 करोड़ 33 लाख की राशि बकाया है। जबकि 23,055 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं। इन पर सात करोड़ 70 लाख की राशि बकाया है। लेकिन इनके कनेक्शन अभी चल रहे हैं।
विज्ञापन
फतेहाबाद में रतिया, भट्टू, बड़ोपल के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सबडिवीजन बने हुए हैं। जिन पर पंचायतों के भी बकाया बिल पेंडिंग हैं। राजनीतिक सिफारिश और विभागों की लेट-लतीफी से निगम चाहकर इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा। भट्टूकलां खंड की आठ पंचायतों पर एक करोड़ 25 लाख की राशि बकाया है। बड़ी बात ये है कि इन आठों पंचायतों के पंचायती कनेक्शन निगम ने काट रखे हैं। अब इन गांवों की पंचायत घरों एवं पंचायत के मार्फत बिजली से संचालित होने वाले सभी काम रुके हैं। शहर के उपभोक्ता जिनका बिल सैकड़ों में हैं।
निगम के जेई-फोरमेन इन घरों और छोटे कारखानेदार जैसे, वेल्डिंग, आटा चक्की वालों के कनेक्शन काटने के लिए हर माह पहुंचते हैं, लेकिन बड़े कारखानेदारों एवं सरकारी कार्यालयों में करोड़ों रुपये के बिल बकाया हैं। उसका निगम के पास कोई जवाब नहीं है।
सरकारी विभाग बकाया बिजली बिल
जनस्वास्थ्य विभाग 90.36 लाख
सिंचाई विभाग बड़ोपल 3.63 लाख
नगर परिषद फतेहाबाद 7.66 लाख
बार एसोसिएशन फतेहाबाद 17.66 लाख (ये बिल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार द्वारा अदा करना है)
बिजली बिल वसूली के लिए निगम समय-समय पर अभियान चलाता है और वसूली की भी जाती है। सरकारी विभागों में वसूली के लिए सरकार से पत्राचार चल रहा है। शीघ्र ही बिलों की वसूली कर ली जाएगी।
जोगेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, फतेहाबाद ।
विज्ञापन
जिनका बिल मात्र एक हजार से भी कम होता है, उनपर निगम तेजी से कार्रवाई करता हैं। निगम बकाएदारों से वसूली का अभियान चलाता है, लेकिन उद्योगपति एवं सरकारी कार्यालय करोड़ों की राशि पर कुंडली मारकर बैठे हैं, उन पर सरकार का ध्यान तक नहीं जाता। इस समय फतेहाबाद में सरकारी विभागों सहित 26 करोड़ 56 लाख बकाया बिल राशि पेंडिंग है। लेकिन इनसे वसूली के मामले में बिजली निगम के अधिकारी की खामोशी कई सवाल खड़े करती है।
विज्ञापन
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम फतेहाबाद के पास इस समय 43 हजार 928 बिजली उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में निगम की ओर से बिजली आपूर्ति की जाती है। इन उपभोक्ताओं में 20 हजार 878 उपभोक्ता डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं। जिनके कनेक्शन निगम ने काट दिए हैं। इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 18 करोड़ 33 लाख की राशि बकाया है। जबकि 23,055 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो डिफाल्टर की श्रेणी में आते हैं। इन पर सात करोड़ 70 लाख की राशि बकाया है। लेकिन इनके कनेक्शन अभी चल रहे हैं।
विज्ञापन
फतेहाबाद में रतिया, भट्टू, बड़ोपल के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सबडिवीजन बने हुए हैं। जिन पर पंचायतों के भी बकाया बिल पेंडिंग हैं। राजनीतिक सिफारिश और विभागों की लेट-लतीफी से निगम चाहकर इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा। भट्टूकलां खंड की आठ पंचायतों पर एक करोड़ 25 लाख की राशि बकाया है। बड़ी बात ये है कि इन आठों पंचायतों के पंचायती कनेक्शन निगम ने काट रखे हैं। अब इन गांवों की पंचायत घरों एवं पंचायत के मार्फत बिजली से संचालित होने वाले सभी काम रुके हैं। शहर के उपभोक्ता जिनका बिल सैकड़ों में हैं।
निगम के जेई-फोरमेन इन घरों और छोटे कारखानेदार जैसे, वेल्डिंग, आटा चक्की वालों के कनेक्शन काटने के लिए हर माह पहुंचते हैं, लेकिन बड़े कारखानेदारों एवं सरकारी कार्यालयों में करोड़ों रुपये के बिल बकाया हैं। उसका निगम के पास कोई जवाब नहीं है।
सरकारी विभाग बकाया बिजली बिल
जनस्वास्थ्य विभाग 90.36 लाख
सिंचाई विभाग बड़ोपल 3.63 लाख
नगर परिषद फतेहाबाद 7.66 लाख
बार एसोसिएशन फतेहाबाद 17.66 लाख (ये बिल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार द्वारा अदा करना है)
बिजली बिल वसूली के लिए निगम समय-समय पर अभियान चलाता है और वसूली की भी जाती है। सरकारी विभागों में वसूली के लिए सरकार से पत्राचार चल रहा है। शीघ्र ही बिलों की वसूली कर ली जाएगी।
जोगेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, फतेहाबाद ।