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Fatehabad News: जन्मतिथि सत्यापन के फेर में उलझे बुजुर्ग

Thu, 02 Jul 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 02 Jul 2026 11:00 PM IST
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Elderly caught in the tangle of date-of-birth verification
शहर के जिला निर्वाचन कार्यालय में मतदाता सूची में नीचे बैठकर अपना पुराना रिकॉर्ड जानते नागरिक
फतेहाबाद। जिले के करीब दो लाख नागरिकों के मोबाइल पर जन्मतिथि सत्यापन संदेश आने के बाद निर्वाचन कार्यालय में भीड़ लगातार बढ़ रही है। परिवार पहचान पत्र से जुड़े कार्य और विभिन्न प्रकार की पेंशन को सुचारू रखने के लिए यह सत्यापन जरूरी बताया जा रहा है। नागरिक अब पहले नागरिक संसाधन सूचना विभाग और उसके बाद जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन कई मामलों में समाधान नहीं मिल पा रहा है।
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निर्वाचन कार्यालय में भीड़ बढ़ने पर बाहर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया ह जहां पिछले चार दशकों तक की मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई है। बड़ी संख्या में लोग फर्श पर बैठकर ही पुरानी मतदाता सूची में अपना नाम और रिकॉर्ड खोजने में लगे हैं। पीपीपी में जन्मतिथि सत्यापन के लिए मतदाता सूची को आधार दस्तावेज माना जा रहा है इसी कारण नागरिक पुराने रिकॉर्ड खंगालने को मजबूर हैं।
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सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को हो रही है, जिनके पास जन्म प्रमाणपत्र या शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे लोग केवल पहचान पत्र के आधार पर सत्यापन कराने की कोशिश कर रहे हैं। कई मामलों में पुराना रिकॉर्ड नहीं मिलने से पेंशन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। दिनभर की कड़ी मशक्कत और निर्वाचन कार्यालय में भटकने के बाद भी कई बुजुर्गों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ रहा है।
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पूरे दिन रिकॉर्ड खंगालने के बाद खाली हाथ लौट रहे बुजुर्ग
सबसे ज्यादा परेशानी उन बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है जो अनपढ़ हैं और उनका जन्म व स्कूल प्रमाणपत्र तक नहीं है। इन बुजुर्गों के पास केवल पहचान पत्र ही जन्मतिथि सत्यापन करवाने का जरिया है। कई बुजुर्ग ऐसे हैं जिनका मतदाता सूची में कोई पुराना रिकॉर्ड ही नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से उनकी बुढ़ापा पेंशन लागू नहीं हो सकी है।
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मेरे मोबाइल फोन में जन्मतिथि सत्यापन करवाने का संदेश आया है। इसके लिए पहले रतिया वार्ड 14 की सूची में नाम देखा लेकिन नाम व रिकॉर्ड नहीं मिला। जब निर्वाचन कार्यालय में आकर पूछा तो यहां भी सूची में नाम नहीं मिल रहा है। इस वजह से मेरी बुढ़ापा पेंशन भी नहीं बन पाई है। प्रशासन को इसकी समय सीमा बढ़ानी चाहिए।
- रामलाल, रतिया।
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मैं अनपढ़ हूं ऐसे में मेरे पास पुराने पहचान पत्र के अलावा जन्मतिथि सत्यापन के लिए कोई भी प्रमाण नहीं है। मेरा पहचान पत्र भी गुम हो चुका है। जिससे मैं अपना पुराना रिकॉर्ड नहीं दिखा पा रही हूं। प्रशासन को कोई दूसरा विकल्प निकालना चाहिए या फिर इसकी तारीख आगे बढ़ानी चाहिए।

- छम्मो देवी, रतिया।
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:: जन्मतिथि सत्यापन के लिए जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल प्रमाणपत्र, साल 2019 का पहचान पत्र, पासपोर्ट और 10वीं का प्रमाणपत्र में से कोई एक प्रमाणपत्र देना जरूरी है। इसके बिना सरकारी सुविधाएं बंद हो सकती है। ऐसे में जल्द अपनी जन्मतिथि सत्यापन करवा लें।
- संदीप कुमार, जिला प्रोग्रामर क्रीड विभाग, फतेहाबाद।
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