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डिस्पोजल टैंक की आठ फुट ऊंची सुरक्षा दीवार गिरी
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फतेहाबाद में डिस्पोजल टैंक की दीवार गिरने के बाद मिट्टी डालते कर्मचारी।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शहर के धर्मशाला रोड और तुलसीदास चौक से बरसाती पानी निकासी के लिए बनाए जा रहे डिस्पोजल टैंक की आठ फुट ऊंची सुरक्षा दीवार वीरवार सुबह गिर गई। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, खोदे गए टैंक से दो मिनट पहले ही मजदूर निकले थे। घटना के बाद आसपास के दुकानदारों का तांता लग गया और विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
बता दें कि बरसाती पानी की निकासी के लिए कन्या स्कूल में जनस्वास्थ्य विभाग 33 लाख रुपये की लागत से डिस्पोजल टैंक तैयार करवा रहा है। वीरवार सुबह डिस्पोजल टैंक में बनाई गई करीब आठ फुट ऊंची सुरक्षा दीवार गिर गई। तैयार होने से पहले ही टैंक की सुरक्षा दीवार गिर जाने से यह सुर्खियों में आ गया है और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। गनीमत रही की सुरक्षा दीवार गिरने से दो मिनट पहले ही वहां काम कर रहे मजदूर चाय पीने के लिए बाहर निकले थे, इस दौरान दीवार गिर गई। निर्माण कार्य को लेकर करीब आठ मजदूर लगे हुए थे।
वहीं दुकानदारों ने डिस्पोजल टैंक बनाने में घटिया क्वालिटी की सामग्री का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं, ये ही नहीं लोगों का कहना है कि डिस्पोजल टैंक में जो दीवार बनाई गई है उसमें कोई पिलर भी नहीं दिया गया। डिस्पोजल टैंक की खोदोई के बाद अभी एक ही दीवार बनाई गई थी जो कि गिर गई।
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सुरक्षा दीवार को नहीं दिया गया था सहारा
डिस्पोजल टैंक में बनाई गई दीवार को सहारा नहीं दिया गया था, इसके अलावा न ही बीच में कोई पिलर बनाया गया। पिछली तरफ से मिट्टी धंस कर दीवार पर गिर, इसके कारण दीवार ढह गई। एजेंसी ने दीवार के पिछली तरफ मिट्टी को दबाया भी नहीं था। मिट्टी नरम होने के कारण दीवार आ गई और वह एक दिन पहले तैयार होने के कारण गिर गई। गनीमत ये रही कि हादसे के दौरान कोई मौके पर नहीं था।
डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में जाना है बरसाती पानी
शहर के धर्मशाला रोड और तुलसीदास चौक पर मानसून में बरसाती पानी जमा हो जाता है। करीब तीन से चार फुट तक पानी जमा रहता है। धर्मशाला रोड और तुलसीदास चौक का पानी डिस्पोजल टैंक में आएगा। यहां से तीन मोटरों के जरिए पानी चिल्ली में बनाए गए डिस्पोजल टैंक में ले जाया जाएगा। चिल्ली के डिस्पोजल टैंक से पानी रंगोई नाले में डाला जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी को इसका कार्य पूरा करने के लिए मानसून से पहले डेडलाइन दे रखी है।
एक साल पहले बना था प्रस्ताव
डिस्पोजल टैंक को लेकर करीब एक साल पहले प्रस्ताव बनाया गया था, इसके टेंडर का वर्क ऑर्डर पर 6 माह पहले हो चुका है। लेकिन सन्यास आश्रम रोड के आधे हिस्से तक ही पाइप लाइन बिछी है, उससे आगे बिछाने को लेकर विवाद चल रहा है। इसके चलते डिस्पोजल टैंक का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब चार दिन पहले टैंक को लेकर खोदाई हुई है।
डिस्पोजल टैंक प्रोजेक्ट रोका, बदली जा सकती है जगह
डिस्पोजल टैंक की सुरक्षा दीवार गिरने क बाद इस प्रोजेक्ट को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रोक दिया है। जहां पर डिस्पोजल टैंक बनाया जा रहा है उसके साथ ही घर है। दीवार गिरने के बाद खतरा हो गया है कि मकान को भी नुकसान हो सकता है। इसके चलते डिस्पोजल टैंक के लिए बनाई गई डिग्गी में भी मिट्टी भर दी गई है। बताया जा रहा है कि डिस्पोजल टैंक के लिए जगह बदली जा सकती है।
कोट
डिस्पोजल टैंक निर्माण का काम रोक दिया गया है। टैंक के लिए जो खोदाई की गई थी उसमें मिट्टी भरी गई है। शुक्रवार को अधिकारी निरीक्षण करेंगे, अगर दूसरी जगह मिलती है तो शिफ्ट करने पर फैसला लिया जा सकता है।
-बलविंद्र सिंह, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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बता दें कि बरसाती पानी की निकासी के लिए कन्या स्कूल में जनस्वास्थ्य विभाग 33 लाख रुपये की लागत से डिस्पोजल टैंक तैयार करवा रहा है। वीरवार सुबह डिस्पोजल टैंक में बनाई गई करीब आठ फुट ऊंची सुरक्षा दीवार गिर गई। तैयार होने से पहले ही टैंक की सुरक्षा दीवार गिर जाने से यह सुर्खियों में आ गया है और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। गनीमत रही की सुरक्षा दीवार गिरने से दो मिनट पहले ही वहां काम कर रहे मजदूर चाय पीने के लिए बाहर निकले थे, इस दौरान दीवार गिर गई। निर्माण कार्य को लेकर करीब आठ मजदूर लगे हुए थे।
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वहीं दुकानदारों ने डिस्पोजल टैंक बनाने में घटिया क्वालिटी की सामग्री का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं, ये ही नहीं लोगों का कहना है कि डिस्पोजल टैंक में जो दीवार बनाई गई है उसमें कोई पिलर भी नहीं दिया गया। डिस्पोजल टैंक की खोदोई के बाद अभी एक ही दीवार बनाई गई थी जो कि गिर गई।
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सुरक्षा दीवार को नहीं दिया गया था सहारा
डिस्पोजल टैंक में बनाई गई दीवार को सहारा नहीं दिया गया था, इसके अलावा न ही बीच में कोई पिलर बनाया गया। पिछली तरफ से मिट्टी धंस कर दीवार पर गिर, इसके कारण दीवार ढह गई। एजेंसी ने दीवार के पिछली तरफ मिट्टी को दबाया भी नहीं था। मिट्टी नरम होने के कारण दीवार आ गई और वह एक दिन पहले तैयार होने के कारण गिर गई। गनीमत ये रही कि हादसे के दौरान कोई मौके पर नहीं था।
डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में जाना है बरसाती पानी
शहर के धर्मशाला रोड और तुलसीदास चौक पर मानसून में बरसाती पानी जमा हो जाता है। करीब तीन से चार फुट तक पानी जमा रहता है। धर्मशाला रोड और तुलसीदास चौक का पानी डिस्पोजल टैंक में आएगा। यहां से तीन मोटरों के जरिए पानी चिल्ली में बनाए गए डिस्पोजल टैंक में ले जाया जाएगा। चिल्ली के डिस्पोजल टैंक से पानी रंगोई नाले में डाला जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी को इसका कार्य पूरा करने के लिए मानसून से पहले डेडलाइन दे रखी है।
एक साल पहले बना था प्रस्ताव
डिस्पोजल टैंक को लेकर करीब एक साल पहले प्रस्ताव बनाया गया था, इसके टेंडर का वर्क ऑर्डर पर 6 माह पहले हो चुका है। लेकिन सन्यास आश्रम रोड के आधे हिस्से तक ही पाइप लाइन बिछी है, उससे आगे बिछाने को लेकर विवाद चल रहा है। इसके चलते डिस्पोजल टैंक का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब चार दिन पहले टैंक को लेकर खोदाई हुई है।
डिस्पोजल टैंक प्रोजेक्ट रोका, बदली जा सकती है जगह
डिस्पोजल टैंक की सुरक्षा दीवार गिरने क बाद इस प्रोजेक्ट को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रोक दिया है। जहां पर डिस्पोजल टैंक बनाया जा रहा है उसके साथ ही घर है। दीवार गिरने के बाद खतरा हो गया है कि मकान को भी नुकसान हो सकता है। इसके चलते डिस्पोजल टैंक के लिए बनाई गई डिग्गी में भी मिट्टी भर दी गई है। बताया जा रहा है कि डिस्पोजल टैंक के लिए जगह बदली जा सकती है।
कोट
डिस्पोजल टैंक निर्माण का काम रोक दिया गया है। टैंक के लिए जो खोदाई की गई थी उसमें मिट्टी भरी गई है। शुक्रवार को अधिकारी निरीक्षण करेंगे, अगर दूसरी जगह मिलती है तो शिफ्ट करने पर फैसला लिया जा सकता है।
-बलविंद्र सिंह, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग

फतेहाबाद में डिस्पोजल टैंक की गिरी सुरक्षा दीवार।- फोटो : Fatehabad