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विद्यार्थियों की नींव कमजोर कर रहा शिक्षा विभाग, बिना किताब कर रहे पढ़ाई
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फतेहाबाद में पढ़ते हुए विद्यार्थी।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शिक्षा का नया सत्र शुरू हो चुका है। साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी सरकारी स्कूलों में अभी तक किताबों की सप्लाई नहीं आई है। शिक्षा विभाग का दावा था कि गर्मियों की छुट्टियां खत्म होते ही विद्यार्थियों के हाथों में किताबें होंगी। लेकिन शिक्षा विभाग प्राइमरी में कक्षा पहली और मिडिल में कक्षा छठी के विद्यार्थियों को किताबें देकर बाकी को देना भूल गया है।
स्कूलों में किताबें न पहुंचने से शिक्षक भी परेशान है। बिना किताबें छह घंटे विद्यार्थियों को पढ़ा पाना मुश्किल है तो सिलेबस में भी पिछड़ रहे हैं। यहां तक कि किताबें न होने के कारण होमवर्क भी नहीं दे पा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में दो सालों से किताबें नहीं आई हैं। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते कक्षाएं नहीं लग पाई थी और वर्ष 2021 में शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों को राशि जारी कर दी थी। राशि देरी से जारी होने के कारण विद्यार्थी किताबें नहीं खरीद पाए थे। कारण ये था कि विद्यार्थियों को बाजार में किताबें ही उपलब्ध नहीं हो पाई थी।
20 फीसदी विद्यार्थियों को मिली किताबें
शिक्षा विभाग कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाता है। जून माह में कक्षा पहली और छठी के विद्यार्थियों की किताबें स्कूलों में पहुंची। भी तक 20.26 फीसदी विद्यार्थियों को किताबें मिली है। करीब 80 फीसदी विद्यार्थी किताबों से वंचित है। जिले में अब सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक 77659 विद्यार्थी दाखिला ले चुके है। इसमें 15740 विद्यार्थियों के लिए किताबें आईं हैं।
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सरकारी स्कूलों में हुए दाखिले
कक्षा विद्यार्थी संख्या
पहली 4725
दूसरी 10350
तीसरी 10250
चौथी 10152
पांचवीं 10642
छठी 11015
सातवीं 10691
आठवीं 9834
छोटे बच्चों को आनलाइन पढ़ा पाना मुश्किल
स्कूल पूरी तरह से खुल चुके है और मैनुअल पढ़ाई स्कूलों में शुरू हो चुकी है। लेकिन किताबें न होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षक दोनों को दिक्कत हो रही है। छह घंटे तक विद्यार्थियों का बिना किताबें पढ़ पाना मुश्किल है। ऑनलाइन भी विद्यार्थियों को लंबे समय तक नहीं पढ़ाया जा सकता है।
-अनुराग धारीवाल, शिक्षाविद
विद्यार्थियों की नींव कमजोर कर रहा विभाग
प्राइमरी में कक्षा पहली और मिडिल में कक्षा छठी के विद्यार्थियों की ही किताबें आई है। कई बार इस संबंध में अधिकारियों को कहा जा चुका है लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि जल्द सप्लाई आ जाएगी। सेट की परीक्षाएं भी जल्द शुरू होने वाली है, ऐसे में विद्यार्थी कैसे तैयारी कर पाएंगे। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की नींव कमजोर कर रहा है।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
किताबों को लेकर निदेशालय में उच्च अधिकारियों से बात हुई थी, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य कक्षाओं की भी किताबों की सप्लाई आ जाएगी। उम्मीद है अगले सप्ताह तक किताबों की सप्लाई शुरू हो जाएं।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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स्कूलों में किताबें न पहुंचने से शिक्षक भी परेशान है। बिना किताबें छह घंटे विद्यार्थियों को पढ़ा पाना मुश्किल है तो सिलेबस में भी पिछड़ रहे हैं। यहां तक कि किताबें न होने के कारण होमवर्क भी नहीं दे पा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में दो सालों से किताबें नहीं आई हैं। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते कक्षाएं नहीं लग पाई थी और वर्ष 2021 में शिक्षा विभाग ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों को राशि जारी कर दी थी। राशि देरी से जारी होने के कारण विद्यार्थी किताबें नहीं खरीद पाए थे। कारण ये था कि विद्यार्थियों को बाजार में किताबें ही उपलब्ध नहीं हो पाई थी।
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20 फीसदी विद्यार्थियों को मिली किताबें
शिक्षा विभाग कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाता है। जून माह में कक्षा पहली और छठी के विद्यार्थियों की किताबें स्कूलों में पहुंची। भी तक 20.26 फीसदी विद्यार्थियों को किताबें मिली है। करीब 80 फीसदी विद्यार्थी किताबों से वंचित है। जिले में अब सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक 77659 विद्यार्थी दाखिला ले चुके है। इसमें 15740 विद्यार्थियों के लिए किताबें आईं हैं।
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सरकारी स्कूलों में हुए दाखिले
कक्षा विद्यार्थी संख्या
पहली 4725
दूसरी 10350
तीसरी 10250
चौथी 10152
पांचवीं 10642
छठी 11015
सातवीं 10691
आठवीं 9834
छोटे बच्चों को आनलाइन पढ़ा पाना मुश्किल
स्कूल पूरी तरह से खुल चुके है और मैनुअल पढ़ाई स्कूलों में शुरू हो चुकी है। लेकिन किताबें न होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षक दोनों को दिक्कत हो रही है। छह घंटे तक विद्यार्थियों का बिना किताबें पढ़ पाना मुश्किल है। ऑनलाइन भी विद्यार्थियों को लंबे समय तक नहीं पढ़ाया जा सकता है।
-अनुराग धारीवाल, शिक्षाविद
विद्यार्थियों की नींव कमजोर कर रहा विभाग
प्राइमरी में कक्षा पहली और मिडिल में कक्षा छठी के विद्यार्थियों की ही किताबें आई है। कई बार इस संबंध में अधिकारियों को कहा जा चुका है लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि जल्द सप्लाई आ जाएगी। सेट की परीक्षाएं भी जल्द शुरू होने वाली है, ऐसे में विद्यार्थी कैसे तैयारी कर पाएंगे। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की नींव कमजोर कर रहा है।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
किताबों को लेकर निदेशालय में उच्च अधिकारियों से बात हुई थी, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य कक्षाओं की भी किताबों की सप्लाई आ जाएगी। उम्मीद है अगले सप्ताह तक किताबों की सप्लाई शुरू हो जाएं।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी