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Fatehabad News: ई-दिशा केंद्र से लाखों का राजस्व, बदबूदार शौचालयों से लोग परेशान
Wed, 26 Nov 2025 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 26 Nov 2025 11:06 PM IST
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दिशा केंद्र में बने शौचालय के अंदर फैली गंदगी।
फतेहाबाद। सरकार की ओर से नागरिकों को एक ही छत के नीचे तमाम सरकारी सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से बनाए गए ई-दिशा केंद्र में नागरिकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। जिला मुख्यालय के लघु सचिवालय के दूसरे भवन में स्थित ई-दिशा केंद्र का हाल यह है कि यहां से सरकार के खजाने में रोजाना लाखों रुपये का राजस्व जमा हो रहा है, लेकिन बदले में आम जनता को सुविधाएं शून्य मिल रही हैं। सबसे बुरा हाल यहां के शौचालयों का है, जहां गंदगी और बदबू के कारण खड़ा होना भी किसी जंग लड़ने से कम नहीं है।
ई-दिशा केंद्र में रोजाना सैकड़ों लोग अपने वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और जमीनी रजिस्ट्री जैसे कार्यों के लिए आते हैं। इन कार्यों की एवज में सरकार जनता से फीस के रूप में काफी पैसा लेती है। ई-दिशा केंद्र से सरकार को रोजाना लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। उसके बावजूद भी प्रशासन यहां बुनियादी सुविधाएं और साफ-सफाई सही से नहीं करवा पा रहे हैं।
नारकीय स्थिति में शौचालय, सफाई का नामोनिशान नहीं
ई-दिशा केंद्र में आने वाले आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत यहां के शौचालय बन गए हैं। शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां कदम रखना भी किसी सजा से कम नहीं है। सफाई न होने के कारण टॉयलेट गंदगी से अटी पड़ी हैं और फर्श पर पानी व कीचड़ जमा है। वहां से उठने वाली असहनीय दुर्गंध ने पूरे परिसर के वातावरण को दूषित कर दिया है। स्थिति यह है कि लोगों को मुंह पर रुमाल रखकर या नाक बंद करके ई-दिशा केंद्र के अंदर जाना पड़ता है।
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कर्मचारी और आम जनता परेशान
ई-दिशा केंद्र में शौचालय को लेकर फैली अव्यवस्था का खामियाजा केवल अपने काम के लिए आने वाली आम जनता को ही नहीं, बल्कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। दुर्गंध के बीच बैठकर काम करना कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। महिला कर्मचारियों और आवेदकों के लिए स्थिति और भी विकट है, क्योंकि वे चाहकर भी इन शौचालयों का उपयोग नहीं कर सकतीं। साफ-सफाई नहीं होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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ई-दिशा केंद्र में रोजाना सैकड़ों लोग अपने वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस और जमीनी रजिस्ट्री जैसे कार्यों के लिए आते हैं। इन कार्यों की एवज में सरकार जनता से फीस के रूप में काफी पैसा लेती है। ई-दिशा केंद्र से सरकार को रोजाना लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। उसके बावजूद भी प्रशासन यहां बुनियादी सुविधाएं और साफ-सफाई सही से नहीं करवा पा रहे हैं।
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नारकीय स्थिति में शौचालय, सफाई का नामोनिशान नहीं
ई-दिशा केंद्र में आने वाले आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत यहां के शौचालय बन गए हैं। शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां कदम रखना भी किसी सजा से कम नहीं है। सफाई न होने के कारण टॉयलेट गंदगी से अटी पड़ी हैं और फर्श पर पानी व कीचड़ जमा है। वहां से उठने वाली असहनीय दुर्गंध ने पूरे परिसर के वातावरण को दूषित कर दिया है। स्थिति यह है कि लोगों को मुंह पर रुमाल रखकर या नाक बंद करके ई-दिशा केंद्र के अंदर जाना पड़ता है।
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कर्मचारी और आम जनता परेशान
ई-दिशा केंद्र में शौचालय को लेकर फैली अव्यवस्था का खामियाजा केवल अपने काम के लिए आने वाली आम जनता को ही नहीं, बल्कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। दुर्गंध के बीच बैठकर काम करना कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। महिला कर्मचारियों और आवेदकों के लिए स्थिति और भी विकट है, क्योंकि वे चाहकर भी इन शौचालयों का उपयोग नहीं कर सकतीं। साफ-सफाई नहीं होने के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।