समैन। टोहाना खंड के कई गांवों में इस बार मानसून की बेरुखी के कारण सूखा पड़ने की आशंका बढ़ने लगी है। बारिश के अभाव में सबसे अधिक धान की फसल पर प्रभाव पड़ा है। धान की फसल पूरी तरह से सूख चुकी है। बारिश न होने से सबसे ज्यादा भयावह स्थिति गांव भीमेवाला में बनने लगी है। गांव की एक हजार एकड़ से ज्यादा धान की फसल सूखे की चपेट में आ चुकी है व पूरी तरह सूख चुकी है। पिछले तीन साल से भारी बारिश के कारण जलभराव की मार झेलने वाले इस गांव के किसान इस बार सूखे की मार झेलने को मजबूर हैं।गांव भीमेवाला में लगभग 1000 एकड़ से अधिक जमीन में धान की रोपाई की गई थी। इसमें से काफी बड़ा रकबा सूखने के कगार पर है। किसान सत्यनारायण, रामकेश, राजबीर, रमेश, संदीप, सतबीर ने बताया कि गांव में हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। बारिश के अभाव में इस बार किसान सूखे की चपेट में आ चुके हैं। धान की फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं हैं। बिजली की आपूर्ति बाधित रहने से किसान फसलों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। यही हालात गांव समैन, नांगली, गाजुवाला, पिरथला, पारता में भी होते जा रहे हैं। क्षेत्र में मानसून की अच्छी बारिश न होने से किसानों की चिंता अब बढ़ने लगी है। ट्यूबवेल के पानी से किसान धान की फसल में अच्छी तरह सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बढ़ती महंगाई व धान की फसल पूरी तरह से खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

फतेहाबाद के भट्टू रोड पर जलभराव के बीच गुजरता स्कूटी चालक।