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नशे की लत ने उजाड़ दी दोनों जिंदगियां
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:21 AM IST
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हर्षद के मौत के मामले में आरोपी बनाए गया उसका दोस्त कर्ण घटना वाले दिन नशे की ओवरडोज होने के बाद मॉडल टाऊन के खंडहर में उसे तड़पता छोड़ गया था।
संवेदनहीनता की इंतहा तो अगले दिन सुबह हुई जब वो फिर से घटनास्थल पर गया। जहां हर्षद की मौत हो चुकी थी और उसके शव को सुअर नोंच रहे थे। बावजूद उसका दिल नहीं पसीजा और वो चुपचाप वापस चला गया।
बाद में स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम की तहकीकात में पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आखिरकार आरोपी कर्ण चुघ टूट गया और उसने सारी बात उगल डाली। इसकी पुष्टि पुलिस कप्तान ओपी नरवाल ने की है।
मात्रा का पता न चला, और ओवरडोज ने ले ली जान
एसआईटी की तहकीकात में सामने आया है कि घटना वाले दिन हर्षद और कर्ण बाइक पर फतेहाबाद आ गए। यहां कर्ण ने सन्यास आश्रम रोड निवासी सुमित सोनी को फोन कर ड्रग्स मुहैया करवाने की बात कही।
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थोड़ी देर बाद ही दीपक जाट नामक युवक स्थानीय पपीहा पार्क के पास उनको ड्रग्स की पुड़िया डिलीवर करके चला गया। पूछताछ में ये भी निकल कर आया है कि हर्षद और कर्ण ने पहले ही फतेहाबाद के हरियाणा मेडिकल नामक दुकान से इंजेक्शन सीरिंज ले ली थी।
ड्रग्स हाथ में आने के बाद दोनों मॉडल टाऊन में स्थित खंडहर में गए। जहां कर्ण ने खुद को इंजेक्शन लगाया और उसके बाद उसी ने हर्षद को भी इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन में सामान्य से अधिक मात्रा का उन्हें पता नहीं चला जिसके कारण नशे का ओवरडोज होने के कारण हर्षद की तबीयत बिगड़ने लग गई। ऐसे हालात में हर्षद को संभालने की बजाए कर्ण वहां से वापिस अपने घर रतिया जाकर सो गया।
पुलिस अब सुमित और दीपक जाट से उगलवाएगी नशे के होलसेलरों के नाम-पते
जानकारी के अनुसार पुलिस अब इस मामले में नशे के डीलर के रूप में सामने आए सुमित और दीपक जाट से नशे के होलसेलरों के नाम-पते उगलवाने का प्रयास करेगी।
अभी तक सुमित और दीपक जाट दोनों ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनके ठिकानों पर लगातार छापा मार रही है। पुलिस कप्तान ओपी नरवाल इस मामले को खुद देख रहे हैं।
उन्होंने एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुमित और दीपक को काबू कर उनके लिंक-अप को खंगाला जाए। पुलिस को उम्मीद है कि सुमित और दीपक छोटी मछलियां हैं, इनके सहारे बड़ी मछलियों को काबू किया जा सकता है।
मृतक हर्षद को उसके दोस्त कर्ण ने ही इंजेक्शन लगाया था। जिसके बाद उसकी मौत हुई। कर्ण उसे छोड़कर भाग गया। अगले दिन भी उसने हर्षद के शव को सुअरों से नोंचते देखा लेकिन बिना किसी को कुछ कहे, वो फिर से वापस भाग गया।
सुमित और दीपक जाट को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उनकी हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। उनके ड्रग्स कनेक्शनों का पता लगाया जाएगा।
ओपी नरवाल, एसपी, फतेहाबाद।
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संवेदनहीनता की इंतहा तो अगले दिन सुबह हुई जब वो फिर से घटनास्थल पर गया। जहां हर्षद की मौत हो चुकी थी और उसके शव को सुअर नोंच रहे थे। बावजूद उसका दिल नहीं पसीजा और वो चुपचाप वापस चला गया।
बाद में स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम की तहकीकात में पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आखिरकार आरोपी कर्ण चुघ टूट गया और उसने सारी बात उगल डाली। इसकी पुष्टि पुलिस कप्तान ओपी नरवाल ने की है।
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मात्रा का पता न चला, और ओवरडोज ने ले ली जान
एसआईटी की तहकीकात में सामने आया है कि घटना वाले दिन हर्षद और कर्ण बाइक पर फतेहाबाद आ गए। यहां कर्ण ने सन्यास आश्रम रोड निवासी सुमित सोनी को फोन कर ड्रग्स मुहैया करवाने की बात कही।
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थोड़ी देर बाद ही दीपक जाट नामक युवक स्थानीय पपीहा पार्क के पास उनको ड्रग्स की पुड़िया डिलीवर करके चला गया। पूछताछ में ये भी निकल कर आया है कि हर्षद और कर्ण ने पहले ही फतेहाबाद के हरियाणा मेडिकल नामक दुकान से इंजेक्शन सीरिंज ले ली थी।
ड्रग्स हाथ में आने के बाद दोनों मॉडल टाऊन में स्थित खंडहर में गए। जहां कर्ण ने खुद को इंजेक्शन लगाया और उसके बाद उसी ने हर्षद को भी इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन में सामान्य से अधिक मात्रा का उन्हें पता नहीं चला जिसके कारण नशे का ओवरडोज होने के कारण हर्षद की तबीयत बिगड़ने लग गई। ऐसे हालात में हर्षद को संभालने की बजाए कर्ण वहां से वापिस अपने घर रतिया जाकर सो गया।
पुलिस अब सुमित और दीपक जाट से उगलवाएगी नशे के होलसेलरों के नाम-पते
जानकारी के अनुसार पुलिस अब इस मामले में नशे के डीलर के रूप में सामने आए सुमित और दीपक जाट से नशे के होलसेलरों के नाम-पते उगलवाने का प्रयास करेगी।
अभी तक सुमित और दीपक जाट दोनों ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनके ठिकानों पर लगातार छापा मार रही है। पुलिस कप्तान ओपी नरवाल इस मामले को खुद देख रहे हैं।
उन्होंने एसआईटी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुमित और दीपक को काबू कर उनके लिंक-अप को खंगाला जाए। पुलिस को उम्मीद है कि सुमित और दीपक छोटी मछलियां हैं, इनके सहारे बड़ी मछलियों को काबू किया जा सकता है।
मृतक हर्षद को उसके दोस्त कर्ण ने ही इंजेक्शन लगाया था। जिसके बाद उसकी मौत हुई। कर्ण उसे छोड़कर भाग गया। अगले दिन भी उसने हर्षद के शव को सुअरों से नोंचते देखा लेकिन बिना किसी को कुछ कहे, वो फिर से वापस भाग गया।
सुमित और दीपक जाट को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उनकी हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। उनके ड्रग्स कनेक्शनों का पता लगाया जाएगा।
ओपी नरवाल, एसपी, फतेहाबाद।