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Fatehabad News: सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक आज से हड़ताल पर, ओपीडी व आपातकाल की सेवाएं भी नहीं देंगे
Thu, 25 Jul 2024 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 25 Jul 2024 01:01 AM IST
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फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। इस दौरान चिकित्सक ओपीडी के अलावा आपातकालीन सेवाएं भी नहीं देंगे। इसके अलावा पोस्टमार्टम करने से भी मना कर दिया है। यहां तक आईएमए से जुड़े पैनल पर सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने वाले निजी अस्पतालों के चिकित्सक भी सेवाएं नहीं देंगे।
ऐसे में सरकारी अस्पतालों व सीएचसी और पीएचसी में व्यवस्था बिगड़ सकती है। जिले में करीब 60 डॉक्टर तैनात हैं। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में रोजाना 750 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है। अस्पताल में चर्म रोग, कान-नाक गला रोग, नेत्र रोग, मनोरोग, टीबी रोग, महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी होती है। चिकित्सक की हड़ताल से ओपीडी तो प्रभावित होगी ही इमरजेंसी सेवाओं पर भी असर पड़ेगा। इमरजेंसी में रोजाना 50 से 60 मरीज आते हैं।
एनएचएम और आरबीएसके डॉक्टर संभालेंगे व्यवस्था
चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्यालय ने बुधवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सिविल सर्जन की बैठक ली। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल का कहना है कि व्यवस्था चलाने के लिए एनएचएम के तहत तैनात चिकित्सक व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगे चिकित्सकों की ड्यूटी नागरिक अस्पतालों में लगाई गई है ताकि इमरजेंसी सेवाएं चलती रहे। दावा है कि दोपहर 12 बजे तक मांगों को लेकर समाधान हो जाएगा।
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नोटिफिकेशन पर रुकी बात
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस के जिला प्रधान डॉ. भरत सहारण का कहना है कि एसोसिएशन एवं सरकार के बीच हुई वार्ता में सहमति बनी थी कि 4,9,13 साल पर एसीपी और पीजी बॉन्ड की राशि 50 लाख करने का नोटिफिकेशन 25 जुलाई से पहले जारी हो जाएगा। लेकिन नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा एसएमओ के पद पर सीधी भर्ती नहीं होगी। लेकिन इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसके चलते मजबूरन वीरवार को हड़ताल करनी पड़ रही है। इमरजेंसी सेवाएं भी डॉक्टर नहीं देंगे और पोस्टमार्टम भी नहीं किया जाएगा।
नर्सिंग ऑफिसर आज दो घंटे की हड़ताल पर
स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कैडर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को भी काले बिल्ले लगाकर काम किया। नर्सिंग ऑफिसर ने कहा कि सरकार अगर उनकी मांगे नहीं मानती है तो वीरवार को दो घंटे हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेशभर की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में सुबह 9 से 11 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखकर रोष व्यक्त किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में अनुबंध पर आईएमए से जुड़े डॉक्टर ड्यूटी दे रहे हैं। एचसीएमएस की हड़ताल के चलते पैनल में शामिल डॉक्टर भी सरकारी अस्पतालों में हड़ताल रहने तक अपनी सेवाएं नहीं देंगे।
- डॉ. पवन मेहता, प्रधान, आईएमए
अस्पतालों में व्यवस्था चलाने के लिए एनएचएम और आरबीएसके के तहत तैनात डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। सेवाएं बाधित नहीं होने दी जाएंगी। उच्च अधिकारियों ने व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए है।
- डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन
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ऐसे में सरकारी अस्पतालों व सीएचसी और पीएचसी में व्यवस्था बिगड़ सकती है। जिले में करीब 60 डॉक्टर तैनात हैं। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में रोजाना 750 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है। अस्पताल में चर्म रोग, कान-नाक गला रोग, नेत्र रोग, मनोरोग, टीबी रोग, महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी होती है। चिकित्सक की हड़ताल से ओपीडी तो प्रभावित होगी ही इमरजेंसी सेवाओं पर भी असर पड़ेगा। इमरजेंसी में रोजाना 50 से 60 मरीज आते हैं।
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एनएचएम और आरबीएसके डॉक्टर संभालेंगे व्यवस्था
चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्यालय ने बुधवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सिविल सर्जन की बैठक ली। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल का कहना है कि व्यवस्था चलाने के लिए एनएचएम के तहत तैनात चिकित्सक व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगे चिकित्सकों की ड्यूटी नागरिक अस्पतालों में लगाई गई है ताकि इमरजेंसी सेवाएं चलती रहे। दावा है कि दोपहर 12 बजे तक मांगों को लेकर समाधान हो जाएगा।
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नोटिफिकेशन पर रुकी बात
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस के जिला प्रधान डॉ. भरत सहारण का कहना है कि एसोसिएशन एवं सरकार के बीच हुई वार्ता में सहमति बनी थी कि 4,9,13 साल पर एसीपी और पीजी बॉन्ड की राशि 50 लाख करने का नोटिफिकेशन 25 जुलाई से पहले जारी हो जाएगा। लेकिन नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा एसएमओ के पद पर सीधी भर्ती नहीं होगी। लेकिन इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसके चलते मजबूरन वीरवार को हड़ताल करनी पड़ रही है। इमरजेंसी सेवाएं भी डॉक्टर नहीं देंगे और पोस्टमार्टम भी नहीं किया जाएगा।
नर्सिंग ऑफिसर आज दो घंटे की हड़ताल पर
स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कैडर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बुधवार को भी काले बिल्ले लगाकर काम किया। नर्सिंग ऑफिसर ने कहा कि सरकार अगर उनकी मांगे नहीं मानती है तो वीरवार को दो घंटे हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेशभर की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में सुबह 9 से 11 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखकर रोष व्यक्त किया जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में अनुबंध पर आईएमए से जुड़े डॉक्टर ड्यूटी दे रहे हैं। एचसीएमएस की हड़ताल के चलते पैनल में शामिल डॉक्टर भी सरकारी अस्पतालों में हड़ताल रहने तक अपनी सेवाएं नहीं देंगे।
- डॉ. पवन मेहता, प्रधान, आईएमए
अस्पतालों में व्यवस्था चलाने के लिए एनएचएम और आरबीएसके के तहत तैनात डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। सेवाएं बाधित नहीं होने दी जाएंगी। उच्च अधिकारियों ने व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए है।
- डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन