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Fatehabad News: गाजूवाला में 55 पेड़ों की कटाई पर विवाद, जांच में नहीं पहुंचे सरपंच
Tue, 28 Jul 2026 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:35 PM IST
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गाजूवाला में पेड काटे जाने के मामले में बीडीपीओ से मिलने पहुंचे शिकायतकर्ता बिजेंद्र व अन्य। स
टोहाना। गाजूवाला गांव में 55 पेड़ों की कटाई का मामला अब जांच तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर वर्ष 2024 में जारी अनुमति का इस्तेमाल वर्ष 2026 में करते हुए हरे पेड़ों की कटाई करवाने का आरोप लगाया है। शिकायत पर मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय में सुनवाई रखी गई थी लेकिन सरपंच के उपस्थित नहीं होने से जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
ग्रामीणों ने बीडीपीओ राहुल श्योकंद को दी शिकायत में आरोप लगाया कि जिन 55 पेड़ों की कटाई की अनुमति वर्ष 2024 में मिली थी उनकी कटाई उसी समय हो चुकी थी। इसके बाद भी उसी अनुमति के आधार पर दोबारा पेड़ों की कटाई करवा दी गई। शिकायतकर्ता बजिंद्र और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि काटे गए पेड़ पूरी तरह स्वस्थ और हरे-भरे थे। पेड़ों से किसी प्रकार का खतरा भी नहीं था। ग्रामीणों ने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए मामले की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब अनुमति वर्ष 2024 में जारी हुई थी तो दो साल बाद उसी आधार पर पेड़ों की कटाई कैसे कराई गई। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों की कटाई पर रोक संबंधी हाईकोर्ट के निर्देश भी हैं। वहीं बीडीपीओ राहुल श्योकंद ने बताया कि मामले की जांच के लिए दोनों पक्षों को नोटिस भेजे गए थे। सरपंच ने घरेलू कारणों से उपस्थित नहीं हो पाने की जानकारी दी है। अब जांच के लिए नई तारीख निर्धारित की जाएगी।
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ग्रामीणों ने बीडीपीओ राहुल श्योकंद को दी शिकायत में आरोप लगाया कि जिन 55 पेड़ों की कटाई की अनुमति वर्ष 2024 में मिली थी उनकी कटाई उसी समय हो चुकी थी। इसके बाद भी उसी अनुमति के आधार पर दोबारा पेड़ों की कटाई करवा दी गई। शिकायतकर्ता बजिंद्र और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि काटे गए पेड़ पूरी तरह स्वस्थ और हरे-भरे थे। पेड़ों से किसी प्रकार का खतरा भी नहीं था। ग्रामीणों ने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए मामले की जांच की मांग की है।
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ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब अनुमति वर्ष 2024 में जारी हुई थी तो दो साल बाद उसी आधार पर पेड़ों की कटाई कैसे कराई गई। उन्होंने कहा कि हरे पेड़ों की कटाई पर रोक संबंधी हाईकोर्ट के निर्देश भी हैं। वहीं बीडीपीओ राहुल श्योकंद ने बताया कि मामले की जांच के लिए दोनों पक्षों को नोटिस भेजे गए थे। सरपंच ने घरेलू कारणों से उपस्थित नहीं हो पाने की जानकारी दी है। अब जांच के लिए नई तारीख निर्धारित की जाएगी।
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