{"_id":"6a9708cb593216c13f062fa9","slug":"dhyan-singh-contested-the-pu-election-as-an-independent-candidate-and-became-the-secretary-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-160354-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पीयू चुनाव में आजाद उम्मीदवार के तौर मैदान में उतरे ध्यान सिंह और बने सचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पीयू चुनाव में आजाद उम्मीदवार के तौर मैदान में उतरे ध्यान सिंह और बने सचिव
Tue, 01 Sep 2026 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 01 Sep 2026 10:48 PM IST
विज्ञापन
छात्र ध्यान सिंह
फतेहाबाद। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल के चुनाव में गांव एमपी रोही के ध्यान सिंह (समीर गोदारा) महासचिव बने हैं। ध्यान सिंह पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पैतृक गांव के निवासी हैं। ध्यान सिंह के पिता अजय कुमार किसान है और माता सोनिया गृहिणी है। बहन निर्मला स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।
ध्यान सिंह ने बताया कि पीयू चुनाव में वह आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरे। उन्होंने शुरू से ही नारा दिया कि बिना पैसे के चुनाव लड़ना है और छात्र शक्ति के दम पर लड़ना है। छात्रों ने साथ दिया और वह चुनाव जीते हैं। इन चुनावों में मनी पावर रहती है लेकिन वह शुरू से ही इसके खिलाफ रहे हैं।
चुनाव ने साबित कर दिया कि इलेक्शन में मनी पावर नहीं छात्र पावर जीतती है। वह यूनिवर्सिटी में एलएलबी में चौथे साल के छात्र है। शुरू से ही वह छात्रों के हक की लड़ाई में शामिल रहे हैं। अब यूनिवर्सिटी कैंपस काउंसिल में शामिल हुए। ध्यान सिंह का कहना है उनका मकसद विद्यार्थियों को उनके हक दिलवाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ध्यान सिंह ने बताया कि पीयू चुनाव में वह आजाद उम्मीदवार के तौर पर उतरे। उन्होंने शुरू से ही नारा दिया कि बिना पैसे के चुनाव लड़ना है और छात्र शक्ति के दम पर लड़ना है। छात्रों ने साथ दिया और वह चुनाव जीते हैं। इन चुनावों में मनी पावर रहती है लेकिन वह शुरू से ही इसके खिलाफ रहे हैं।
विज्ञापन
चुनाव ने साबित कर दिया कि इलेक्शन में मनी पावर नहीं छात्र पावर जीतती है। वह यूनिवर्सिटी में एलएलबी में चौथे साल के छात्र है। शुरू से ही वह छात्रों के हक की लड़ाई में शामिल रहे हैं। अब यूनिवर्सिटी कैंपस काउंसिल में शामिल हुए। ध्यान सिंह का कहना है उनका मकसद विद्यार्थियों को उनके हक दिलवाना है।
विज्ञापन