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Fatehabad News: डेढ़ साल से विकास कार्य अटके, ग्रांट हुई वापस, अब दोबारा होगी प्रक्रिया
Thu, 01 Oct 2026 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:52 PM IST
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पंचायती राज विभाग का कार्यालय। लाइब्रेरी
फतेहाबाद। पंचायती राज विभाग से पर्याप्त बजट नहीं मिलने और टेंडर वापस होने से जिले के 25 गांवों की मुख्य फिरनियों के विकास कार्य करीब डेढ़ साल से अटके हैं। 21 करोड़ 98 लाख रुपये की स्वीकृत परियोजना अब नई प्रक्रिया के इंतजार में है।
विभाग ने वर्षों से जर्जर पड़ी फिरनियों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 21 करोड़ 98 लाख रुपये का अनुमान तैयार कर बजट स्वीकृत कराया था। इसके तहत 25 गांवों की मुख्य फिरनियों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाना था। यह जिला स्तर पर पिछले डेढ़ वर्ष में पंचायती राज विभाग की ओर से आवंटित सबसे बड़ा प्रोजेक्ट था।
टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद ग्रामीणों को टूटी सड़कों, जलभराव और आवागमन की समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। टेंडर प्रक्रिया के बीच पंचायती राज विभाग ने करीब 22 करोड़ रुपये का टेंडर वापस ले लिया। इसके बाद प्रस्तावित विकास कार्य रुक गए। वापस हुई ग्रांट भी अभी दोबारा जारी नहीं हो सकी है।
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परियोजना पूरी होने पर गांवों की मुख्य फिरनियों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद थी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने के साथ जलभराव जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती थी। टेंडर वापस होने से अब संबंधित गांवों को नई प्रक्रिया शुरू होने तक इंतजार करना पड़ेगा। विकास कार्य कब शुरू होंगे यह नई टेंडर प्रक्रिया और बजट जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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इन गांवों में होना था निर्माण
पंचायती राज विभाग की ओर से गांव धोलू, जल्लोपुर, जांडवाला सोत्तर, जापतेवाला, मढ़, मुसाखेड़ा, रत्ताटिब्बा, तामसपुरा, ठरवी, चिम्मो, गाजूवाला, ढाणी बिलासपुर, हैदरवाला, हमजापुर, रामसरा, सरवरपुर, सहनाल, बलियाला, भट्टूकलां, भट्टू खुर्द, ढाणी ईशर, धारसूल कलां, धारसूल खुर्द, धिड़, गदली और हांसपुर में फिरनियों का निर्माण कार्य होना था।
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विकास कार्य अटके, ग्रामीण परेशान
टेंडर वापस लिए जाने के बाद दिलबाग, रणजीत और प्रकाश कुमार ने कहा कि टेंडर रद्द होने से अब फिरनी का निर्माण या सुधार कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे। फिरनी की हालत बेहद खस्ता हैं। कई गांवों में सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं तो कहीं जलभराव के कारण ग्रामीणों और वाहनों का गुजरना दूभर हो चुका है। प्रशासन के इस फैसले से गांवों का विकास प्रभावित हुआ है।
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:: मुख्यालय की ओर से टेंडर रद्द हुए हैं। एक बार यह राशि वापिस चली गई है। आगे कभी फिर से भेजकर एस्टीमेट बनेगा और सके बाद ग्रांट जारी होगा।
- देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभिंयता, पंचायती राज विभाग, फतेहाबाद।
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विभाग ने वर्षों से जर्जर पड़ी फिरनियों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 21 करोड़ 98 लाख रुपये का अनुमान तैयार कर बजट स्वीकृत कराया था। इसके तहत 25 गांवों की मुख्य फिरनियों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जाना था। यह जिला स्तर पर पिछले डेढ़ वर्ष में पंचायती राज विभाग की ओर से आवंटित सबसे बड़ा प्रोजेक्ट था।
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टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद ग्रामीणों को टूटी सड़कों, जलभराव और आवागमन की समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। टेंडर प्रक्रिया के बीच पंचायती राज विभाग ने करीब 22 करोड़ रुपये का टेंडर वापस ले लिया। इसके बाद प्रस्तावित विकास कार्य रुक गए। वापस हुई ग्रांट भी अभी दोबारा जारी नहीं हो सकी है।
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परियोजना पूरी होने पर गांवों की मुख्य फिरनियों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद थी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होने के साथ जलभराव जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती थी। टेंडर वापस होने से अब संबंधित गांवों को नई प्रक्रिया शुरू होने तक इंतजार करना पड़ेगा। विकास कार्य कब शुरू होंगे यह नई टेंडर प्रक्रिया और बजट जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इन गांवों में होना था निर्माण
पंचायती राज विभाग की ओर से गांव धोलू, जल्लोपुर, जांडवाला सोत्तर, जापतेवाला, मढ़, मुसाखेड़ा, रत्ताटिब्बा, तामसपुरा, ठरवी, चिम्मो, गाजूवाला, ढाणी बिलासपुर, हैदरवाला, हमजापुर, रामसरा, सरवरपुर, सहनाल, बलियाला, भट्टूकलां, भट्टू खुर्द, ढाणी ईशर, धारसूल कलां, धारसूल खुर्द, धिड़, गदली और हांसपुर में फिरनियों का निर्माण कार्य होना था।
विकास कार्य अटके, ग्रामीण परेशान
टेंडर वापस लिए जाने के बाद दिलबाग, रणजीत और प्रकाश कुमार ने कहा कि टेंडर रद्द होने से अब फिरनी का निर्माण या सुधार कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे। फिरनी की हालत बेहद खस्ता हैं। कई गांवों में सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं तो कहीं जलभराव के कारण ग्रामीणों और वाहनों का गुजरना दूभर हो चुका है। प्रशासन के इस फैसले से गांवों का विकास प्रभावित हुआ है।
:: मुख्यालय की ओर से टेंडर रद्द हुए हैं। एक बार यह राशि वापिस चली गई है। आगे कभी फिर से भेजकर एस्टीमेट बनेगा और सके बाद ग्रांट जारी होगा।
- देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभिंयता, पंचायती राज विभाग, फतेहाबाद।