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टीबी के मरीजों के संपर्क में आए लोगों को टीबी होने से बचाएगा विभाग
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नागरिक अस्पताल में टीबी जांच विभाग।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। टीबी बीमारी को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीपीटी प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। अब टीबी के मरीजों के संपर्क में आए लोगों का भी जांच किया जाएगा। अगर इस जांच में पॉजिटिव मिलते हैं तो स्वास्थ्य विभाग वजन के मुताबिक उपचार शुरू करेगा। ये टेस्ट ईग्रा और टीएसटी होगा। इस टेस्ट से ये पता चलेगा कि संपर्क में आए व्यक्ति के शरीर में कीटाणु तो नहीं जिसकी वजह से उसे भविष्य में टीबी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग फेफड़ों में टीबी मिलने वाले मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच करेगा। फेफड़ों की टीबी के मरीज से संपर्क में आए व्यक्ति के शरीर में कीटाणु जा सकता है। जिले में इस साल अक्तूबर माह तक 1675 मरीजों में टीबी की पुष्टि हो चुकी है। टीबी के मरीज उपचार के साथ-साथ अच्छा पोषण ले सकें, इसके लिए निक्षय पोषण योजना शुरू हो रखी है। इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग मरीज को 500 रुपये हर माह देता है, ये राशि तब तक दी जाती है जब तक मरीज का उपचार चलता है।
2.6 फीसदी बच्चे भी टीबी की चपेट में
बच्चे भी टीबी की चपेट में आ रहे है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 43 बच्चे टीबी पॉजिटिव मिले हैं। जिले में कुल 1675 टीबी मरीज मिल चुके हैं, इसमें 2.6 फीसदी बच्चे भी शामिल हैं।
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सरकारी और निजी अस्पताल में मिले टीबी के मरीज
क्षेत्र सरकारी अस्पताल प्राइवेट कुल मरीज
भट्टू 21 10 31
भूना 78 0 78
फतेहाबाद 580 234 814
रतिया 128 38 166
टोहाना 204 382 586
बच्चे भी मिल रहे टीबी ग्रस्त
क्षेत्र बच्चे
भट्टू 0
भूना 0
फतेहाबाद 21
रतिया 4
टोहाना 18
ये हैं टीबी के लक्षण
नागरिक अस्पताल के टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा के मुताबिक छाती में दर्द, खांसी में खून आना, थकान, रात में पसीना आना, ठंड लगना, बुखार, भूख न लगना और वजन कम हो जाना टीबी के मुख्य लक्षण हैं।
ऐसे करें टीबी से बचाव
डॉक्टरों के मुताबिक अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को अच्छा रखें। प्रोटीन डाइट (सोयाबीन, दालें, मछली, अंडा, पनीर आदि) लेनी चाहिए। कमजोर इम्युनिटी से टीबी के बैक्टीरिया के एक्टिव होने का खतरा रहता हैं। टीबी का बैक्टीरिया कई बार शरीर में होता है लेकिन अच्छी इम्युनिटी से यह एक्टिव नहीं हो पाता और टीबी नहीं होती। टीबी के मरीज से थोड़ा दूर रहें। मरीज को हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रहना चाहिए।
कोट
टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए टीपीटी कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों व उसके संपर्क में आए लोगों का टीएसटी और ईग्रा टेस्ट किया जाएगा। अगर इसमें पॉजिटिव मिलते है तो उनका उपचार शुरू होगा। इससे संपर्क में आए व्यक्ति को टीबी होने से बचाया जा सकेगा।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग फेफड़ों में टीबी मिलने वाले मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच करेगा। फेफड़ों की टीबी के मरीज से संपर्क में आए व्यक्ति के शरीर में कीटाणु जा सकता है। जिले में इस साल अक्तूबर माह तक 1675 मरीजों में टीबी की पुष्टि हो चुकी है। टीबी के मरीज उपचार के साथ-साथ अच्छा पोषण ले सकें, इसके लिए निक्षय पोषण योजना शुरू हो रखी है। इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग मरीज को 500 रुपये हर माह देता है, ये राशि तब तक दी जाती है जब तक मरीज का उपचार चलता है।
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2.6 फीसदी बच्चे भी टीबी की चपेट में
बच्चे भी टीबी की चपेट में आ रहे है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 43 बच्चे टीबी पॉजिटिव मिले हैं। जिले में कुल 1675 टीबी मरीज मिल चुके हैं, इसमें 2.6 फीसदी बच्चे भी शामिल हैं।
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सरकारी और निजी अस्पताल में मिले टीबी के मरीज
क्षेत्र सरकारी अस्पताल प्राइवेट कुल मरीज
भट्टू 21 10 31
भूना 78 0 78
फतेहाबाद 580 234 814
रतिया 128 38 166
टोहाना 204 382 586
बच्चे भी मिल रहे टीबी ग्रस्त
क्षेत्र बच्चे
भट्टू 0
भूना 0
फतेहाबाद 21
रतिया 4
टोहाना 18
ये हैं टीबी के लक्षण
नागरिक अस्पताल के टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा के मुताबिक छाती में दर्द, खांसी में खून आना, थकान, रात में पसीना आना, ठंड लगना, बुखार, भूख न लगना और वजन कम हो जाना टीबी के मुख्य लक्षण हैं।
ऐसे करें टीबी से बचाव
डॉक्टरों के मुताबिक अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को अच्छा रखें। प्रोटीन डाइट (सोयाबीन, दालें, मछली, अंडा, पनीर आदि) लेनी चाहिए। कमजोर इम्युनिटी से टीबी के बैक्टीरिया के एक्टिव होने का खतरा रहता हैं। टीबी का बैक्टीरिया कई बार शरीर में होता है लेकिन अच्छी इम्युनिटी से यह एक्टिव नहीं हो पाता और टीबी नहीं होती। टीबी के मरीज से थोड़ा दूर रहें। मरीज को हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रहना चाहिए।
कोट
टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए टीपीटी कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों व उसके संपर्क में आए लोगों का टीएसटी और ईग्रा टेस्ट किया जाएगा। अगर इसमें पॉजिटिव मिलते है तो उनका उपचार शुरू होगा। इससे संपर्क में आए व्यक्ति को टीबी होने से बचाया जा सकेगा।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन