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Fatehabad News: भवनों पर करोड़ों खर्च, अस्पतालों में कफ सिरप-कैल्शियम तक नहीं
Sun, 31 May 2026 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 31 May 2026 11:33 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवा के लिए लाइन में लगे मरीज स्त्रोत लाइब्रेरी
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के सुंदरीकरण पर 10 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च हो चुकी है। साढ़े 5 करोड़ रुपये उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण पर खर्च होने है। विभाग नए भवनों के निर्माण और मरम्मत पर बजट खर्च करने में बेशक कंजूसी नहीं बरत रहा है लेकिन अस्पतालों में मरीजों के दवाई के लिए बजट नहीं है।
हालात ये है कि जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की कमी से मरीज परेशान हैं। पिछले करीब चार माह से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कफ सिरप उपलब्ध नहीं है जबकि गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली कैल्शियम की गोलियों का भी अभाव बना हुआ है।
मौसम में बदलाव के चलते खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने से कफ सिरप की मांग में लगातार इजाफा हुआ है लेकिन अस्पतालों में दवा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बाजार से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के वेयर हाउस से लंबे समय से इन दवाओं की आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं, दवा आपूर्ति करने वाले वेंडरों ने पुराने रेट पर दवा उपलब्ध कराने से इन्कार कर दिया है। इसके चलते कई आवश्यक दवाओं की खरीद प्रभावित हुई है और अस्पतालों में स्टॉक खत्म हो गया है।
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तीन जून को खुलेगा टेंडर
स्वास्थ्य विभाग ने अब दवाओं की खरीद के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। 3 जून को दवाओं के नए टेंडर खुलेंगे। अधिकारियों के अनुसार नई दरें तय होने के बाद दवाओं की खरीद की जाएगी जिसके बाद अस्पतालों में आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि तब तक मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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गर्भवती के लिए कैल्शियम तक नहीं
सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। नियमित जांच के दौरान उन्हें कैल्शियम की गोलियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सकों को मरीजों को बाजार से दवा खरीदने की सलाह देनी पड़ रही है। इसके अलावा खांसी और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों को भी कफ सिरप नहीं मिलने से अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
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दवा खरीद के बारे में नए टेंडर की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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हालात ये है कि जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की कमी से मरीज परेशान हैं। पिछले करीब चार माह से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कफ सिरप उपलब्ध नहीं है जबकि गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली कैल्शियम की गोलियों का भी अभाव बना हुआ है।
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मौसम में बदलाव के चलते खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने से कफ सिरप की मांग में लगातार इजाफा हुआ है लेकिन अस्पतालों में दवा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बाजार से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के वेयर हाउस से लंबे समय से इन दवाओं की आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं, दवा आपूर्ति करने वाले वेंडरों ने पुराने रेट पर दवा उपलब्ध कराने से इन्कार कर दिया है। इसके चलते कई आवश्यक दवाओं की खरीद प्रभावित हुई है और अस्पतालों में स्टॉक खत्म हो गया है।
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तीन जून को खुलेगा टेंडर
स्वास्थ्य विभाग ने अब दवाओं की खरीद के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। 3 जून को दवाओं के नए टेंडर खुलेंगे। अधिकारियों के अनुसार नई दरें तय होने के बाद दवाओं की खरीद की जाएगी जिसके बाद अस्पतालों में आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि तब तक मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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गर्भवती के लिए कैल्शियम तक नहीं
सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। नियमित जांच के दौरान उन्हें कैल्शियम की गोलियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सकों को मरीजों को बाजार से दवा खरीदने की सलाह देनी पड़ रही है। इसके अलावा खांसी और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों को भी कफ सिरप नहीं मिलने से अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
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दवा खरीद के बारे में नए टेंडर की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन