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Fatehabad News: बारिश की कमी से भट्टू के रेतीले क्षेत्र में फसलें सूखने लगीं

Fri, 21 Aug 2026 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 21 Aug 2026 10:35 PM IST
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Crops have started withering in the sandy region of Bhattu due to a lack of rain
बारिश कमी से मुरझा रही मूंगफली की फसल। स्रोत किसान
फतेहाबाद। भट्टू खंड के रेतीले क्षेत्र में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। खेतों में खड़ी खरीफ फसलों पर संकट मंडरा रहा है। धान, मूंगफली और गन्ने की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है। नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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किसानों के अनुसार समय पर बारिश नहीं होने से खेती पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर हो गई है। भट्टू क्षेत्र की जमीन रेतीली होने के कारण फसलों को बार-बार पानी की जरूरत पड़ती है। इस बार मानसून कमजोर रहने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है।
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मेहूवाला निवासी किसान रमन, सूलीखेड़ा निवासी ओमप्रकाश और पीलीमंदोरी निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। कई खेतों में पौधे मुरझाने लगे हैं। नहरों में भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इससे सिंचाई की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
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किसानों ने बताया कि धान, मूंगफली और गन्ने की फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। खेतों में नमी बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। लगातार सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। नहरों में पानी कम होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला तो कई खेतों में फसल पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका है। किसानों ने पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध कराने और बारिश की उम्मीद जताई है।
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नहरों में नियमित पानी छोड़ने की मांग
गांव चुली बागडि़यां के किसान राजेंद्र, खाबड़ा कलां सूरज वर्मा, भट्टू कलां से राय सिंह सहारण और ठुइयां से कमल ने सिंचाई विभाग से नहरों में नियमित रूप से पानी छोड़ने की मांग की है। नहरों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से वे खेतों की सिंचाई कर फसलों को बचा सकते हैं। किसानों ने विभाग से नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की व्यवस्था करने की भी मांग की है ताकि रेतीले क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके और नष्ट होने की कगार पहुंची फसलों को बचाया जा सके।
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धान और गन्ना की फसलें प्रभावित
भट्टू कलां खंड के 21 गांवों में करीब 16 हजार एकड़ में धान की फसल की रोपाई गई है। वहीं 5 हजार एकड़ में गन्ना की फसल रोपाई की गई है। धान और गन्ना की फसल को सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है। जिले में इस बार मानसून के सीजन में बारिश कम हुई है। इससे धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। इसके लिए किसानों ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करवाकर फसलों की स्थिति का आकलन कराने तथा नुकसान के आधार पर मुआवजा देने की मांग की है। फसल खराब होने की स्थिति में किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा और अगली फसल की तैयारी भी मुश्किल हो जाएगी।

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:: बारिश की कमी से फसलें बर्बाद होने की कगार पर अगर इन दिनों बारिश होती है पछेती किस्म के धान को लाभ मिलेगा। बारिश की कमी के चलते किसान नियमित फसलों की सिंचाई की करते रहे।
- डॉ. बहादुर गोदारा, कृषि विकास अधिकारी, फतेहाबाद।

बारिश कमी से मुरझा रही मूंगफली की फसल। स्रोत किसान

बारिश कमी से मुरझा रही मूंगफली की फसल। स्रोत किसान

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