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टेलीकॉम ऑफिस में लूटकांड का पर्दाफाश, पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
fatehabad
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:35 AM IST
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एयरटेल प्रीपेड आफिस में लूटपाट करने वाले युवकों के साथ है पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल,एएसपी गंगाराम पूनिया व सीआईए फतेहाबाद व टोहाना की टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के सबसे व्यस्ततम शिव चौक फतेहाबाद में स्थित एक प्राइवेट टेलीकॉम प्रीपेड ऑफिस में 27 जून की रात हुई लूट और दफ्तर मालिक सुनील नारंग पर हमले के मामले का खुलासा फतेहाबाद एवं टोहाना सीआईए पुलिस ने कर दिया है। एसपी ओपी नरवाल ने बुधवार दोपहर बाद अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इस मामले में मास्टरमाइंड दफ्तर का ही पूर्व कर्मचारी निकला है जिसने एक माह पूर्व यहां पर काम करना छोड़ दिया था।
बताया गया है कि उसे एक-दो माह की तनख्वाह अभी तक नहीं मिली है, जिसकी रंजिश में उसने ये प्लान बनाया। इस काम में हिसार जिले के गांव ढंढूर निवासी उसके ममेरे भाई नवीन और दो अन्य साथी मंजीत एवं बिट्टू उर्फ अजय भी शामिल थे। पुलिस ने इन चारों को गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा। पुलिस सूत्रों की मानें तो लुटेरों ने टेलीकॉम दफ्तर से 31 हजार रुपये की राशि लूटने की बात कबूली है, जबकि लूट की राशि जहां घटना वाले दिन दो से तीन लाख रुपये बताई जा रही थी। एसपी ने मामले का सुलझाने का क्रेडिट एएसपी गंगाराम पूनियां, सीआईए टोहाना प्रभारी दलीप एवं सीआईए फतेहाबाद प्रभारी अनूप सिंह को दिया है।
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एसपी ओपी नरवाल ने पत्रकारों को बताया कि पकड़े गए आरोपी भाटिया कॉलोनी फतेहाबाद निवासी पवन ने बताया है कि वह पहले इसी कार्यालय में काम करता था। उसका दो माह का वेतन दुकान मालिक सुनील नारंग ने नही दिया था। इसी बात को लेकर उसके मन में सुनील नारंग के प्रति रंजिश थी। उसने यह बात गांव ढूंढर में रहने वाले अपने ममेरे भाई नवीन को बताई । इसके बाद उसने नवीन के साथ मिल कर सुनील नारंग की दुकान से लूट करने की योजना तैयार की। नवीन ने पुलिस को यह भी बताया की लूट की घटना के समय वह दुकान के नीचे शिव चौक में खड़ा रहा था।
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जबकि नवीन, मनजीत और बिट्टू ने लूट की घटना को अंजाम दिया था।
उल्लेखनीय है की 27 जून को सुनील नारंग को पहली मंजिल पर स्थित ऑफिस में लुटेरों ने उसे रस्सी से बांधकर लगभग दो लाख लाख रुपये की नगदी लूटने के बाद दुकान का शटर बंद कर फरार हो गए थे। शहर के व्यस्त शिव चौक में हुई लूट की इस वारदात के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी।
शिव चौक में मिली पवन की लोकेशन तो मिला सुराग
लूटपाट की घटना का पटाक्षेप करने के लिए एसपी ने सीआईए टोहाना इंचार्ज दलीप और फतेहाबाद सीआईए इचार्ज अनूप को लगा रखा था। एसपी ओपी नरवाल ने बताया कि उन्होंने लूटपाट की घटना वाले ऑफिस में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी बारे जांच की, तो शक की सुई डेढ़ माह पहले नौकरी छोड़ कर गए पवन पर गई।
जब आरोपी पवन की मोबाइल लोकेशन की जांच की गई, तो घटना के दिन पवन के मोबाइल की लोकेशन शिव चौक में मिली। बस यही से पुलिस को सुराग लगा और उसने पवन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारी घटना उगल दी।
शुक्रवार को की थी दफ्तर की रेकी
पुलिस पूछताछ में लूटपाट के आरोपी पवन, नवीन, मनजीत और बिट्टू ने बताया कि 27 जून को लूट की घटना को अंजाम देने से पहले उन्होंने 24 जून शुक्रवार को सुनील नारंग के आफिस की रेकी की थी।
पवन ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को ही धर्मशाला रोड के महालक्ष्मी मेडिकल से प्लास्टिक के दस्ताने और बीघड़ चौक के पास की एक दुकान से रस्सी खरीदी थी। एसपी नरवाल ने बताया कि अब आरोपियों को वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उनका रिमांड मांगा जाएगा ताकि आरोपियों द्वारा घटना में इस्तेमाल किए हथियारों एवं लूटी गई रकम की बरामदगी की जा सके।