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सरकारी के नाम पर निजी एंबुलेंस वाले ले जा रहे मरीज, मिलीभगत की बू

Thu, 23 Jun 2016 01:15 AM IST
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fatehabad Updated Thu, 23 Jun 2016 01:15 AM IST
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एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग की जीवन रेखा एंबुलेंस की तरह दिखने वाली एंबुलेंस के जरिए लोगों के साथ ठगी करने का मामला सामने आया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बुधवार को सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने नकली एंबुलेंस को पकड़ने के लिए निगरानी के आदेश कर दिए हैं। सीएमओ ने खुद अस्पताल के कर्मचारियों के मिले होने की आशंका जताई है।
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सिविल अस्पताल में सीरियस मरीजों को लाने व ले जाने के लिए जीवन रेखा एंबुलेंस है। एंबुलेंस कारोबार से जुडे़ लोगों ने जीवन रेखा एंबुलेंस की तरह हूबहू एंबुलेंस बना रखी है जो सिविल अस्पताल में सरकारी जीवन रेखा एंबुलेंस के न होने पर आती है और मरीजों को ले जाती है।
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प्रदेश में नकली रोडवेज की बसों का मामला सामने आने के बाद फतेहाबाद में हूबहू घूम रही एएलसी एंबुलेंस का मामला मीडिया में आने के बाद बवाल खड़ा हो गया है। सिविल अस्पताल अधिकारियों ने खुद माना है कि नकली सरकारी एंबुलेंस अस्पताल से मरीजों को ले जाती है। जानकारों के मुताबिक, सिविल अस्पताल में जिस समय मरीज को रेफर किया जाता है तो सरकारी एंबुलेंस न होने पर प्राइवेट एंबुलेंस को फोन कर मौके पर बुला लिया जाता है और उसमें रेफर कर दिया जाता है। इसमें मरीज ठगी का शिकार हो रहे हैं। बुधवार को सीएमओ ने बयान जारी कर एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर ही कॉल करने की अपील की है।
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प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस की हूबहू नकल कर रखी है। एंबुलेंस का साइज और एंबुलेंस के बाहर का रंग सरकारी एंबुलेंस जैसा रखा गया है। यही नहीं, प्राइवेट संचालकों ने अपनी एंबुलेंस के पीछे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का स्टीकर भी लगा रखा है।

मीडिया के माध्यम से मामले की जानकारी मिली है। इस पर वह तुरंत कारवाई की जाएगी। अगर ऐसा हो रहा है तो सरासर गलत है। यह काम अकेले प्राइवेट एंबुलेंस संचालक नहीं कर सकते। इसलिए अस्पताल के छोटे कर्मचारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। मैंने सिक्योरिटी गार्ड और अस्पताल कर्मचारियों को एंबुलेंस पर निगरानी रखने के आदेश दिए हैं। जरूरत पड़ी तो मामले की शिकायत पुलिस को भी देंगे।

डॉ. अशोक चौधरी, सिविल सर्जन फतेहाबाद

यह हमारी प्राइवेट एंबुलेंस है सरकारी नहीं है। सरकारी एंबुलेंस की कोई नकल नहीं की गई है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का लोगो जागरूक करने के लिए लगाया गया है। एंबुलेंस को परमिशन लेकर ही तैयार किया गया है। गाड़ी के सभी कागज पूरे हैं।
मनोज कुमार, प्रधान, प्राइवेट एंबुलेंस एसोशिएसन
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