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बिना अनुमति उखाड़ दी थीं सड़कें, नहीं दिया डेढ़ करोड़ का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:22 PM IST
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नगर परिषद द्वारा जनस्वास्थ्य विभाग को भेजा गया चेतावनी पत्र ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बीटी बिलों की अदायगी को लेकर नगर परिषद और जनस्वास्थ्य विभाग आमने-सामने आ गए हैं। लंबे समय से बिलों की अदायगी नहीं होने और जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लेने के चलते नगर परिषद अधिकारी भड़क गए हैं। गुस्साए नप अफसरों ने जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखकर गहरी नाराजगी जताई है और जल्द से जल्द बीटी बिलों के भुगतान करने को कहा है। ऐसा ना करने की सूरत में नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी की ओर से जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कार्यवाही करने की चेतावनी भी दे दी गई है। हालांकि नप की चेतावनी के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही भुगतान करने की बात जरूर कह रहे हैं।
लगभग डेढ़ करोड़ के करीब पेंडिंग हैं बीटी बिल
जनस्वास्थ्य विभाग सीवरेज और पेयजल लाइनों की मरम्मत या नई पाइपलाइन डालने के लिए शहर के अंदर गलियों और सड़कें तोड़ देता है। इसे नगर परिषद ठीक कराती है। इसके एवज में नगर परिषद द्वारा जनस्वास्थ्य विभाग को एक बिल भेजा जाता है। इसे ही बीटी बिल कहते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग को इस बिल का भुगतान नगर परिषद के खाते में करना पड़ता है। हालांकि इस केस में असल पेंच ही यही अटका हुआ है। नगर परिषद के अधिकारी लगातार जनस्वास्थ्य विभाग को बीटी बिलों के भुगतान के लिए पत्र भेजते रहे लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से इस बारे में कोई ध्यान ही नहीं दिया गया। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग पर लगभग डेढ़ करोड़ के करीब बीटी बिलों का भुगतान लंबित हो गया है।
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भुगतान में और देरी की सूरत मेें ये विकल्प हैं नप के पास
नगर परिषद अपने स्तर पर कई पत्र जनस्वास्थ्य विभाग को भेज चुकी है लेकिन अभी तक उसकी ओर से इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में अगर जनस्वास्थ्य विभाग रवैया अभी भी नहीं बदलता तो नगर परिषद शहर के अंदर किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ से उसे रोक सकती है। वैसे ये अंतिम विकल्प है। इससे पहले नगर परिषद के अधिकारी इस मुद्दे को चंडीगढ़ में दोनों विभागों की संयुक्त बैठक में मुद्दा उठा सकते हैं जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसका जवाब देना पड़ेगा।
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जनस्वास्थ्य विभाग के पास डेढ़ करोड़ के बीटी बिल बकाया हैं। बार-बार रिमाइंडर के बावजूद अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। अगर जल्द ही जनस्वास्थ्य विभाग भुगतान नहीं करेगा तो हमें मजबूरन उनके खिलाफ कार्यवाही के लिए लिखना पड़ेगा।
एचसी शर्मा, नगर परिषद एमई, फतेहाबाद ।
नगर परिषद के बीटी बिलों के भुगतान के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही नगर परिषद का भुगतान कर दिया जाएगा।
-जितेंद्र हुड्डा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद ।