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शिक्षक की मार से सातवीं कक्षा का छात्र हुआ मनोरोगी
अमर उजाला/ ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Tue, 17 May 2016 12:46 AM IST
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छात्र की पिटाई
- फोटो : fatehabad
टोहाना के डीएवी स्कूल के अध्यापक द्वारा सातवीं कक्षा के विद्यार्थी को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। अध्यापक की मार से डरा विद्यार्थी मानसिक रोगी हो गया है। छात्र नींद में बड़बड़ाने लगता है कि, सर मुझे मत मारो, मैं कल सुना दूंगा। शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपने स्तर पर जांच कर दोषी अध्यापक को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने उपायुक्त एनके सोलंकी से मिलकर लिखित शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। उपायुक्त ने जिला शिक्षा विभाग को जांच के आदेश दे दिए हैं। विभाग ने टोहाना खंड शिक्षा अधिकारी को तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी हैं।
सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे पीड़ित छात्र की मां रजनी और पिता विनय कुमार ने बताया कि उनका बेटा डीएवी स्कूल टोहाना में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। शुक्रवार और शनिवार को विद्यार्थियों का धर्म शिक्षा की कक्षा अध्यापक सुनील शास्त्री लेते हैं। आरोप है कि बेटा तीन-चार महीने से गुमसुम रहने लगा। वह न ही खाना खाता और न ही ढंग से खेलने जाता। रात को नींद में बड़बड़ाने लगता है। बेटे से जब जोर लगाकर पूछा गया तो उसने बताया कि अध्यापक सुनील शास्त्री ने उसे कक्षा में खड़ा कर प्रश्न पूछा और जवाब नहीं देने पर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
छात्र के अनुसार, एक दिन उसे 20 थप्पड़ गर्दन पर और पांच मुक्के कमर में मारे। परिजनों का आरोप है कि अध्यापक की पिटाई से बेटा अत्यधिक डर गया और घटना के बाद उक्त शिक्षक की कक्षा शुरू होने से पहले ही उल्टियां करने लगा। बेटे को लेकर सामान्य अस्पताल फतेहाबाद में मनोरोग विशेषज्ञ से जांच करवाई गई तो पाया गया कि विद्यार्थी अध्यापक की प्रताड़ना के कारण मनोरोग पीड़ित हो गया है। उसका अब उपचार चल रहा है। पिता विनय कुमार का कहना है कि इस मामले में टोहाना थाने में शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं करने का दबाव डाला जा रहा है।
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अकेला मेरा बेटा अध्यापक से पीड़ित नहीं है। दूसरे बच्चे भी पीड़ित हैं, लेकिन दूसरे अभिभावक शिकायत करने की बजाए छात्र को दूसरे स्कूल में डाल देते हैं। बेटा पढ़ाई में होशियार है, केवल अध्यापक की वजह से मानसिक रोगी हुआ है। आज मेरे बेटे के साथ ऐसा हुआ है। कल किसी दूसरे के साथ ऐसा न हो इसलिए कार्रवाई चाहते हैं।
-विनय कुमार, पीड़ित विद्यार्थी के पिता
शिकायत मिलने पर हमने जांच की थी। जांच में पाया गया कि अध्यापक ने विद्यार्थी को मारा था। इसके बाद दोषी अध्यापक को स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया है।
डॉ. माला उपाध्याय, प्रिंसिपल, डीएवी स्कूल टोहाना
जिला शिक्षा विभाग से सोमवार को छात्र की पिटाई संबंधी शिकायत शिकायत आई है। तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी जाएगी।
-रोशन लाल, खंड शिक्षा अधिकारी, टोहाना
स्कूल में किसी भी विद्यार्थी को मारने का अधिकार नहीं है। बच्चा अगर पढ़ नहीं रहा है तो उसे होने वाले नुकसान के बारे में प्यार से समझाना चाहिए। अध्यापक को इस बारे में अभिभावकों को भी सूचित करना चाहिए।
कृष्णा सिहाग, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
कई बार अध्यापक खुद की परेशानी बच्चे पर निकाल देता है। बच्चे पर बुरी तरह से की गई पिटाई के बाद वह सदमे चला जाता है। घटना को देखकर उसका व्यवहार बदल जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। बच्चे का व्यवहार बदला है उसमें चेंजिंग आई हैं। बच्चे का उपचार चल रहा है।
डॉ. गिरीश, मनोरोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल फतेहाबाद
शिकायत आई थी लेकिन बाद में वापस ले ली गई थी। अगर कोई औपचारिक शिकायत आई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
हरबंस लाल, शहर थाना प्रभारी टोहाना
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सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचे पीड़ित छात्र की मां रजनी और पिता विनय कुमार ने बताया कि उनका बेटा डीएवी स्कूल टोहाना में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। शुक्रवार और शनिवार को विद्यार्थियों का धर्म शिक्षा की कक्षा अध्यापक सुनील शास्त्री लेते हैं। आरोप है कि बेटा तीन-चार महीने से गुमसुम रहने लगा। वह न ही खाना खाता और न ही ढंग से खेलने जाता। रात को नींद में बड़बड़ाने लगता है। बेटे से जब जोर लगाकर पूछा गया तो उसने बताया कि अध्यापक सुनील शास्त्री ने उसे कक्षा में खड़ा कर प्रश्न पूछा और जवाब नहीं देने पर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
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छात्र के अनुसार, एक दिन उसे 20 थप्पड़ गर्दन पर और पांच मुक्के कमर में मारे। परिजनों का आरोप है कि अध्यापक की पिटाई से बेटा अत्यधिक डर गया और घटना के बाद उक्त शिक्षक की कक्षा शुरू होने से पहले ही उल्टियां करने लगा। बेटे को लेकर सामान्य अस्पताल फतेहाबाद में मनोरोग विशेषज्ञ से जांच करवाई गई तो पाया गया कि विद्यार्थी अध्यापक की प्रताड़ना के कारण मनोरोग पीड़ित हो गया है। उसका अब उपचार चल रहा है। पिता विनय कुमार का कहना है कि इस मामले में टोहाना थाने में शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं करने का दबाव डाला जा रहा है।
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अकेला मेरा बेटा अध्यापक से पीड़ित नहीं है। दूसरे बच्चे भी पीड़ित हैं, लेकिन दूसरे अभिभावक शिकायत करने की बजाए छात्र को दूसरे स्कूल में डाल देते हैं। बेटा पढ़ाई में होशियार है, केवल अध्यापक की वजह से मानसिक रोगी हुआ है। आज मेरे बेटे के साथ ऐसा हुआ है। कल किसी दूसरे के साथ ऐसा न हो इसलिए कार्रवाई चाहते हैं।
-विनय कुमार, पीड़ित विद्यार्थी के पिता
शिकायत मिलने पर हमने जांच की थी। जांच में पाया गया कि अध्यापक ने विद्यार्थी को मारा था। इसके बाद दोषी अध्यापक को स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया है।
डॉ. माला उपाध्याय, प्रिंसिपल, डीएवी स्कूल टोहाना
जिला शिक्षा विभाग से सोमवार को छात्र की पिटाई संबंधी शिकायत शिकायत आई है। तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी जाएगी।
-रोशन लाल, खंड शिक्षा अधिकारी, टोहाना
स्कूल में किसी भी विद्यार्थी को मारने का अधिकार नहीं है। बच्चा अगर पढ़ नहीं रहा है तो उसे होने वाले नुकसान के बारे में प्यार से समझाना चाहिए। अध्यापक को इस बारे में अभिभावकों को भी सूचित करना चाहिए।
कृष्णा सिहाग, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
कई बार अध्यापक खुद की परेशानी बच्चे पर निकाल देता है। बच्चे पर बुरी तरह से की गई पिटाई के बाद वह सदमे चला जाता है। घटना को देखकर उसका व्यवहार बदल जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है। बच्चे का व्यवहार बदला है उसमें चेंजिंग आई हैं। बच्चे का उपचार चल रहा है।
डॉ. गिरीश, मनोरोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल फतेहाबाद
शिकायत आई थी लेकिन बाद में वापस ले ली गई थी। अगर कोई औपचारिक शिकायत आई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
हरबंस लाल, शहर थाना प्रभारी टोहाना