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खाकी फिर दागदार : सीआईए इंचार्ज, थानेदार सहित चार पर मारपीट और रिश्वत लेने का आरोप

Sat, 28 May 2016 12:17 AM IST
fatehabad/bureau
fatehabad/bureau Updated Sat, 28 May 2016 12:17 AM IST
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CIA officer , assault and bribery and four charges of Sho, fatehabad, harayana
सीआईए इंचार्ज, थानेदार सहित चार पर मारपीट और रिश्वत लेने का आरोप - फोटो : bureau

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खाकी के दामन पर एक बार फिर दाग लगे हैं। मौजूदा सीआईए इंचार्ज सुनील बैनीवाल (तत्कालीन भट्टू थाना प्रभारी), तत्कालीन सीआईए इंचार्ज दलीप, एएसआई राधाकृष्ण और हवलदार विजय सिंह पर मारपीट करने और रिश्वत मांगने का आरोप है। पैसे मांगते एएसआई की ऑडियो भी वायरल हो गई है।

शिकायतकर्ता हिसार निवासी राजकुमार ने आईजी हिसार को इस संबंध में शिकायत दी है। राजकुमार ने उसके साथ हुई मारपीट की शिकायत सीएम विंडो पर भी की है। इसकी जांच की जिम्मेदारी डीएसपी हेडक्वार्टर का काम देख रहे एएसपी गंगाराम पूनिया को दी गई और मामले की चार दिन में रिपोर्ट मांगी गई।
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एएसपी ने इस संबंध में रिपोर्ट एसपी कार्यालय में सबमिट करवा दी है। शिकायतकर्ता के पास बाकायदा भट्टू थाने के एएसआई राधाकृष्ण की पैसे मांगते की ऑडियो रिकार्डिंग और 11 अप्रैल को भट्टू थाने की गाड़ी में राजकुमार को ले जाते की सीसीटीवी फुटेज भी है, जबकि पुलिस ने इस मामले में 13 अप्रैल को राजकुमार की गिरफ्तारी दिखाई थी।
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गौरतलब है कि पूर्व सीआईए इंचार्ज दलीप पर नागपाल बंधुओं को जबरदस्ती उठाने एवं निर्ममता से पीटने का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है कि दलीप के निलंबन के बाद सीआईए इंचार्ज बने सुनील बैनीवाल भी आरोपों से घिर गए हैं। मामला उस समय का है, जब बैनीवाल भट्टू थाना प्रभारी थे। शिकायतकर्ता ने चार पुलिसवालों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

यह है मामला
सीआईए और भट्टू पुलिस ने अप्रैल माह में बैटरी चोरों के एक गिरोह को काबू किया था। बताया गया है कि गिरोह के सदस्यों के कॉल रिकार्ड से उन्होंने हिसार के स्क्रैप व्यापारी राजकुमार का नंबर लिया और उसका पता पूछकर हिसार के न्यू मॉडल टाउन स्थित उसके घर से उसे उठा लिया।

राजकुमार के दामाद मंदीप का आरोप है कि वह दो दिन तक भट्टू और सीआईए थाने में भटकता रहा, लेकिन किसी ने नहीं बताया कि आखिर राजकुमार कहां है और उसे किस आरोप में पकड़ा गया है। राजकुमार के मुताबिक, भट्टू थाना और सीआईए थाने में उसके साथ बेरहमी से मार-पिटाई की गई।


मारपीट करने वालों में तत्कालीन भट्टू प्रभारी एवं मौजूदा सीआईए इंचार्ज सुनील बैनीवाल, तत्कालीन सीआईए इंचार्ज दलीप, एएसआई राधाकृष्ण और हवलदार विजय सिंह शामिल थे। आरोप है कि राजकुमार के दामाद से भट्टू थाने के एएसआई राधाकृष्ण द्वारा पहले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई, फिर पचास हजार पर आ गए। एएसआई राधाकृष्ण द्वारा मंदीप से रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग उसने अपने फोन में कर ली। (अमर उजाला के पास भी ये रिकार्डिंग है।)

अदालत से जयपुर ले जाने के लिए रिमांड लिया, रखा सीआईए में
पीड़ित राजकुमार ने आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर सुनील बैनीवाल और दलीप ने उसे 14 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया और जयपुर रिकवरी के नाम पर चार दिन का रिमांड ले लिया लेकिन जयपुर ले जाने की बजाए उसे सीआईए में रखा गया। इस दौरान उसके साथ नियमित रूप से मारपीट की जाती रही।

पुलिसकर्मियों में से राधाकृष्ण ने अपने मोबाइल नंबर से राजकुमार की पत्नी से और फिर दामाद मंदीप से पैसे मांगे, जिसे उसने रिकार्ड कर लिया। हालांकि, शक होने पर राधाकृष्ण ने पैसे देने की जगह और समय बताने से पहले फोन डिसकनेक्ट कर उसे स्विच ऑफ कर दिया।


क्या कहते हैं सीआईए प्रभारी सुनील बैनीवाल
इस बारे में जब मौजूदा सीआईए इंचार्ज एवं तत्कालीन भट्टू थाना प्रभारी सुनील बैनीवाल से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि राजकुमार को बीपी और सांस की दिक्कत थी। हिरासत में रहते हुए उसकी दिक्कत बढ़ गई तो उसे अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया। पैसे मांगने और हिरासत में रहते उसके साथ मारपिटाई के आरोप से भी सुनील बैनीवाल ने इंकार किया।

एसपी को सबमिट कर दी है रिपोर्ट : एएसपी
सीएम विंडो से आए निर्देेश के तहत जांच कर रहे एएसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट उन्होंने एसपी फतेहाबाद को सबमिट कर दी है।


एसपी ओपी नरवाल ने बताया कि एएसपी की ओर से उन्हें रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट देखने के बाद तुरंत आगामी कार्रवाई की जाएगी।


एएसआई राधाकृष्ण से राजकुमार के दामाद मंदीप से हुई बातचीत के अंश

मंदीप : हांजी, फोन आया था अभी कि मंदीप से बात करवाओ, किसने बात करनी है जी?
राधाकृष्ण : कहां से बोल रहे हो आप?
मंदीप : मैं हिसार से बोल रहा हूं जी
राधाकृष्ण : हिसार से
मंदीप : हां, आप कौन बोल रहे हैं?
राधाकृष्ण : मैं थाने, भट्टू थाने से बोल रहा हूं।


मंदीप : भट्टू थाने से बात कर रहे हैं जी? नाम आपका जनाब?
राधाकृष्ण : राधाकृष्ण (धीमी आवाज में)
मंदीप : क्या जी, राकेश?
राधाकृष्ण : राधाकृष्ण (सामान्य आवाज में)
मंदीप : अच्छा राधाकृष्ण, जी जनाब बताइए
राधाकृष्ण : बात करनी थी, वो राजकुमार है ना


मंदीप : हांजी, है राजकुमार, तो क्या बात करनी है जी बताओ
राधाकृष्ण : कुछ नहीं, बस वो पैसे-पासे मंगवाने हैं। बात कराता हूं राजकुमार से
मंदीप : किस चीज के पैसे जी?
इसका जवाब देने की बजाय राधाकृष्ण रिमांड पर लिए गए राजकुमार को फोन देते हैं
राजकुमार : हेलो...
मंदीप : हांजी
राजकुमार : इनको पचास हजार लाकर दे दो।


मंदीप : पचास हजार रुपये, क्या करना है जी पचास हजार का।
इसके बाद फोन कट जाता है और फिर स्विच ऑफ हो जाता है

इस मामले में भट्टू थाना के एएसआई राधाकृष्ण से बात करने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने बात करने की बजाए फोन काट दिया।


 
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