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सिविल सर्जन दफ्तर के कमरा नंबर 107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे लावारिस मिले 2 लाख रुपये, हड़कंप
Updated Sat, 14 Oct 2017 01:15 AM IST
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सीएमओ में लावारिश हालत में मिले दो लाख रुपये, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
हुडा सैक्टर स्थित पोलीक्लिनिक में बने सिविल सर्जन कार्यालय के एक कमरे से शुक्रवार को 2 लाख 8 हजार रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। यह नकदी सिविल सर्जन कार्यालय के कमरा नंबर 107 में मिली, जहां फूड सैंपलिंग से जुड़े कागजात रखे जाते हैं। इस बीच सिविल सर्जन की पूर्व कर्मचारी ने इन रुपयों पर अपना दावा ठोक दिया है। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचित कर दिया है। मामला अब डीसी दरबार में पहुंच गया है और डीसी हरदीप सिंह ने इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल को तलब किया है। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने पूरे प्रकरण की पुष्टि की है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के दफ्तर में कार्यरत रही एक पूर्व महिला कर्मचार वीरवार शाम सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के सामने पेश हुई और कहा कि उसके दो लाख रुपये इसी दफ्तर में रखे हुए हैं। यह वही कर्मचारी है जिसे रिश्वत मांगने के आरोप के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। यहां तक कि विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस तक को रिसीव नहीं किया। इस दौरान उसकी शादी हो गई।
लेकिन जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने उक्त महिलाकर्मी को हटा दिया। हटाए जाने के लगभग 15-20 दिन बाद उक्त महिला कर्मी ने अब दो लाख रुपयों पर अपना दावा ठोका तो सिविल सर्जन ने सारे दफ्तर में रुपये तलाशने के निर्देश दिए। तलाशी के दौरान सीएमओ दफ्तर के कमरा नंबर 107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे एक कागज में लिपटे 2 लाख 8 हजार 880 रुपये मिले। रुपये मिलते ही सारे दफ्तर में हड़कंप मच गया। अब विभाग ये जानने का प्रयास कर रहा है कि आखिर ये पैसे यहां कैसे आए।
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दूसरी ओर महिला कर्मचारी का कहना है कि शादी से पहले उसके देवर ने उसे ये रकम दी थी लेकिन अचानक रिश्वत के मामले आने के कारण वह पैसे यहां से ले जा ही नहीं सकी। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि उक्त महिलाकर्मी पर पहले भी रिश्वत के आरोप लग चुके हैं, ऐसे में उन्हें पूरी आशंका है कि ये रुपये रिश्वत के भी हो सकते हैं। यह महिला फूड सैंपलिंग के विभाग में ही कार्यरत थी।
सिविल सर्जन कार्यालय में दो लाख रुपये मिलने की खबर मीडिया में उड़ी तो डीसी हरदीप सिंह ने पहले इस मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल से ली। इसके कुछ देर के बाद डीसी दफ्तर ने सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश को बुला लिया। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
13एफटीबीपी26 : हुडा सैक्टर 3 में स्थित सिविल सर्जन कार्यालय।
13एफटीबीपी 27: सिविल सर्जन कार्यालय में स्थित कमरा नंबर 107, जहां से दो लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
हुडा सैक्टर स्थित पोलीक्लिनिक में बने सिविल सर्जन कार्यालय के एक कमरे से शुक्रवार को 2 लाख 8 हजार रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया। यह नकदी सिविल सर्जन कार्यालय के कमरा नंबर 107 में मिली, जहां फूड सैंपलिंग से जुड़े कागजात रखे जाते हैं। इस बीच सिविल सर्जन की पूर्व कर्मचारी ने इन रुपयों पर अपना दावा ठोक दिया है। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने इस संदर्भ में पुलिस को सूचित कर दिया है। मामला अब डीसी दरबार में पहुंच गया है और डीसी हरदीप सिंह ने इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल को तलब किया है। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ने पूरे प्रकरण की पुष्टि की है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के दफ्तर में कार्यरत रही एक पूर्व महिला कर्मचार वीरवार शाम सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के सामने पेश हुई और कहा कि उसके दो लाख रुपये इसी दफ्तर में रखे हुए हैं। यह वही कर्मचारी है जिसे रिश्वत मांगने के आरोप के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। यहां तक कि विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस तक को रिसीव नहीं किया। इस दौरान उसकी शादी हो गई।
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लेकिन जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने उक्त महिलाकर्मी को हटा दिया। हटाए जाने के लगभग 15-20 दिन बाद उक्त महिला कर्मी ने अब दो लाख रुपयों पर अपना दावा ठोका तो सिविल सर्जन ने सारे दफ्तर में रुपये तलाशने के निर्देश दिए। तलाशी के दौरान सीएमओ दफ्तर के कमरा नंबर 107 में फोटोस्टेट मशीन के पीछे एक कागज में लिपटे 2 लाख 8 हजार 880 रुपये मिले। रुपये मिलते ही सारे दफ्तर में हड़कंप मच गया। अब विभाग ये जानने का प्रयास कर रहा है कि आखिर ये पैसे यहां कैसे आए।
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दूसरी ओर महिला कर्मचारी का कहना है कि शादी से पहले उसके देवर ने उसे ये रकम दी थी लेकिन अचानक रिश्वत के मामले आने के कारण वह पैसे यहां से ले जा ही नहीं सकी। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। क्योंकि उक्त महिलाकर्मी पर पहले भी रिश्वत के आरोप लग चुके हैं, ऐसे में उन्हें पूरी आशंका है कि ये रुपये रिश्वत के भी हो सकते हैं। यह महिला फूड सैंपलिंग के विभाग में ही कार्यरत थी।
सिविल सर्जन कार्यालय में दो लाख रुपये मिलने की खबर मीडिया में उड़ी तो डीसी हरदीप सिंह ने पहले इस मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल से ली। इसके कुछ देर के बाद डीसी दफ्तर ने सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश को बुला लिया। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
13एफटीबीपी26 : हुडा सैक्टर 3 में स्थित सिविल सर्जन कार्यालय।
13एफटीबीपी 27: सिविल सर्जन कार्यालय में स्थित कमरा नंबर 107, जहां से दो लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है।