{"_id":"5ca3b6fcbdec2214114a3c51","slug":"61554233084-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैक बाऊंस मामले में एक साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चैक बाऊंस मामले में एक साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चैक बाउंस मामले में एक साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। रतिया की अदालत ने चेक बाउंस मामले में सुनवाई करते हुए गांव रत्ताखेड़ा के महाबीर सिंह को जहां याचिकाकर्ता के करीब 35 लाख 35 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है, वहीं इस मामले में एक साल की सजा और 30 हजार रुपये का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं भरा तो उक्त आरोपी को 3 महीने की सजा होगी। उल्लेखनीय है कि शहर की मंडी के मैसर्ज बृज लाल कीर्ति कुमार के मालिक कीर्ति कुमार ने वर्ष 2018 में रतिया की अदालत में प्रमुख अधिवक्ता सतपाल सेठी के माध्यम से याचिका दायर की थी और इस याचिका में गांव रत्ताखेड़ा के महाबीर पर आरोप लगाया था कि उसके पैसे की अदायगी के लिए उक्त महाबीर द्वारा दिया गया चेक जब उसने बैंक में भुगतान के लिए लगाया तो वह बाउंस हो गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया था कि उपरोक्त महावीर ने 14 जून 2018 को करीब 35 लाख 35 हजार 502 रुपये का चेक यूको बैंक रतिया का दिया गया था, जिसके पश्चात बैंक में लगाने पर बैंक ने बाउंस कर दिया था। चेक बाउंस होने के पश्चात याचिकाकर्ता ने उक्त महाबीर प्रसाद से उस द्वारा दिए गए चेक के भुगतान की राशि की भी मांग की थी, चेक न दिए जाने के बाद ही उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से ही याचिका दायर कर दी। माननीय न्यायाधीश ने उपरोक्त याचिका को सही मानते हुए गांव रत्ताखेड़ा के महावीर को न केवल एक साल की सजा सुनाई, बल्कि 30 हजार रुपये के जुर्माने के भी आदेश दे दिए। साथ ही आढ़ती को उसकी पूरी राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। रतिया की अदालत ने चेक बाउंस मामले में सुनवाई करते हुए गांव रत्ताखेड़ा के महाबीर सिंह को जहां याचिकाकर्ता के करीब 35 लाख 35 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है, वहीं इस मामले में एक साल की सजा और 30 हजार रुपये का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं भरा तो उक्त आरोपी को 3 महीने की सजा होगी। उल्लेखनीय है कि शहर की मंडी के मैसर्ज बृज लाल कीर्ति कुमार के मालिक कीर्ति कुमार ने वर्ष 2018 में रतिया की अदालत में प्रमुख अधिवक्ता सतपाल सेठी के माध्यम से याचिका दायर की थी और इस याचिका में गांव रत्ताखेड़ा के महाबीर पर आरोप लगाया था कि उसके पैसे की अदायगी के लिए उक्त महाबीर द्वारा दिया गया चेक जब उसने बैंक में भुगतान के लिए लगाया तो वह बाउंस हो गया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया था कि उपरोक्त महावीर ने 14 जून 2018 को करीब 35 लाख 35 हजार 502 रुपये का चेक यूको बैंक रतिया का दिया गया था, जिसके पश्चात बैंक में लगाने पर बैंक ने बाउंस कर दिया था। चेक बाउंस होने के पश्चात याचिकाकर्ता ने उक्त महाबीर प्रसाद से उस द्वारा दिए गए चेक के भुगतान की राशि की भी मांग की थी, चेक न दिए जाने के बाद ही उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से ही याचिका दायर कर दी। माननीय न्यायाधीश ने उपरोक्त याचिका को सही मानते हुए गांव रत्ताखेड़ा के महावीर को न केवल एक साल की सजा सुनाई, बल्कि 30 हजार रुपये के जुर्माने के भी आदेश दे दिए। साथ ही आढ़ती को उसकी पूरी राशि चुकाने के आदेश दिए हैं।