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दो साल का वर्क वीजा लगवाने के नाम पर दो हफ्ते के टूरिस्ट वीजा पर भिजवा दिया बहरीन, बाप-बेटों पर मामला दर्ज
Updated Fri, 04 May 2018 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद ।
गांव अलीका में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी में रतिया पुलिस ने अदालत के आदेशों के बाद पिता-पुत्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में शामिल एक युवक विदेश में रहता है। पुलिस में दी शिकायत के अनुसार दादुपुर निवासी ज्ञानचंद ने बताया कि उसकी मां व उसे गांव अलीका निवासी देसराज व उसका पुत्र राधे मिले। उन दोनों ने बताया कि देसराज का एक और बेटा जयगोपाल विदेश में रहता है और वे ज्ञानचंद को भी विदेश में भेजने और दो साल के वर्क वीजा पर उसकी नौकरी लगवाने का इंतजाम कर सकता है।
इसके लिए उसने पीड़ित परिवार से सवा लाख रुपये मांगे। ज्ञानचंद ने बताया कि इसके बाद पिछले साल फरवरी में उसके परिवार के लोगों ने इधर-उधर से पैसे इकट्ठे करके देसराज व उसके बेटे को थमा दिए। ज्ञानचंद ने बताया कि लगातार टालमटोल करने के बाद आखिरकार जनवरी 2018 में देसराज ने उसे बहरीन भेज दिया जहां वो उसके बेटे जयगोपाल के साथ रहा। यहीं पर उसे पता चला कि दो साल के वर्क वीजा की बजाए उसे दो हफ्ते का टूरिस्ट वीजा थमा दिया गया है। इस पर उसने वापिस लौटकर पुलिस को शिकायत दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने रतिया कोर्ट में इस्तगासा दायर किया। इस्तगासे पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रतिया पुलिस को शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए जिसके बाद रतिया पुलिस ने आरोपी देसराज, उसके बेटे राधे और जयगोपाल के खिलाफ भादंसं की धारा 406, 420, 506 और 120 बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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फतेहाबाद ।
गांव अलीका में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी में रतिया पुलिस ने अदालत के आदेशों के बाद पिता-पुत्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में शामिल एक युवक विदेश में रहता है। पुलिस में दी शिकायत के अनुसार दादुपुर निवासी ज्ञानचंद ने बताया कि उसकी मां व उसे गांव अलीका निवासी देसराज व उसका पुत्र राधे मिले। उन दोनों ने बताया कि देसराज का एक और बेटा जयगोपाल विदेश में रहता है और वे ज्ञानचंद को भी विदेश में भेजने और दो साल के वर्क वीजा पर उसकी नौकरी लगवाने का इंतजाम कर सकता है।
इसके लिए उसने पीड़ित परिवार से सवा लाख रुपये मांगे। ज्ञानचंद ने बताया कि इसके बाद पिछले साल फरवरी में उसके परिवार के लोगों ने इधर-उधर से पैसे इकट्ठे करके देसराज व उसके बेटे को थमा दिए। ज्ञानचंद ने बताया कि लगातार टालमटोल करने के बाद आखिरकार जनवरी 2018 में देसराज ने उसे बहरीन भेज दिया जहां वो उसके बेटे जयगोपाल के साथ रहा। यहीं पर उसे पता चला कि दो साल के वर्क वीजा की बजाए उसे दो हफ्ते का टूरिस्ट वीजा थमा दिया गया है। इस पर उसने वापिस लौटकर पुलिस को शिकायत दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने रतिया कोर्ट में इस्तगासा दायर किया। इस्तगासे पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रतिया पुलिस को शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए जिसके बाद रतिया पुलिस ने आरोपी देसराज, उसके बेटे राधे और जयगोपाल के खिलाफ भादंसं की धारा 406, 420, 506 और 120 बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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