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विदेश में नर्स की नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे पौने तीन लाख
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रतिया। विदेश में नर्स की नौकरी लगवाने और वीजा, वर्क परमिट दिलवाने के नाम पर रतिया के गांव सरदारेवाला की युवती से पौने 3 लाख रुपये ठग लिए गए। रतिया पुलिस ने अदालत के आदेशों पर युवती की शिकायत पर एक आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है।
अदालत में दायर इस्तगासे में ममता रानी निवासी गांव सरदारेवाला ने बताया कि उसने एएनएम का कोर्स किया हुआ है। वह प्राइवेट बीमा कंपनी में बतौर एजेंट काम करती थी। इसी कंपनी में पानीपत निवासी जयपाल बतौर अधिकारी तैनात था। इसी कंपनी में उसकी जान पहचान जयपाल से हो गई। ममता ने बताया कि जनवरी 2016 में उसने जयपाल के सामने विदेश घूमने की इच्छा प्रकट की, जिस पर जयपाल ने उसे बताया की वह रिशभ इंटरनेशनल कंपनी का मालिक है, जिसके कार्यालय यूएसए, मैक्सिको व सिंगापुर में हैं। यह कंपनी वर्क वीजा पर हिंदुस्तान से लोगों को काम के लिए भेजती है। उसने बताया कि वह उसे भी वर्क वीजा पर काम लगवा देगा। उसके बाद मैंने तथा भाई विक्रम ने अपने गांव सरदारेवाला में जयपाल को 2 लाख रुपये नकद दे दिए। जयपाल ने उन्हें एक हफ्ते के टूरिस्ट वीजा पर फरवरी 2016 में उसे व उसके भाई विक्रम को थाइलैंड वा चायना भेज दिया। उक्त विदेश दौरे से आने के बाद एक दिन जयपाल ने कहा कि अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें सिंगापुर के किसी अस्पताल में नर्स के तौर पर लगा सकता हूं और आपके भाई को भी सिंगापुर के ऑफिस में काम पर लगा सकता हूं और इस पर 8 लाख रुपये खर्चा आएगा। उसने 2 लाख 80 हजार रुपये जयपाल को दे दिए। लेकिन इसके बाद ना तो वर्क परमिट आया और ना वीजा। एक दिन जयपाल ने उसे फोन पर धमकी दी कि अगर रुपये मांगे तो वह उसे झूठे केस में फंसवा देगा। रतिया पुलिस ने ममता की शिकायत पर जयपाल निवासी पानीपत के खिलाफ केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
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अदालत में दायर इस्तगासे में ममता रानी निवासी गांव सरदारेवाला ने बताया कि उसने एएनएम का कोर्स किया हुआ है। वह प्राइवेट बीमा कंपनी में बतौर एजेंट काम करती थी। इसी कंपनी में पानीपत निवासी जयपाल बतौर अधिकारी तैनात था। इसी कंपनी में उसकी जान पहचान जयपाल से हो गई। ममता ने बताया कि जनवरी 2016 में उसने जयपाल के सामने विदेश घूमने की इच्छा प्रकट की, जिस पर जयपाल ने उसे बताया की वह रिशभ इंटरनेशनल कंपनी का मालिक है, जिसके कार्यालय यूएसए, मैक्सिको व सिंगापुर में हैं। यह कंपनी वर्क वीजा पर हिंदुस्तान से लोगों को काम के लिए भेजती है। उसने बताया कि वह उसे भी वर्क वीजा पर काम लगवा देगा। उसके बाद मैंने तथा भाई विक्रम ने अपने गांव सरदारेवाला में जयपाल को 2 लाख रुपये नकद दे दिए। जयपाल ने उन्हें एक हफ्ते के टूरिस्ट वीजा पर फरवरी 2016 में उसे व उसके भाई विक्रम को थाइलैंड वा चायना भेज दिया। उक्त विदेश दौरे से आने के बाद एक दिन जयपाल ने कहा कि अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें सिंगापुर के किसी अस्पताल में नर्स के तौर पर लगा सकता हूं और आपके भाई को भी सिंगापुर के ऑफिस में काम पर लगा सकता हूं और इस पर 8 लाख रुपये खर्चा आएगा। उसने 2 लाख 80 हजार रुपये जयपाल को दे दिए। लेकिन इसके बाद ना तो वर्क परमिट आया और ना वीजा। एक दिन जयपाल ने उसे फोन पर धमकी दी कि अगर रुपये मांगे तो वह उसे झूठे केस में फंसवा देगा। रतिया पुलिस ने ममता की शिकायत पर जयपाल निवासी पानीपत के खिलाफ केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
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