{"_id":"5bd8acfdbdec2269960bb75d","slug":"171540926717-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिट फंड कंपनी मिंट एवोल्यूशन की निदेशक मरीयम खान की सत्र न्यायालय में जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चिट फंड कंपनी मिंट एवोल्यूशन की निदेशक मरीयम खान की सत्र न्यायालय में जमानत याचिका खारिज
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिट फंड कंपनी मिंट एवोल्यूशन की निदेशक मरीयम खान की सत्र न्यायालय में जमानत याचिका खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ढांडा की अदालत ने विवादित चिट फंड मिंट एवोल्यूशन मार्केटिंग कंपनी की एमडी निदेशक यमुना विहार दिल्ली निवासी मरीयम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी मरीयम खान ने 22 अक्तूबर 2017 को अदालत में जमानत याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई थी। मरीयम खान के खिलाफ शहर पुलिस ने एडवोकेट सुभाष जांगू की शिकायत पर 10 सितंबर 2018 को धोखाधड़ी व प्राइज चिट्स एंड एमसी एक्ट 1975 की धारा 4,5,6 के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में मरीयम खान 26 सितंबर 2018 में ज्युडीशियल कस्टडी में चल रही है। इससे पहले मरीयम खान की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज हो चुकी है। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी और उसके पति मोहम्मद अर्शद ने शिकायतकर्ता सुभाष जांगू को फोन पर जान से मारने की धमकी दी। जिस पर पुलिस ने इस मामले में जान से मारने की धमकी देने की धारा को भी जोड़ दिया है। आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मरीयम खान एक घरेलू औरत है और उसके 11 व 7 साल के दो बच्चे हैं तथा उसका एक बच्चा अन्ना 26 सितंबर 2018 से ही बीमार है। मरीयम खान के अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि मरीयम खान कंपनी की निदेशक पद से त्याग पत्र भी दे चुकी है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपी मरीयम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ढांडा की अदालत ने विवादित चिट फंड मिंट एवोल्यूशन मार्केटिंग कंपनी की एमडी निदेशक यमुना विहार दिल्ली निवासी मरीयम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी मरीयम खान ने 22 अक्तूबर 2017 को अदालत में जमानत याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई थी। मरीयम खान के खिलाफ शहर पुलिस ने एडवोकेट सुभाष जांगू की शिकायत पर 10 सितंबर 2018 को धोखाधड़ी व प्राइज चिट्स एंड एमसी एक्ट 1975 की धारा 4,5,6 के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में मरीयम खान 26 सितंबर 2018 में ज्युडीशियल कस्टडी में चल रही है। इससे पहले मरीयम खान की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज हो चुकी है। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी और उसके पति मोहम्मद अर्शद ने शिकायतकर्ता सुभाष जांगू को फोन पर जान से मारने की धमकी दी। जिस पर पुलिस ने इस मामले में जान से मारने की धमकी देने की धारा को भी जोड़ दिया है। आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मरीयम खान एक घरेलू औरत है और उसके 11 व 7 साल के दो बच्चे हैं तथा उसका एक बच्चा अन्ना 26 सितंबर 2018 से ही बीमार है। मरीयम खान के अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि मरीयम खान कंपनी की निदेशक पद से त्याग पत्र भी दे चुकी है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपी मरीयम खान की जमानत याचिका खारिज कर दी।