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दहेज में आया लंगूर वन्य प्राणी विभाग ने किया जब्त, दूल्हे पर मामला दर्ज
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:37 PM IST
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दहेज में आया लंगूर वन्य प्राणी विभाग ने किया जब्त, दूल्हे पर मामला दर्ज
-पीपुल्स फॉर एनीमल की शिकायत पर की गई कार्रवाई, टीम ने टोहाना जाकर लंगूर को लिया कब्जे में
-वन्य प्राणी एक्ट 1972 के तहत लंगूर अधिसूचना 2 का प्राणी है, इसे बांधना व घर में रखना गैरकानूनी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। टोहाना में दहेज में मिला लंगूर दूल्हे राजा की परेशानी का सबब बन गया है। मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद वन्य प्राणी विभाग की टीम उसके घर पहुंच गई और लंगूर को अपने कब्जे में ले लिया। पीपुल्स फॉर एनीमल की ओर से इस संबंध में शिकायत दी गई थी। जिसके वन्य प्राणी विभाग ने यह कार्रवाई की। विभाग ने दूल्हे पर इस संबंध में केस भी दर्ज किया है।
ज्ञात रहे कि टोहाना के कर्मवीर पूनिया के बेटे संजय का विवाह 11 फरवरी को उचाना के गांव डोहानाखेड़ा गांव में चांदीराम की बेटी रीतू से हुआ था। पूनिया परिवार ने टोहाना में अपने निवास में भैंसें पाल रखी हैं। इन भैंसों के लिए उन्होंने घर पास ही पौने दो एकड़ जमीन पर पशुओं का चारा बो रखा है। उनके घर पर तो बंदरों की टोली मंडराती रहती थी और हर समय उनको परेशान करते रहते हैं। जब उनके बेटे संजय की शादी की तारीख तय करने के लिए उनके ससुर आए तो लंगूर से बंदरों को भगाने की बात हुई जिसके बाद उनके पिता ने दहेज के रूप में जूली नाम का लंगूर उन्हें गिफ्ट में दे दिया।
वन्य प्राणी निरीक्षक जयविन्द्र नेहरा ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी कि टोहाना में एक लंगूर को घर में बांधकर रखा हुआ है। जिसके आधार पर उनकी टीम टोहाना संजय कुमार के घर गई। उन्होंने बताया कि लंगूर वन्य प्राणी अधिनियम की अधिसूचना में अनुसूचित जाति सेक्शन 2 के अंतर्गत आता है। इसे ना तो तंग किया जा सकता है और ना ही इसे पाला जा सकता है। हमने मौके पर जाकर देखा तो लंगूर घर में खुला घूम रहा था। हालांकि रात को उसे पिंजरे में बंद करके रखते थे। विभाग की टीम लंगूर को अपने कब्जे में लेकर फतेहाबाद ले आई है। संजय कुमार पर वन्य प्राणी अधिनियम की धारा 9, 39 व 52 के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं इस बात की भी जांच की जाएगी कि आखिर यह लंगूर संजय के ससुरालवालों को कहां से मिला है। क्या किसी ने इसे उनको बेचा है, अगर ऐसा है तो संबंधित व्यक्ति पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही उच्चाधिकारियों से बातचीत करके लंगूर को किसी चिड़ियाघर में भेजा जाएगा। शनिवार को उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और देखा जाएगा कि कहीं इसे प्रताड़ित तो नहीं किया गया है। इसके बाद इसे चिड़ियाघर भेज दिया जाएगा। इस अवसर पर पीपुल्स फॉर एनीमल के सतबीर बिश्रोई भी मौजूद थे।
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-पीपुल्स फॉर एनीमल की शिकायत पर की गई कार्रवाई, टीम ने टोहाना जाकर लंगूर को लिया कब्जे में
-वन्य प्राणी एक्ट 1972 के तहत लंगूर अधिसूचना 2 का प्राणी है, इसे बांधना व घर में रखना गैरकानूनी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। टोहाना में दहेज में मिला लंगूर दूल्हे राजा की परेशानी का सबब बन गया है। मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद वन्य प्राणी विभाग की टीम उसके घर पहुंच गई और लंगूर को अपने कब्जे में ले लिया। पीपुल्स फॉर एनीमल की ओर से इस संबंध में शिकायत दी गई थी। जिसके वन्य प्राणी विभाग ने यह कार्रवाई की। विभाग ने दूल्हे पर इस संबंध में केस भी दर्ज किया है।
ज्ञात रहे कि टोहाना के कर्मवीर पूनिया के बेटे संजय का विवाह 11 फरवरी को उचाना के गांव डोहानाखेड़ा गांव में चांदीराम की बेटी रीतू से हुआ था। पूनिया परिवार ने टोहाना में अपने निवास में भैंसें पाल रखी हैं। इन भैंसों के लिए उन्होंने घर पास ही पौने दो एकड़ जमीन पर पशुओं का चारा बो रखा है। उनके घर पर तो बंदरों की टोली मंडराती रहती थी और हर समय उनको परेशान करते रहते हैं। जब उनके बेटे संजय की शादी की तारीख तय करने के लिए उनके ससुर आए तो लंगूर से बंदरों को भगाने की बात हुई जिसके बाद उनके पिता ने दहेज के रूप में जूली नाम का लंगूर उन्हें गिफ्ट में दे दिया।
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वन्य प्राणी निरीक्षक जयविन्द्र नेहरा ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी कि टोहाना में एक लंगूर को घर में बांधकर रखा हुआ है। जिसके आधार पर उनकी टीम टोहाना संजय कुमार के घर गई। उन्होंने बताया कि लंगूर वन्य प्राणी अधिनियम की अधिसूचना में अनुसूचित जाति सेक्शन 2 के अंतर्गत आता है। इसे ना तो तंग किया जा सकता है और ना ही इसे पाला जा सकता है। हमने मौके पर जाकर देखा तो लंगूर घर में खुला घूम रहा था। हालांकि रात को उसे पिंजरे में बंद करके रखते थे। विभाग की टीम लंगूर को अपने कब्जे में लेकर फतेहाबाद ले आई है। संजय कुमार पर वन्य प्राणी अधिनियम की धारा 9, 39 व 52 के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं इस बात की भी जांच की जाएगी कि आखिर यह लंगूर संजय के ससुरालवालों को कहां से मिला है। क्या किसी ने इसे उनको बेचा है, अगर ऐसा है तो संबंधित व्यक्ति पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही उच्चाधिकारियों से बातचीत करके लंगूर को किसी चिड़ियाघर में भेजा जाएगा। शनिवार को उसके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और देखा जाएगा कि कहीं इसे प्रताड़ित तो नहीं किया गया है। इसके बाद इसे चिड़ियाघर भेज दिया जाएगा। इस अवसर पर पीपुल्स फॉर एनीमल के सतबीर बिश्रोई भी मौजूद थे।
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