{"_id":"5d0e79758ebc3e47db700fb6","slug":"15612296708-fatehabad-news70","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाल में पाइप डालने का किया विरोध, जेसीबी जलाने का प्रयास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
खाल में पाइप डालने का किया विरोध, जेसीबी जलाने का प्रयास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टोहाना। डीसी के आदेश पर गांव पारता में नहरी खाल में पाइप लाइन डालने गई विभाग की टीम का विरोध किया गया। वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों ने खुदाई कार्य करने गई जेसीबी को आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीन लोगों को काबू कर लिया। शनिवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमंडल के गांव पारता में सिंचाई विभाग की ओर से करीब आठ नौ महीने पहले नहरी नाला में भूमिगत पाइप लाइन डालने का कार्य आरंभ किया गया था। गांव के ही तीन व्यक्ति रूली राम, वेदप्रकाश व संदीप द्वारा अपनी जमीन में से पाइप लाइन डालने के कार्य का विरोध किया गया था। इसके चलते यह कार्य बीच में रोक दिया गया। उस उपरांत सिंचाई विभाग द्वारा इसकी शिकायत डीसी को दी गई थी। डीसी ने बीडीपीओ नरेंद्र सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके जल्द कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ मौके पर इंद्राज करने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उक्त आरोपितों द्वारा पूर्व में यह धमकी दी गईं थी कि यदि उनकी भूमि में कार्य हेतु जेसीबी मशीन ने प्रवेश किया तो वह जेसीबी को आग लगा देंगे। इसपर जब प्रशासनिक अधिकारी जेसीबी लेकर उक्त स्थान पर पहुंचे तो आरोपी रूली राम, वेदप्रकाश व संदीप के साथ ही उसके लड़के द्वारा एक डंडे पर बोरी का टुकड़ा रखकर उस पर तेल डालकर जेसीबी को आग लगाने का प्रयास किया व पुलिस कर्मचारियों से हाथापाई की। पुलिस ने बीडीपीओ नरेन्द्र की शिकायत पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके उनको काबू कर लिया। शनिवार को सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमंडल के गांव पारता में सिंचाई विभाग की ओर से करीब आठ नौ महीने पहले नहरी नाला में भूमिगत पाइप लाइन डालने का कार्य आरंभ किया गया था। गांव के ही तीन व्यक्ति रूली राम, वेदप्रकाश व संदीप द्वारा अपनी जमीन में से पाइप लाइन डालने के कार्य का विरोध किया गया था। इसके चलते यह कार्य बीच में रोक दिया गया। उस उपरांत सिंचाई विभाग द्वारा इसकी शिकायत डीसी को दी गई थी। डीसी ने बीडीपीओ नरेंद्र सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके जल्द कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ मौके पर इंद्राज करने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उक्त आरोपितों द्वारा पूर्व में यह धमकी दी गईं थी कि यदि उनकी भूमि में कार्य हेतु जेसीबी मशीन ने प्रवेश किया तो वह जेसीबी को आग लगा देंगे। इसपर जब प्रशासनिक अधिकारी जेसीबी लेकर उक्त स्थान पर पहुंचे तो आरोपी रूली राम, वेदप्रकाश व संदीप के साथ ही उसके लड़के द्वारा एक डंडे पर बोरी का टुकड़ा रखकर उस पर तेल डालकर जेसीबी को आग लगाने का प्रयास किया व पुलिस कर्मचारियों से हाथापाई की। पुलिस ने बीडीपीओ नरेन्द्र की शिकायत पर उपरोक्त लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके उनको काबू कर लिया। शनिवार को सभी को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
विज्ञापन