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जलभराव हटा तो दिखीं दीवारों में आईं दरारें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 11:18 PM IST
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Cracks in walls seen as waterlogging removed
रामलीला ग्राउंड के पास मास्टर दीपक नांरग की कोठी के पीछे के हिस्से में बना गहरा गड्ढ़ा। - फोटो : Fatehabad
भूना। बारिश के बाद बाढ़ से घिरे भूना शहर की सड़कों व अधिकतर कॉलोनियों में जलभराव की समस्या का निदान हो चुका है। बिजली विभाग ने शहर के 92 फीसदी घरों में उपभोक्ताओं को बिजली की सप्लाई मुहैया करवा दी है। जन स्वास्थ्य विभाग ने जल घर की पानी में डूबी हुई विद्युत चलित मोटरों की इलेक्ट्रिकल विंग जांच करके उन्हें सुखा रही है दो दिन में पीने का पानी मिल सकेगा। घरों में लौट रहे लोग बाढ़ के कारण बर्बाद हुए उनके सामान को देखकर काफी आहत हैं।
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बता दें कि भूना में मंगलवार को पेयजल सप्लाई भी शुरू होने की संभावना है। मगर शहरवासियों को दो दिन तक इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल नहीं करना होगा। हालांकि इस पानी का प्रयोग फर्श आदि की साफ-सफाई में किया जा सकता है। शहर में मॉडल टाउन व चंदन नगर तथा ढाणी सांचला रोड पर दो फुट जलभराव अभी भी बना हुआ है। हिसार रोड पर इंडेन गैस एजेंसी से लेकर जनता धर्मशाला के बीच में एक फुट से दो फुट पानी का अभी भी ठहराव है। पानी निकालने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर काम जोर-शोर से चल रहा है। वहीं जलभराव की समस्या समाप्त होने के बाद ही धर्मशाला व मंदिरों में पिछले पांच दिनों से शरण लिए हुए शरणार्थी अपने घरों में जा रहे हैं। घरों में सामान लगभग खराब हो गया है। लोग अपने बचे सामान को धूप में सुखा रहे हैं।
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मुआवजे को लेकर 2208 लोगों ने किया आवेदन
जल त्रासदी के बाद शहर वासियों को आर्थिक रूप से भी बड़े स्तर पर संकट झेलना पड़ रहा है। कॉलोनियों की सड़क व गलियों तथा घरों से जैसे ही पानी निकाला गया है, उसके बाद मकानों और कोठियों में दरारें आ गई हैं। दुकानों का सामान बड़ी संख्या में बर्बाद हो गया था, जिसको लेकर राजकीय महाविद्यालय में कंट्रोल रूम में लोगों की आर्थिक मदद को लेकर संख्या बढ़ रही है। रविवार की दोपहर तक 2208 पीड़ितों ने सरकार से मुआवजे की मांग को लेकर आवेदन किया है।
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मुआवजे की आस में अभी भी बने हैं शरणार्थी
राजकीय प्राथमिक पाठशाला डिग्गी स्कूल में ऐसे कई परिवार अब भी शरण लिए हुए हैं, जिनके मकान भी ठीक हैं। स्कूल के एक अध्यापक ने बताया कि शरणार्थी लोगों को भय है कि अगर वह अपने-अपने घर चले गए तो उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिलेगी। इसलिए स्कूल को खाली करना नहीं चाहते। मगर पढ़ाई के बिना बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।
शहर में पानी समस्या का समाधान होने के बाद अब बदबू फैली
शहर में जलभराव के 9वें दिन कई इलाकों में नागरिकों को पानी से राहत मिल गई है। लेकिन दूषित पानी की वजह से पूरे शहर में बदबू फैली हुई, जिससे लोगों का परेशानी हो रही है। शहरवासियों ने बताया कि अब सफाई अभियान चलाने की आवश्यकता है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो महामारी पैनल प्रबल संभावना बनी हुई है।

पेयजल आपूर्ति न होने के कारण टैंकरों से पानी ला रहे लोग
भूना में अभी भी पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। पेयजल आपूर्ति न होने के कारण जो लोग घरों में है, वह टैंकरों के माध्यम से नहरों से पानी लेकर आ रहे हैं। प्रशासन की ओर से 25 पानी के टैंकर लगाए गए हैं, लेकिन यह नाकाफी हैं, इसलिए लोग अपने स्तर पर पानी ला रहे हैं।
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