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Fatehabad News: जिला परिषद सीईओ की कार्यप्रणाली से खफा पार्षद बैठक में ला सकते हैं निलंबित करने का प्रस्ताव
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फतेहाबाद। जिला परिषद की 17 फरवरी को होने वाली विशेष बैठक इस बार काफी हंगामेदार हो सकती है। जिला परिषद के सीईओ इस बैठक में पार्षदों के निशाने पर रहेंगे। कुछ पार्षद तो मुख्य कार्यकारी अभियंता की कार्यप्रणाली से खफा होकर उनको सस्पेंड करने का एजेंडा भी बैठक में लाने वाले हैं, वहीं कई सवाल-जवाब करने को तैयार हैं। वहीं पता चला है कि जिला परिषद की अध्यक्ष भी सीईओ की कार्यप्रणाली से खफा हैं।
प्राप्त जानकारी के अनसार, जिला परिषद ने 17 फरवरी को जिला परिषद की विशेष बैठक बुलाई है। यह बैठक आचार संहिता लगने से पहले बुलाई गई है और बैठक में 7 एजेंडे रखे जाएंगे। बताया गया है कि इन दिनों जिला पार्षदों व जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा के बीच अनबन चल रही है। जिला पार्षद आरोप लगा रहे हैं कि पिछले सवा साल से कामों के एस्टीमेट तो बन रहे हैं, लेकिन सीईओ चोपड़ा इनको पास करने में अपनी मनमानी कर रहे हैं। यही कारण है कि गांवों में जिला परिषद की ओर से कोई काम नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप है कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी उनको बार-बार सीईओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पिछले दिनों जब सीईओ ने वाटर कूलर व वाटर टैंकर देने से भी मना कर दिया था तो कुछ पार्षदों के लामबंद होने पर उन्होंने टैंकर व वाटर कूलर मंजूर किए।
जिला परिषद के सूत्रों से यह भी पता चला है कि जिला परिषद ने गांवों में स्वच्छता मिशन को देखते हुए सभी 18 पार्षदों, सांसद व तीनों विधायकों के हलके में 1-1 ट्रैक्टर कूड़ा उठान के लिए एस्टीमेट बनाया था, लेकिन इसे भी सीईओ ने भ्रष्टाचार का मामला बताकर सिरे से नकार दिया। कई एस्टीमेट पास न होने से भी सीईओ के खिलाफ पार्षद लामबंद हो रहे हैं।
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कोट
जिला परिषद के सीईओ पार्षदों का काम नहीं कर रहे हैं। पिछले सवा साल से गांवों में विकास की एक ईंट भी नहीं लगी है। काम न होने के कारण हम जनता को जवाब भी नहीं दे पा रहे। 17 फरवरी को होने वाली जिला परिषद की बैठक में सीईओ को सस्पेंड करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
-बिंद सिहाग, जिला पार्षद वार्ड नंबर-5
जिला पार्षदों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए बनाए गए एस्टीमेट की फाइलों पर सीईओ हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिस कारण काम नहीं हो पा रहे। वह फाइलों पर हस्ताक्षर करने में आनाकानी करते हैं। बैठक में सीईओ के खिलाफ प्रस्ताव लाकर उनको सस्पेंड करने की मांग की जाएगी।
रामनिवास झाझड़ा, जिला पार्षद वार्ड नंबर-14
कोट
काम न होने के कारण परेशानी हो रही है। कुछ काम ही हो रहे हैं, बड़े काम रुके हुए हैं। इसको लेकर बैठक में सीईओ से जवाब-तलबी की जाएगी।
-बंटी सिहाग, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर-11
कोट
जिला परिषद के सभी पार्षद व अधिकारी एक परिवार की तरह हैं। सभी को मिल जुलकर काम करना होगा। कार्यालय की कई बातें बाहर भी लीक हो रही हैं, जो ठीक नहीं है। बैठक में पार्षदों की बातों को सुना जाएगा और अधिकारियों से जवाब-तलबी भी होगी।
-सुमन खिचड़, प्रधान जिला परिषद फतेहाबाद।
कोट
पारदर्शी कामों के लिए मेरी ओर से कोई मनाही नहीं है। पार्षद पारदर्शिता वाले काम मेरे पास लेकर आएं, उनको मंजूरी मिलेगी। अगर पार्षद कामों के लिए पारदर्शिता नहीं बरतेंगे तो मैं काम नहीं करूंगा। अगर मेरे खिलाफ बैठक में कोई प्रस्ताव लाया जा रहा है तो पार्षद स्वतंत्र हैं।
अजय चोपड़ा, सीईओ, जिला परिषद फतेहाबाद।
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प्राप्त जानकारी के अनसार, जिला परिषद ने 17 फरवरी को जिला परिषद की विशेष बैठक बुलाई है। यह बैठक आचार संहिता लगने से पहले बुलाई गई है और बैठक में 7 एजेंडे रखे जाएंगे। बताया गया है कि इन दिनों जिला पार्षदों व जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा के बीच अनबन चल रही है। जिला पार्षद आरोप लगा रहे हैं कि पिछले सवा साल से कामों के एस्टीमेट तो बन रहे हैं, लेकिन सीईओ चोपड़ा इनको पास करने में अपनी मनमानी कर रहे हैं। यही कारण है कि गांवों में जिला परिषद की ओर से कोई काम नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप है कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी उनको बार-बार सीईओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पिछले दिनों जब सीईओ ने वाटर कूलर व वाटर टैंकर देने से भी मना कर दिया था तो कुछ पार्षदों के लामबंद होने पर उन्होंने टैंकर व वाटर कूलर मंजूर किए।
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जिला परिषद के सूत्रों से यह भी पता चला है कि जिला परिषद ने गांवों में स्वच्छता मिशन को देखते हुए सभी 18 पार्षदों, सांसद व तीनों विधायकों के हलके में 1-1 ट्रैक्टर कूड़ा उठान के लिए एस्टीमेट बनाया था, लेकिन इसे भी सीईओ ने भ्रष्टाचार का मामला बताकर सिरे से नकार दिया। कई एस्टीमेट पास न होने से भी सीईओ के खिलाफ पार्षद लामबंद हो रहे हैं।
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जिला परिषद के सीईओ पार्षदों का काम नहीं कर रहे हैं। पिछले सवा साल से गांवों में विकास की एक ईंट भी नहीं लगी है। काम न होने के कारण हम जनता को जवाब भी नहीं दे पा रहे। 17 फरवरी को होने वाली जिला परिषद की बैठक में सीईओ को सस्पेंड करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
-बिंद सिहाग, जिला पार्षद वार्ड नंबर-5
जिला पार्षदों द्वारा ग्रामीण विकास के लिए बनाए गए एस्टीमेट की फाइलों पर सीईओ हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिस कारण काम नहीं हो पा रहे। वह फाइलों पर हस्ताक्षर करने में आनाकानी करते हैं। बैठक में सीईओ के खिलाफ प्रस्ताव लाकर उनको सस्पेंड करने की मांग की जाएगी।
रामनिवास झाझड़ा, जिला पार्षद वार्ड नंबर-14
कोट
काम न होने के कारण परेशानी हो रही है। कुछ काम ही हो रहे हैं, बड़े काम रुके हुए हैं। इसको लेकर बैठक में सीईओ से जवाब-तलबी की जाएगी।
-बंटी सिहाग, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर-11
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जिला परिषद के सभी पार्षद व अधिकारी एक परिवार की तरह हैं। सभी को मिल जुलकर काम करना होगा। कार्यालय की कई बातें बाहर भी लीक हो रही हैं, जो ठीक नहीं है। बैठक में पार्षदों की बातों को सुना जाएगा और अधिकारियों से जवाब-तलबी भी होगी।
-सुमन खिचड़, प्रधान जिला परिषद फतेहाबाद।
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पारदर्शी कामों के लिए मेरी ओर से कोई मनाही नहीं है। पार्षद पारदर्शिता वाले काम मेरे पास लेकर आएं, उनको मंजूरी मिलेगी। अगर पार्षद कामों के लिए पारदर्शिता नहीं बरतेंगे तो मैं काम नहीं करूंगा। अगर मेरे खिलाफ बैठक में कोई प्रस्ताव लाया जा रहा है तो पार्षद स्वतंत्र हैं।
अजय चोपड़ा, सीईओ, जिला परिषद फतेहाबाद।