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इंसाफ के इंतजार को लंबा खींच रही कोरोना महामारी
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कोरोना काल में न्याय व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। गत वर्ष लॉकडाउन के बाद से अदालतों में कार्यवाही सुस्त पड़ी थी। तब रफ्तार नहीं पकड़ रही। फतेहाबाद की अलग-अलग अदालतों में लगभग 40 हजार केस लंबित हैं। लोग न्याय के इंतजार में हैं। मगर फिलहाल सिर्फ तारीख मिल रही है। कोरोना महामारी के चलते अदालतों में 23 मार्च 2020 से लॉकडाउन लगाया गया था। इसके बाद 11 जनवरी 2021 को नियमित कार्यवाही शुरू हो पाई।
कोरोना की दूसरी लहर आई तो 16 अप्रैल 2020 को फिर से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। फिलहाल सिर्फ जमानत व स्टे जैसे महत्वपूर्ण व तत्काल मामलों में ही सुनवाई हो रही है। रूटीन केसों में कार्यवाही बंद है। दिक्कत ये है कि अदालतों में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं। दूसरे राज्यों तक के लोग तारीख पर पहुंचते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का डर अदालतों में ज्यादा रहता है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई जारी
संकट के इस दौर में राहत की बात ये है कि पॉक्सो व दुष्कर्म जैसे मामलों की सुनवाई जारी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में नियमानुसार गवाही की प्रक्रिया भी चलती रही है और कई मामलों में फैसले भी सुनाए गए हैं। लॉकडाउन के दौरान भी कई लोगों को सजा सुनाई गई है। इसके अलावा नशा तस्करी के ऐसे मामलों में सजा भी सुनाई गई है, जिसमें गवाही व बहस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
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इन मामलों में सुनवाई पर रोक
कोविड-19 के चलते अदालतों में भीड़ कम करने के लिए गवाही की प्रक्रिया बंद है। सिर्फ पॉक्सो मामलों गवाही होती है। मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, नशा तस्करी, सड़क दुर्घटना, क्लेम केस, सभी प्रकार के दीवानी मामले, तलाक, संपत्ति संबंधित अपराध जैसे मामलों में नियमित सुनवाई नहीं हो रही। केवल उन्हीं मामलों में सुनवाई होती है, जिनमें तत्काल न्याय मिलना जरूरी है। जैसे जमानत व स्टे मामले।
राहत की बात : सब सुरक्षित हैं यहां
संकट के इस दौर में राहत की बात ये है कि फतेहाबाद की अदालतों में काम करने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारी व वकील फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि बीच में कर्मचारियों के संक्रमित होने की खबर आई, लेकिन थोड़े ही समय में सभी स्वस्थ हो गए। अदालती कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले सभी वकील भी स्वस्थ हैं। जिला न्यायालय में करीब 200 वकील हैं, जो नियमित रूप से काम करते हैं। फिलहाल आधे वकील ही आ रहे हैं। उम्र दराज वकीलों ने कोर्ट आना कम कर रखा है।
फतेहाबाद में अदालतें
एक जिला एवं सत्र न्यायालय
तीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय
तीन मजिस्ट्रेट न्यायालय
उपभोक्ता न्यायालय
परिवार न्यायालय
उपायुक्त न्यायालय
एसडीएम न्यायालय
ऐसे कर रहे बचाव
कोर्ट में सभी को हिदायत है कि मास्क होना चाहिए। कर्मचारी व अधिकारी बार बार हाथ धोते रहते हैं। वकील दूर खड़े होकर संबोधित करते हैं ताकि सामाजिक दूरी का ख्याल रखा जाए। जजों के सामने पारदर्शी तिरपाल लगा रखा है। कई अदालतों में शीशा लगा रखा है। अदालतों में भीड़ नहीं होने दी जाती।
कोट
कोरोना काल में कोर्ट के कर्मचारियों व अधिकारियों को नियमित रूप से वेतन मिलता रहा है। इस दौर में सबसे ज्यादा दिक्कतें वकीलों को आई हैं। उनका काम ठप है और आय हो नहीं रही। इसलिए बार कौंसिल व सरकार को चाहिए कि वकीलों को आर्थिक मदद दे। इसके लिए हमने बार कौंसिल को पत्र भी लिखा है।
-राजेंद्र कुकरेजा, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन फतेहाबाद।
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कोरोना की दूसरी लहर आई तो 16 अप्रैल 2020 को फिर से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। फिलहाल सिर्फ जमानत व स्टे जैसे महत्वपूर्ण व तत्काल मामलों में ही सुनवाई हो रही है। रूटीन केसों में कार्यवाही बंद है। दिक्कत ये है कि अदालतों में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं। दूसरे राज्यों तक के लोग तारीख पर पहुंचते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण का डर अदालतों में ज्यादा रहता है।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई जारी
संकट के इस दौर में राहत की बात ये है कि पॉक्सो व दुष्कर्म जैसे मामलों की सुनवाई जारी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में नियमानुसार गवाही की प्रक्रिया भी चलती रही है और कई मामलों में फैसले भी सुनाए गए हैं। लॉकडाउन के दौरान भी कई लोगों को सजा सुनाई गई है। इसके अलावा नशा तस्करी के ऐसे मामलों में सजा भी सुनाई गई है, जिसमें गवाही व बहस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
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इन मामलों में सुनवाई पर रोक
कोविड-19 के चलते अदालतों में भीड़ कम करने के लिए गवाही की प्रक्रिया बंद है। सिर्फ पॉक्सो मामलों गवाही होती है। मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, नशा तस्करी, सड़क दुर्घटना, क्लेम केस, सभी प्रकार के दीवानी मामले, तलाक, संपत्ति संबंधित अपराध जैसे मामलों में नियमित सुनवाई नहीं हो रही। केवल उन्हीं मामलों में सुनवाई होती है, जिनमें तत्काल न्याय मिलना जरूरी है। जैसे जमानत व स्टे मामले।
राहत की बात : सब सुरक्षित हैं यहां
संकट के इस दौर में राहत की बात ये है कि फतेहाबाद की अदालतों में काम करने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारी व वकील फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि बीच में कर्मचारियों के संक्रमित होने की खबर आई, लेकिन थोड़े ही समय में सभी स्वस्थ हो गए। अदालती कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले सभी वकील भी स्वस्थ हैं। जिला न्यायालय में करीब 200 वकील हैं, जो नियमित रूप से काम करते हैं। फिलहाल आधे वकील ही आ रहे हैं। उम्र दराज वकीलों ने कोर्ट आना कम कर रखा है।
फतेहाबाद में अदालतें
एक जिला एवं सत्र न्यायालय
तीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय
तीन मजिस्ट्रेट न्यायालय
उपभोक्ता न्यायालय
परिवार न्यायालय
उपायुक्त न्यायालय
एसडीएम न्यायालय
ऐसे कर रहे बचाव
कोर्ट में सभी को हिदायत है कि मास्क होना चाहिए। कर्मचारी व अधिकारी बार बार हाथ धोते रहते हैं। वकील दूर खड़े होकर संबोधित करते हैं ताकि सामाजिक दूरी का ख्याल रखा जाए। जजों के सामने पारदर्शी तिरपाल लगा रखा है। कई अदालतों में शीशा लगा रखा है। अदालतों में भीड़ नहीं होने दी जाती।
कोट
कोरोना काल में कोर्ट के कर्मचारियों व अधिकारियों को नियमित रूप से वेतन मिलता रहा है। इस दौर में सबसे ज्यादा दिक्कतें वकीलों को आई हैं। उनका काम ठप है और आय हो नहीं रही। इसलिए बार कौंसिल व सरकार को चाहिए कि वकीलों को आर्थिक मदद दे। इसके लिए हमने बार कौंसिल को पत्र भी लिखा है।
-राजेंद्र कुकरेजा, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन फतेहाबाद।