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Fatehabad News: मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को निर्माणाधीन में मिला 11432 क्विंटल बाहरी चावल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 11:24 PM IST
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CM flying squad gets 11432 quintals of outer rice under construction
रतिया में राइस मिल में स्टॉक की गिनती करते हुए मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/रतिया। रतिया क्षेत्र के गांव महमदकी की चौधरी राइस मिल में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को जांच के दौरान बाहरी राज्यों से मंगाया गया 11432 क्विंटल चावल मिला है। वहीं, हरियाणा वेयरहाउस द्वारा मिल को दिए गए धान में से 3258 क्विंटल धान भी कम मिला है। कम मिले धान की कीमत करीब 70 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने हरियाणा वेयरहाउस के लेखा सहायक विकास कुमार की शिकायत पर मिल संचालक गांव रत्ताखेड़ा निवासी सीमा रानी के खिलाफ जालसाजी में केस दर्ज किया है।
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चौधरी राइस मिल में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बुधवार को दबिश दी थी। देर रात तक मिल में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वेयर हाउस कॉरपोरेशन के कर्मचारियों के साथ टीम सदस्य जांच करते रहे। जांच में पाया गया कि हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन द्वारा राइस मिल की फर्म चौधरी राइस मिल को चावल बनाने के लिए 39954 क्विंटल धान उपलब्ध करवाया गया था। इस दौरान 3258 क्विंटल धान कम मिला। वहीं, मिल के अंदर 11432 क्विंटल चावल पाया गया, जिसकी कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपये बनती है। मिल को अभी चालू भी नहीं किया गया।
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संदेह के घेरे में आए एनओसी देने वाले अधिकारी
राइस मिल में जांच के दौरान कई खुलासे हुए हैं। पता चला है कि मिल को चलाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और वेयरहाउस कॉरपोरेशन द्वारा एनओसी जारी की गई थी जबकि एनओसी जारी करने से पहले विभागों की टीम द्वारा मिल की वेरिफिकेशन की जाती है, जिसमें चहारदीवारी, बिजली कनेक्शन, शौचालय, मशीन का चालू होना जरूरी होता है।
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फिजिकल वेरिफिकेशन करने वाली टीम भी शक के दायरे में
राइस मिल को धान दिए जाने के 15 दिनों बाद संबंधित विभागों की तीन सदस्यीय टीम मिल का फिजिकल वेरिफिकेशन करती है, जिसमें विभाग द्वारा दिए गए धान व मिलर द्वारा बनाए गए चावल की वेरिफिकेशन की जाती है। मगर, इसमें कई त्रुटियां पाई गई हैं। अगर वेरिफिकेशन करने वाली टीम इस बारे में पहले ही रिपोर्ट दे देती तो इस घपले का पहले खुलासा हो जाता। वहीं, दूसरे राज्यों से मंगाए गए हजारों क्विंटल धान की कोई सूचना नहीं देना भी फिजिकल वेरिफिकेशन करने वाली टीम को शक के दायरे में लाता है।

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10 से अधिक राइस मिल मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के रडार पर
जांच के दौरान एक राइस मिल में ही लाखों का घपला मिलने के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के रडार पर रतिया की 10 से अधिक मिल आ गई है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान टीम को बताया गया कि रतिया में और भी कई ऐसी राइस मिल हैं, जिनमें दूसरे राज्यों का हजारों क्विंटल चावल पड़ा हुआ है।
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