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Fatehabad News: नगर परिषद ने 6 लाख खर्चे, फिर भी बंदर मुक्त नहीं हुआ शहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Sep 2023 11:29 PM IST
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City council spent Rs 6 lakh, yet the city is not monkey free
फतेहाबाद के नहर कॉलोनी में एक घर में घूम रहे बंदर
फतेहाबाद। नगर परिषद शहर में से बंदरों को पकड़ने के लिए करीब 6 लाख रुपये खर्च कर चुका है। लेकिन शहर एक माह भी बंदर मुक्त नहीं हुआ। शहर में एक बार फिर से बंदरों का उत्पात शुरू हो गया है। बंदर रोजाना बुजुर्गों और बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं। शहर के नहर कॉलोनी, एमसी कॉलोनी, भीमां बस्ती, अनाजमंडी एरिया, बीघड़ रोड, लाजपत नगर में बंदरों का झुंड घूम रहा है। यहां पर रोजाना बच्चे और बुजुर्ग बंदरों के हमले का शिकार हो रहे है। पिछले दिनों बंदर के हमले से राजकीय कन्या स्कूल भीमां बस्ती में महिला टीचर सीढि़यों से गिर चुकी है। बता दें कि नगर परिषद ने जिस एजेंसी को ठेका दिया था वह 265 बंदर पकड़ने का दावा कर चुकी है। लेकिन शहर के मुख्य एरिया में बंदरों के जमावड़ा होने से बंदर मुक्त दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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सवाल ये है कि एजेंसी ने सिर्फ कागजों में बंदर पकड़े हैं या फिर एक-दो एरिया में ही पकड़कर औपचारिकता पूरी कर ली है। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने सीएसआई मुकेश शर्मा को निर्देश जारी किए हैं कि एजेंसी को दोबारा बुलाकर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करवाएं और तब तक लंगूर के कट आउट शहर में लगवाएं ताकि ये देखकर भाग जाएं। संवाद
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2150 रुपये एक बंदर पकड़ने पर खर्च
नगर परिषद ने शहर से बंदर पकड़ने के लिए निजी एजेंसी को ठेका दे रखा है। एजेंसी एक बंदर पकड़ने का 2150 रुपये ले रही है। एजेंसी ने ठेका अलॉट होने से पहले 3200 रुपये प्रति बंदर के मांगे थे लेकिन बाद में रेट कम कर दिया था और 2150 रुपये में पकड़ने का तैयार हुई थी।
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कोट
शहर में एक बार फिर से बंदरों के उत्पात को लेकर शिकायतें आ रही है। सीएसआई को लंगूरों के कट आउट लगाने के निर्देश दिए हैं। जब तक एजेंसी नहीं आती है तब तक कट आउट लगाए जाएंगे।

-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद
कोट
शहर में से करीब 265 बंदर पकड़े जा चुके हैं। इसका भुगतान भी हो गया है। नगर परिषद की तरफ से जब भी निर्देश आएंगे बंदर पकड़ने के लिए कर्मचारी बुला लिए जाएंगे।
-हरिकिशन, ठेकेदार
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