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Fatehabad News: बेहोश किए बिना नागरिक अस्पताल में बच्चे के भैंगापन का ऑपरेशन किया

Fri, 14 Feb 2025 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 14 Feb 2025 11:48 PM IST
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Child's squint operation performed in civil hospital without anesthesia
डॉ.राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में भैंगापन का ऑपरेशन पहले ही शुरू हो चुका है। लेकिन अब विशेषज्ञ ने बच्चे के आंख के भैंगापन का ऑपरेशन करके सफलता हासिल की है। बच्चे को बेहोश किए बिना ही ऑपरेशन किया गया। सिर्फ लोकल एनस्थेसिया दिया गया। यानि सिर्फ उसी जगह को बेहोश किया गया, जिस जगह का ऑपरेशन होना था।
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गांव शहीदांवाली निवासी विवेक की आरबीएसके की टीम ने स्क्रीनिंग की थी। जांच में भैंगापन मिला था और इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कसवां की ओपीडी में दिखाया गया। पहले इस तरह के केस को करनाल रेफर किया जाता था।
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इसके अलावा गांव दरियापुर निवासी 22 साल के संदीप के भैंगापन का भी ऑपरेशन किया गया है। संदीप की आंखों की नजर बढ़ने की उम्मीद कम थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद आंख सीधी होने के साथ-साथ रोशनी भी बढ़ गई है। अब तक अस्पताल में पांच भैंगापन के ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
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बुजुर्ग महिला और लड़की का भी हुआ सफल ऑपरेशन
नागरिक अस्पताल में हाल ही में 13 साल की रिया का भी भैंगापन का ऑपरेशन किया गया है। इसके अलावा 57 वर्षीय गांव मेहूवाला निवासी मायादेवी का भी भैंगापन का नेत्र रोग विशेषज्ञ ने ऑपरेशन किया है।

समय पर उपचार लेकर बिना ऑपरेशन भी ठीक हो सकता है भैंगापन
चिकित्सकों के मुताबिक समय पर अगर चश्मा लगाया जाए और उपचार लिया जाए तो भैंगापन ठीक हो सकता है। आंखे में भैंगापन की बीमारी जन्म से होती है या फिर बाद में हो जाती है। ये बीमारी आंख में संक्रमण या मोतिया होना या फिर दिमाग में किसी बीमारी होने के कारण नस दबने से भी हो सकती है। भैंगापन के कारण आंख की रोशनी कमजोर हो जाती है और कई कमजोर नजर के कारण भी भैंगापन की बीमारी होती है। अगर समय रहते इस बीमारी का उपचार किया जाए तो मरीज की आंखों की रोशनी बच सकती है और आंख सीधी हो जाती है। अगर मरीज देरी से ऑपरेशन करवाता है तो आंख सीधी तो हो जाती है लेकिन रोशनी नहीं बचाई जा सकती है। मरीज को समय रहते उपचार करवाना चाहिए।


नागरिक अस्पताल में भैंगापन का सफल ऑपरेशन किया गया है। बच्चे का भी सफल ऑपरेशन हुआ है और उसे एनस्थेसिया भी नहीं दिया गया। इसके अलावा 22 साल के युवक का भी ऑपरेशन किया गया है जिसकी आंखों की नजर भी बढ़ी है। भैंगापन को लेकर समय पर उपचार लेना चाहिए। चश्मा लगाने और दवाई से बीमारी को ठीक किया जा सकता है।
- डॉ.राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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