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Fatehabad News: त्योहार बीतने के बाद 53 सैंपलों की रिपोर्ट आई, जांच में 10 मिले फेल
Sun, 07 Dec 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 07 Dec 2025 11:25 PM IST
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फतेहाबाद में खाद्य एवं ओषधि प्रशासन विभाग कार्यालय
फतेहाबाद। सिस्टम की लापरवाही या फिर औपचारिकता। दिवाली के त्योहार पर जो मिठाइयां आपने खाई उसमें अधिकतर स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं थी। त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले से 54 सैंपल लिए थे, इसमें 53 की रिपोर्ट आ गई है।
इन सैंपलों में 10 फेल मिले हैं। इनमें दो सैंपल ऐसे हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं थे क्योंकि रिपोर्ट में ये असुरक्षित मिले हैं। वहीं आठ सैंपल की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में 29 सितंबर से लेकर 31 अक्तूबर तक 54 सैंपल लिए और इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा था।
जांच के दौरान छेना पनीर और खोया का सैंपल असुरक्षित मिला है। जिले में हालात ये है कि जिला अधिकारी (डीओ) का पद खाली है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) के लिए भी वेटरनरी सर्जन को प्रतिनियुक्ति पर लिया हुआ है।
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मिल्क केक और कलाकंद का सैंपल भी फेल, मसालों में भी मिलावट : लैब से आई रिपोर्ट के मुताबिक दूध, खोया, मिल्क केक, पनीर, कलाकंद और घी का सैंपल सब स्टैंडर्ड मिला है। यानि ये सैंपल मानक के अनुसार नहीं मिले हैं। जो गुणवत्ता होनी चाहिए वह नहीं मिली है। विभाग की तरफ से जांच के लिए 54 सैंपल भेजे थे और एक की रिपोर्ट नहीं आई है। औषधि एवं खाद्य प्रशासन विभाग के अनुसार वर्ष 2024-25 में 445 सैंपल लिए गए। जांच रिपोर्ट में 55 सैंपल सब स्टैंडर्ड मिले हैं। जिसमें दूध के 10, घी के 10, खोया के 8, मिठाई का एक, पैकिंग सब्जी के तीन और मसाला के एक सैंपल शामिल हैं।
9 सैंपल असुरक्षित भी मिले हैं। इसमें घी, खोया और मसाले का सैंपल असुरक्षित मिला है, यानि खाने लायक नहीं है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 4 सैंपल मिस ब्रांड मिले हैं। इनमें मसाला, तेल, घी और गर्म मसाले के सैंपल शामिल हैं।
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असुरक्षित सैंपल पर तीन माह की सजा और जुर्माने का प्रावधान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों अनुसार वर्ष 2024-25 में 60 सैंपल के मामले में अदालत ने 2.52 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। असुरक्षित सैंपल के मामले में सीजेएम कोर्ट तीन लाख तक का जुर्माना कर सकती है। वर्ष 2023-24 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने असुरक्षित के 6 केस सीजेएम कोर्ट में भेजे हैं। इसके अलावा सब स्टैंडर्ड के 43 केस एडीसी कोर्ट में भेजे हैं। एडीसी की कोर्ट ने 53 केसों में मिलावटखोरों पर 4.87 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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विशेषज्ञ बोले-
प्रदेश भर में स्थायी एफएसओ के पद खाली पड़े हैं। वेटरनरी सर्जन को प्रतिनियुक्ति पर लिया हुआ है। पद खाली पड़े हैं, इन्हें सरकार को जल्द से जल्द भरना चाहिए। सैंपल की रिपोर्ट तब ही जल्द आ पाएगी जब लैब होंगी। खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रदेश में सिर्फ करनाल और चंडीगढ़ में ही लैब है।
- सुरेंद्र पूनिया, सेवानिवृत्त एफएसओ
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इन सैंपलों में 10 फेल मिले हैं। इनमें दो सैंपल ऐसे हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं थे क्योंकि रिपोर्ट में ये असुरक्षित मिले हैं। वहीं आठ सैंपल की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में 29 सितंबर से लेकर 31 अक्तूबर तक 54 सैंपल लिए और इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा था।
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जांच के दौरान छेना पनीर और खोया का सैंपल असुरक्षित मिला है। जिले में हालात ये है कि जिला अधिकारी (डीओ) का पद खाली है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) के लिए भी वेटरनरी सर्जन को प्रतिनियुक्ति पर लिया हुआ है।
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मिल्क केक और कलाकंद का सैंपल भी फेल, मसालों में भी मिलावट : लैब से आई रिपोर्ट के मुताबिक दूध, खोया, मिल्क केक, पनीर, कलाकंद और घी का सैंपल सब स्टैंडर्ड मिला है। यानि ये सैंपल मानक के अनुसार नहीं मिले हैं। जो गुणवत्ता होनी चाहिए वह नहीं मिली है। विभाग की तरफ से जांच के लिए 54 सैंपल भेजे थे और एक की रिपोर्ट नहीं आई है। औषधि एवं खाद्य प्रशासन विभाग के अनुसार वर्ष 2024-25 में 445 सैंपल लिए गए। जांच रिपोर्ट में 55 सैंपल सब स्टैंडर्ड मिले हैं। जिसमें दूध के 10, घी के 10, खोया के 8, मिठाई का एक, पैकिंग सब्जी के तीन और मसाला के एक सैंपल शामिल हैं।
9 सैंपल असुरक्षित भी मिले हैं। इसमें घी, खोया और मसाले का सैंपल असुरक्षित मिला है, यानि खाने लायक नहीं है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 4 सैंपल मिस ब्रांड मिले हैं। इनमें मसाला, तेल, घी और गर्म मसाले के सैंपल शामिल हैं।
असुरक्षित सैंपल पर तीन माह की सजा और जुर्माने का प्रावधान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों अनुसार वर्ष 2024-25 में 60 सैंपल के मामले में अदालत ने 2.52 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। असुरक्षित सैंपल के मामले में सीजेएम कोर्ट तीन लाख तक का जुर्माना कर सकती है। वर्ष 2023-24 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने असुरक्षित के 6 केस सीजेएम कोर्ट में भेजे हैं। इसके अलावा सब स्टैंडर्ड के 43 केस एडीसी कोर्ट में भेजे हैं। एडीसी की कोर्ट ने 53 केसों में मिलावटखोरों पर 4.87 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
विशेषज्ञ बोले-
प्रदेश भर में स्थायी एफएसओ के पद खाली पड़े हैं। वेटरनरी सर्जन को प्रतिनियुक्ति पर लिया हुआ है। पद खाली पड़े हैं, इन्हें सरकार को जल्द से जल्द भरना चाहिए। सैंपल की रिपोर्ट तब ही जल्द आ पाएगी जब लैब होंगी। खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रदेश में सिर्फ करनाल और चंडीगढ़ में ही लैब है।
- सुरेंद्र पूनिया, सेवानिवृत्त एफएसओ